चंडीगढ़/ फरीदाबाद: 11 सितम्बर की सुबह हरियाणा में एक ही चर्चा थी वो थी प्रदेश के पूर्व मंत्री पंडित शिव चरण लाल शर्मा के निधन की। अपने पांच साल के कार्यकाल में वो फरीदाबाद में ही नहीं हरियाणा में छा गए थे और एनआईटी के इतिहास में वो पहले ऐसे नेता थे जिन्होंने क्षेत्र का जमकर विकास करवाया था। क्षेत्र को बहुत आगे ले गए थे लेकिन 2014 में उन्हें हार का मुँह इसलिए देखने को मिला था क्यू कि? कुछ अपने पराये हो गए थे।
इस चुनाव में इनेलो के नगेंद्र भड़ाना ने 47739 वोट लेकर पंडित शिवचरण लाल शर्मा को पराजित किया था और शर्मा दूसरे नंबर पर रहे थे। शर्मा 2914 मतों से हारे थे। इसके बाद जितनी चर्चा भड़ाना की जीत की नहीं हुई इससे ज्यादा पूर्व मंत्री शर्मा की हार की हुई थी। एनआईटी की जनता के लिए उन्होंने कई बड़े सपने देख रखे थे लेकिन 12 सितम्बर को गढ़ गंगा में उनके सपने उनके साथ पंचतत्व में विलीन हो गए।
उनके तीन पुत्र मुकेश शर्मा, मुनेश शर्मा और नीरज शर्मा अब भी उनके सपनों को पूरा करने के लिए अपनी तरफ से हर प्रयास कर रहे है लेकिन सत्ता के बगैर ऐसा संभव नहीं है। जल्द प्रदेश में विधानसभा के चुनाव हैं और उनके तीन पुत्रों में से कोई एक चुनावी मैदान में होगा। कल 8 सितम्बर को पंडित फार्म हॉउस सिरोही में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया है जहाँ पूर्व मंत्री शर्मा की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर उनके मूर्ती स्थापना होगी। माना जा रहा है कि कल एनआईटी के कई हजार लोग पूर्व मंत्री शर्मा को श्रद्धांजलि देने पहुंचेंगे। क्षेत्र में आज इसी बात पर चर्चा हो रही है। क्षेत्र के लोग शिव चरण लाल शर्मा को अब भी बहुत मिस करते हैं। शर्मा विकास पुरुष कहलाते थे लेकिन 11 सितम्बर की रात्रि को, शायद ऊपर भी विकास की जरूरत थी और ऊपर वाले ने उन्हें बुला लिया।
Post A Comment:
0 comments: