फरीदाबाद। युवा कांग्रेसी नेता एवं फरीदाबाद के जाने माने वकील राजेश खटाना ने भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार द्वारा कुरूक्षेत्र में गुरूवार को किसानों पर किए गए लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि किसान शांतिपूर्वक अपना प्रर्दशन करने आए थे न कि कोई हिंसा करने आए थे। सरकार द्वारा किसानों,आड़तियों एवं मजदूरों को प्रर्दशन करने से रोकना उनके संवैधानिक अधिकारों का हनन है। उन्होंने कहा कि सरकार पहले से ही किसानों को आर्थिक रूप से बर्बाद करने पर तुली है और अब लाठीचार्ज करके शारीरिक यातनाएं दे रही है।
एडवोकेट खटाना ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार का ये तानाशाही रवैया बेहद शर्मनाक एवं निंदनीय है। अगर सरकार ने किसान विरोधी अध्यादेश वापिस नहीं लिए तो कांग्रेस कार्यकर्ता किसानों के साथ सडक़ो पर उतरेंगे। जारी एक प्रेस बयान में राजेश खतना ने कहा कि केन्द्र की सरकार द्वारा लाए गए तीनों कृषि अध्यादेश किसानों के खिलाफ हैं। 5 जून 2020 को यह अध्यादेश लागू किए गए थे जो कि किसानों के लिए इतिहास का काला दिन था और कांग्रेस पार्टी नें खुल कर इन अध्यादेशों का विरोध किया है।
उन्होंने कहा कि इन अध्यादेशों से किसान बुरी तरह प्रभावित होगा और इन अध्यादेशों के अनुसार फसल की एमएसपी खत्म हो जाएगी, सरकार मंडियों में फसल नहीं खरीदेगी जिससे बड़ी-बड़ी कपंनियां मनमाने दामों पर किसानों की फसल खरीदेगी। आखिरकार किसान अपनी जमीन बेचने पर मजबूर हो जाएगा और अपनी ही जमीन पर मजदूर बनकर रह जाएगा।
उन्होंने कहा कि आज कुरुक्षेत्र में किसानो पर बेरहमी से लाठियां बरसाई गईं। कई किसान घायल हो गए। उन्होंने कहा कि किसानों पर इस तरह का अत्याचार कर खट्टर सरकार ने अपनी तानाशाही रवैया का परिचय दिया है। समय आने पर यही किसान खट्टर सरकार को सबक सिखाएंगे। जुल्म करने वाले ज्यादा समय तक तांडव नहीं मचा पाते हैं।
Post A Comment:
0 comments: