राशनकार्ड कटने के बाद लोग कभी एडीसी कार्यालय जाते है तो कभी नगर निगम तो कभी खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं होती, कोई भी उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं दे रहा, जिससे वह परेशान है। लोगों की समस्याएं सुनने के बाद पूर्व विधायक ललित नागर ने कहा कि मनोहर सरकार केवल कागजों में विकास की बातें कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर इस सरकार ने गरीबों को उजाडऩे का काम किया है। श्री नागर ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों को निशुल्क प्लाट व राशन कार्ड बनवाए ताकि वह अपनी गुजर बसर कर सके, लेकिन भाजपा सरकार में बंदरबाट चल रही है, भाजपा के पार्षदों ने बीपीएल कार्ड सर्वे में अपना तथा अपने चहेते के नाम तो डलवा दिए, लेकिन जो लोग बीपीएल कार्ड के सही पात्र है, उनके नाम नहीं डाले गए। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह इस मामले को गंभीरता से ले और इसकी जांच करवाकर लोगों के नाम राशनकार्ड व बीपीएल कार्ड सूची में पुन: दर्ज करवाएं।
नाम कटने से फरीदाबाद के सैकड़ों गरीबों को राशन मिलना बंद, मिलने लगे धक्के
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फरीदाबाद। तिगांव विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली कई कालोनियों के लोगों के नाम राशन कार्ड सूची से बिना सूचना के हटाने के चलते लोग दर-दर की ठोकरे खाने को मजबूर हो रहे है। गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले इन लोगों को राशन कार्ड से नाम कट जाने के चलते न तो राशन मिल पा रहा है और न ही अन्य प्रकार की सुविधाएं, जिसके चलते यह लोग परेशानी से जूझ रहे है। इसी को लेकर क्षेत्र की ओम एंक्लेव, राशन नगर, सूर्या विहार, विनय नगर, भट्टा कालोनी, सरस्वती कालोनी, दीपावली कालोनी आदि कालोनियों की अनेकों महिला-पुरुष ने पूर्व विधायक ललित नागर से मुलाकात कर उनके समक्ष अपना दुखड़ा रोया। पीडि़त लोगों ने बताया कि पिछली सरकार में उनके राशनकार्ड बने थे और उन्हें राशन डिपो से चावल, गेहूं, चीनी इत्यादि सामग्री मिलती थी, लेकिन पिछले दो-तीन महीनों के दौरान सरकार ने बिना जांच पड़ताल किए, बिना नोटिस के सैकड़ों लोगों के नाम राशन कार्ड से काट दिए है, जिसके चलते उन्हें राशन नहीं मिल पा रहा, और उनके घर का गुजारा करना मुश्किल हो गया है।
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