इस अवसर पर उन्होंने बताया कि मुख्यालय के दिशा-निर्देशानुसार पीने के पानी की जांच व आम जनता को पानी की शुद्धता के प्रति सजग करने के लिए मोबाइल लैब गांव-गांव जाकर पानी के सैंपल लेकर जांच करेगी। जिला सलाहकार कुसुम जांगड़ा में जानकारी देते हुए बताया कि पीने के पानी के स्रोत का गांव में जाकर मौके पर ही टेस्ट किया जाएगा, ताकि आमजन को स्वच्छ पीने का पानी मिल सके, जिसमें मुख्य रूप से पीएच, एल्कलेनिटी, टी.डी.एस., हार्डनेस, रेज्यूअल क्लोरीन, नाइट्रेट फ्लोराइड, टर्बिडिटी व माइक्रोबायोलॉजिकल मानकों को जांच की जाएगी।
जिला सलाहकार ने बताया कि यह मोबाइल वैन 15 अप्रैल तक पीने के पानी को मौके पर ही जाकर जांच करेगी। वॉटर टेस्टिंग मोबाइल लैब एक दिन में 7 ग्राम पंचायतों की विजिट करेगी। एक ग्राम पंचायत से एक ही सैंपल लिया जाएगा। इसके परिणाम को भारत सरकार विभाग की वेबसाइट पर भी अपडेट किया जाएगा। इसके लिए विभाग की ओर से प्रत्येक दिन का रोड मैप भी बना लिया गया है।
प्राथमिकता के तौर पर उन ग्राम पंचायतों को लिया गया है, जिनकी प्री मानसून केमिकल जांच अभी बाकी है। मोबाइल लैब के साथ बीआरसी संजय कुमार, विश्वास सहरावत, लेब के कर्मचारी पंकज, संदीप, मोबाइल वैन केमिस्ट उज्ज्वल कुमार, सेवानंद और अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
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