बैठक में महिला प्रार्थी सविता की शिकायत थी कि 13 वर्ष पहले उन्होंने ऑपरेशन करवाया लेकिन यह ऑपरेशन फेल हो गया और वह कुछ महीने से गर्भवती है। महिला ने आर्थिक हालत कमजोर होने का बताते हुए पेट में पल रहे बच्चे के लिए आर्थिक सुविधा की गुहार लगाई।
इस पर उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने सीएमओ को निर्देश देते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग की तरफ से दी जाने वाली सहायता राशि के लिए इस प्रार्थी का स्पेशल केस बनाकर विभाग के संबंधित उच्च अधिकारियों को भेजा जाए, ताकि महिला को आर्थिक लाभ मिल सके। इसी प्रकार एक महिला ने अपने पति के गुम होने की शिकायत दी, जिस पर उपायुक्त ने एफआईआर दर्ज करवाने के निर्देश दिए।
इसी प्रकार बृजपाल निवासी गौडोता की पानी सप्लाई दिलाने बारे शिकायत का संबंधित विभाग द्वारा समाधान करवा दिया गया और प्रार्थी भी इससे संतुष्ट है। इसी प्रकार सेक्टर-22 गुरुग्राम के रहने वाले मुकुल वत्स की नगर योजनाकार पलवल से, गांव आली ब्राह्मण के सचिव महर्षि दुर्वासा मुरली मनोहर मंदिर न्यास की जिला आबकारी एवं कराधान आयुक्त से, शेखपुरा पलवल के रहने वाली प्रवे की पुलिस अधीक्षक पलवल से, मंडकोला गांव निवासी महेश कुमार की जिला शिक्षा अधिकारी से, गांव अलावलपुर निवासी नरदीप की कार्यकारी अभियंता दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम पलवल से, नगला भीकू गांव की रहने वाली रानी की जिला समाज कल्याण अधिकारी से, दीघोट निवासी प्रताप की कार्यकारी अभियंता पंचायती राज पलवल से, काशीपुर गांव निवासी सुरेश शर्मा की सीएमओ से, फरीदाबाद सेक्टर-21 ए निवासी प्रमोद कुमार की जिला नगर योजनाकार पलवल से, सहदेव नगला के रहने वाले सुशांत की पुलिस अधीक्षक पलवल से, गांव सौंदहद के रहने वाले लेखराम की पुलिस अधीक्षक पलवल से संबंधित शिकायतें प्राप्त हुईं।
इस दौरान बैठक में अन्य शिकायतें भी रखी गईं, जिनका उपायुक्त ने जांच कर उचित समाधान का आश्वासन दिया। उपायुक्त ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा जिला और उपमंडल स्तर पर सोमवार और वीरवार को सुबह 10 से 12 बजे तक समाधान शिविर का आयोजन करवाया जा रहा है। आमजन इन शिविरों में आकर भी अपनी समस्या का निवारण करवा सकता है। समाधान शिविरों में आने वाली शिकायतों का प्राथमिकता के साथ जल्द से जल्द समाधान करवाया जाता है।
बैठक में पृथला विधायक रघुबीर सिंह तेवतिया, पुलिस अधीक्षक वरुण सिंगला, अतिरिक्त उपायुक्त जयदीप, एसडीएम ज्योति, एसडीएम बलीना, सीईओ जिला परिषद जितेंद्र कुमार, नगराधीश अप्रतिम सिंह, सिविल सर्जन डा. सत्येंद्र वशिष्ठ, डीडीपीओ उपमा अरोड़ा सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।