फरीदाबाद- उनके पास सत्ता की लाठी है, भले ही भैंस खदेड़ ले जाएँ लेकिन फरीदाबाद के उन 26 गांवों के लोगों को ये बात हजम नहीं हो रही है कि उनका गांव नगर निगम क्षेत्र में शामिल हो। तकरीबन हर गांव से आवाज उठने लगी है कि उनके गाँव को निगम क्षेत्र में न शामिल किया जाए। अधिकतर गांव के लोग फरीदाबाद नगर निगम को नरक निगम बता चुके हैं। आज गांव खेड़ी कलां के लोग फरीदाबाद नगर निगम द्वारा 26 गांवो को नगर निगम में मिलाने का पुरजोर तरीके विरोध करते हुए और फरीदाबाद नगर निगम से अपील करते हैं कि पहले आप फरीदाबाद को स्वच्छ, सुंदर और साफ सुथरा बनाएं, पहले फरीदाबाद के 40 वार्डों को स्वच्छ पानी, अच्छी सड़कें, अच्छी सीवरेज सुविधा उपलब्ध कराएं, उसके बाद अपना दायरा बढ़ाएं।
सूत्रों की मानें तो लगभग सवा साल बाद होने वाले नगर निगम चुनावों के लिए इन गांवों को नगर निगम में शामिल किया गया है। इस बार मेयर का डायरेक्ट चुनाव है और यही कारण है कि? लेकिन उन लोगों के लिए अब ये दांव उलटा पड़ता दिख रहा है जिन लोगों ने इन गांवों को निगम क्षेत्र में शामिल करवाया। 6 साल से हरियाणा में भाजपा की सरकार है लेकिन कुछ नेताओं के गलत फैसलों और घपलों घोटालों के कारण लगता है कि भाजपा की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। भाजपा नेता अपना फायदा देख रहे हैं और गलत फैसले ले रहे हैं। अधिकारीयों को अपने फायदे के लिए मोहरा बना रहे हैं।
मेयर की बात करें तो इस बार भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवारों में मुख्य मुकाबला होगा और अगर कांग्रेस किसी मजबूत उम्मीदवार को सिम्बल पर लड़ाती है तो कांटे की टक्कर होगी। हरियाणा भाजपा की महाकमजोरी का फायदा कांग्रेस कितना उठा पाती है ये तो वक्त बताएगा। वर्तमान में हरियाणा भाजपा हद से ज्यादा कमजोर हो चुकी है। तमाम घोटाले और गलत फैसले भाजपा को दिन प्रतिदिन कमजोर कर रहे हैं। हाल में इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला ने एक बयान दिया था जिसमे उन्होंने एक सर्वे का हवाला देते हुए बताया था कि प्रदेश में 10 फीसदी से कम लोग ही भाजपा सरकार को पसंद करते हैं।
26 गांवों के मामले पर ग्रामीणों का दर्द देख अब तक किसी भाजपा नेता ने आवाज नहीं उठाई है। शायद किसी बड़े नेता का खेल है इसलिए भाजपा के छोटे नेता कुछ बोलने से डर रहे हैं। इसका फायदा कांग्रेस को हो रहा है।
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