इसलिए मच्छरों से फैलने वाली इन बीमारियों से बचाव संबंधित कार्य प्राथमिकता के आधार पर करें। उन्होंने बताया कि गर्मी और बरसात के मौसम में मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों का प्रकोप बढ़ जाता है। ऐसे में सावधानी और सतर्कता से व्यक्ति इन बीमारियों से बच सकता है।
उपायुक्त ने बताया कि जिला नागरिक अस्पताल में डेंगू व मलेरिया की निशुल्क जांच सुविधा उपलब्ध है जिसका आमजन का लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने बताया कि कोई भी बुखार का मरीज नागरिक अस्पताल में पहुंचकर डेंगू व मलेरिया की जांच करा सकता है। उन्होंने बताया कि डेंगू बीमारी को लेकर आम जन की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर 01275-240022 जारी किया हुआ है।
बुखार होने पर निकट के स्वास्थ्य केंद्र पर रक्त की जांच एवं उपचार कराएं। स्वयं किसी भी दवा का सेवन न करें। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि वे जिला में डेंगू व मलेरिया से बचाव व जांच के लिए लोगों को जागरूक करें।
डेंगू व मलेरिया से बचाव के लिए सजग व सतर्क रहने की जरूरत : उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ
उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बताया कि आमजन को गर्मी के मौसम में मलेरिया, डेंगू आदि बीमारियों से बचाव के लिए सजग व सतर्क रहना होगा। जहां भी बरसात का पानी जमा हो जाता है, वहां पर मलेरिया व डेंगू फैलाने वाले मच्छर अंडे देना शुरू कर देते हैं, जिससे मच्छरों की ज्यादा बढ़ोतरी हो जाती है और बीमारी फैलने की संभावना भी बढ़ जाती है।
इसलिए आमजन अपने घरों व दफ्तरों के आसपास पानी एकत्रित न होने दें, यदि पानी की निकासी की सुविधा न हो तो उसमें काला तेल या मिट्टी का तेल डाल दें। उन्होंने आमजन से सप्ताह में प्रत्येक रविवार को ड्राई डे मनाने की अपील करते हुए कहा कि आमजन ड्राई डे के दिन अपने घरों में रखे कूलर, फ्रिज, पानी की टंकियों आदि की अच्छी तरह से सफाई करें।
डेंगू के लक्षण और बचाव :
डेंगू बीमारी की शुरुआत तेज बुखार और सिरदर्द व पीठ में दर्द से होती है। शुरू के दिनों में शरीर के जोड़ों में दर्द होता है।, आंखे लाल हो जाती है। डेंगू बुखार दो से चार दिनों तक होता है उसके बाद शरीर का तापमान धीरे-धीरे अपने आप नॉर्मल होने लगता है। बुखार के साथ ही साथ शरीर में खून की कमी होने लगती है। डेंगू से बचने के लिए मच्छरों के प्रकोप से बचना चाहिए। अपने घरों के आसपास पानी को इकठ्ठा न होने दे।
मलेरिया के लक्षण और बचाव :
मलेरिया में तेज बुखार से ठंड लगना, उल्टी दस्त, तेज पसीना आना तथा शरीर का तापमान 100 डिग्री सेंटीग्रेड से ऊपर बढ़ जाना, सिर दर्द, शरीर में जलन तथा मलेरिया में बुखार आने पर शरीर में कमजोरी होना। मलेरिया से बचाव के लिए घर के आसपास पानी को एकत्रित न होने दे।
सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करे। नीम के पत्ती का धुआं करे। अपने घर के नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पर रक्त की जांच अवश्य करवाने का कार्य करे। बुखार होने पर तुरंत इसकी जांच कराएं, अगर जांच में मलेरिया पाया जाता है तो पूरे 14 दिन तक गोली खाएं।
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