उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से ं ‘जल संचय जन भागीदारी : जन जागरूकता की ओर’ थीम के साथ जल शक्ति अभियान कैच दी रेन के छठे संस्करण की शुरूआत की गई है, जिसे सफल बनाने के लिए सभी मिलकर आगे आएं।
उन्होंने बताया कि जल शक्ति अभियान के तहत जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन, जियो-टैगिंग और सभी जल निकायों की सूची बनाना, वैज्ञानिक संरक्षण योजनाओं की तैयारी, सभी जिलों में जल शक्ति केंद्र स्थापित करना,गहन वनरोपण और जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।
उपायुक्त ने कहा कि जल संरक्षण एक राष्ट्रीय प्राथमिकता बन गया है। हमें जल की एक-एक बूंद को आने वाली पीढिय़ों के लिए बचाना होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जल संचय जन भागीदारी अभियान की शुरुआत जल संकट से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस पहल के साथ-साथ भारत सरकार ने जल शक्ति अभियान, अटल भूजल योजना सहित कई कार्यक्रम लागू किए हैं, जिनका उद्देश्य जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देना है।
यह सामूहिक प्रयास प्रभावी भागीदारी, टिकाऊ प्रथाओं और व्यापक जागरूकता के माध्यम से भारत के लिए जल-सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाते हैं। सरकार की ओर से जल संचय जन भागीदारी अभियान के तहत वर्षा जल संचयन को बढ़ाने और दीर्घकालिक जल स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए पुरजोर प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने पलवल जिला में ‘जल संचय जन भागीदारी’ अभियान का सफल क्रियान्वयन करवाने को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए ‘जल संचय जन भागीदारी’ अभियान की सतत मॉनिटरिंग करने की बात कही।
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