नई दिल्ली: देश के करोड़ों लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। चाँद पर उलटा गिरने के बाद भी भारत का विक्रम भला चंगा है। अभी तक कयास लगाए जा रहे थे कि दो किलोमीटर की ऊंचाई से गिरने के बाद विक्रम लैंडर शायद टूट गया होगा इसलिए उसका संपर्क इसरो से टूट गया था।
इस मिशन से जुड़े इसरो के एक ऑफिसर ने बताया कि विक्रम लैंडर पूर्वनिर्धारित जगह के करीब ही खड़ा है। बड़ी बात यह है कि उसमें कोई टूट-फूट नहीं हुई है और पूरा भाग चांद की सतह पर थोड़ा टेड़ा खड़ा है। उन्होंने सोमवार को बताया, 'विक्रम ने हार्ड लैंडिंग की है और ऑर्बिटर के कैमरे ने जो तस्वीर भेजी है, उससे पता चलता है कि वह निर्धारत स्थल के बिल्कुल करीब खड़ा है।
विक्रम टूटा नहीं है और उसका पूरा हिस्सा सुरक्षित है।संपर्क टूटने के बाद देश के वैज्ञानिक लगातार विक्रम की तलाश कर रहे थे और कल रविवार को वैज्ञानिकों को पता चला था कि विक्रम लैंडर उलटा चाँद पर गिरा था। अब वैज्ञानिक आशा जता रहे हैं कि वो किसी तरह विक्रम से संपर्क साध लेकिन। इसकी उम्मीद लगभग 70 फीसदी है। अगर विक्रम से संपर्क फिर साध लिया गया तो भारत इतिहास रच सकता है। चंद्रयान-2 मिशन कामयाब हो सकता है।
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