Faridabad Assembly

Palwal Assembly

Faridabad Info

Search This Blog

Recent PostAll the recent news you need to know

डेंगू व मलेरिया से बचाव व जांच के लिए लोगों को जागरूक करें स्वास्थ्य विभाग : DC

DC-HARISH-KUMAR-VASHISHT-PALWAL

पलवल, 3 अप्रैल। जिला में डेंगू व मलेरिया सहित मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के मद्देनजर उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने जिले वासियों से सावधानी बरतने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि गर्मी विशेषकर बरसात के दिनों में डेंगू व मलेरिया जैसी बीमारियां फैलने का अंदेशा अधिक रहता है। 

इसलिए मच्छरों से फैलने वाली इन बीमारियों से बचाव संबंधित कार्य प्राथमिकता के आधार पर करें। उन्होंने बताया कि गर्मी और बरसात के मौसम में मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों का प्रकोप बढ़ जाता है। ऐसे में सावधानी और सतर्कता से व्यक्ति इन बीमारियों से बच सकता है।

उपायुक्त ने बताया कि जिला नागरिक अस्पताल में डेंगू व मलेरिया की निशुल्क जांच सुविधा उपलब्ध है जिसका आमजन का लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने बताया कि कोई भी बुखार का मरीज नागरिक अस्पताल में पहुंचकर डेंगू व मलेरिया की जांच करा सकता है। उन्होंने बताया कि डेंगू बीमारी को लेकर आम जन की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर 01275-240022 जारी किया हुआ है। 

बुखार होने पर निकट के स्वास्थ्य केंद्र पर रक्त की जांच एवं उपचार कराएं। स्वयं किसी भी दवा का सेवन न करें। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि वे जिला में डेंगू व मलेरिया से बचाव व जांच के लिए लोगों को जागरूक करें।

डेंगू व मलेरिया से बचाव के लिए सजग व सतर्क रहने की जरूरत : उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ

उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बताया कि आमजन को गर्मी के मौसम में मलेरिया, डेंगू आदि बीमारियों से बचाव के लिए सजग व सतर्क रहना होगा। जहां भी बरसात का पानी जमा हो जाता है, वहां पर मलेरिया व डेंगू फैलाने वाले मच्छर अंडे देना शुरू कर देते हैं, जिससे मच्छरों की ज्यादा बढ़ोतरी हो जाती है और बीमारी फैलने की संभावना भी बढ़ जाती है। 

इसलिए आमजन अपने घरों व दफ्तरों के आसपास पानी एकत्रित न होने दें, यदि पानी की निकासी की सुविधा न हो तो उसमें काला तेल या मिट्टी का तेल डाल दें। उन्होंने आमजन से सप्ताह में प्रत्येक रविवार को ड्राई डे मनाने की अपील करते हुए कहा कि आमजन ड्राई डे के दिन अपने घरों में रखे कूलर, फ्रिज, पानी की टंकियों आदि की अच्छी तरह से सफाई करें।

डेंगू के लक्षण और बचाव :

डेंगू बीमारी की शुरुआत तेज बुखार और सिरदर्द व पीठ में दर्द से होती है। शुरू के दिनों में शरीर के जोड़ों में दर्द होता है।, आंखे लाल हो जाती है। डेंगू बुखार दो से चार दिनों तक होता है उसके बाद शरीर का तापमान धीरे-धीरे अपने आप नॉर्मल होने लगता है। बुखार के साथ ही साथ शरीर में खून की कमी होने लगती है। डेंगू से बचने के लिए मच्छरों के प्रकोप से बचना चाहिए। अपने घरों के आसपास पानी को इकठ्ठा न होने दे।

मलेरिया के लक्षण और बचाव :

मलेरिया में तेज बुखार से ठंड लगना, उल्टी दस्त, तेज पसीना आना तथा शरीर का तापमान 100 डिग्री सेंटीग्रेड से ऊपर बढ़ जाना, सिर दर्द, शरीर में जलन तथा मलेरिया में बुखार आने पर शरीर में कमजोरी होना। मलेरिया से बचाव के लिए घर के आसपास पानी को एकत्रित न होने दे। 

सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करे। नीम के पत्ती का धुआं करे। अपने घर के नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पर रक्त की जांच अवश्य करवाने का कार्य करे। बुखार होने पर तुरंत इसकी जांच कराएं, अगर जांच में मलेरिया पाया जाता है तो पूरे 14 दिन तक गोली खाएं।

हर अभिभावक अपनी बेटी को शिक्षित कर आत्मनिर्भर बनाएं : रेणु भाटिया

Renu-Bhatia-Chairperson-of-Haryana-Women-Commission

फरीदाबाद, 03 अप्रैल। हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष  रेणु भाटिया ने वीरवार को जिला फरीदाबाद के एसीपी और सभी महिला थानों की एसएचओ के साथ बैठक कर महिला विरूद्ध अपराधों से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। साथ ही मीडिया के माध्यम से सभी अभिभावकों से आह्वान किया कि वह अपनी बेटियों को शिक्षित कर आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दें। इससे समाज में एक सकारात्मक बदलाव लाने के साथ ही बेटियों को जागरूक बनाने में मदद मिलेगी।

महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया ने कहा कि महिला आयोग का कार्य पुलिस विभाग से जुड़ा हुआ है। आय़ोग की ओर से सुलझाए जाने वाले मामलों पर पुलिस विभाग की पूर्ण भागीदारी होती है। पुलिस की कार्रवाई के लिए लोगों में भय भी बना रहता है। ऐसे में महिला आयोग और पुलिस विभाग कई अभियान पर साथ मिलकर कार्य कर रहे हैं। इससे जन समस्या सुलझाने के साथ आमजन को जागरूक करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने पुलिस विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट करते हुए कहा कि जन हित में कोई मामला लंबित न रहे। जिले के विचाराधीन मामले पर जल्द से जल्द निपटारा कर रिपोर्ट महिला आयोग को भेजे। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी के लिए महिला आयोग निरंतर कार्य कर रहा है और आयोग की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लंबित मामले का हल निकाला जाए।

उन्होंने कहा कि आयोग का शुरू से ही प्रयास रहा है कि महिला उत्पीड़न से संबंधित सभी मामलों का शत प्रतिशत निदान निकाला जाए। इसी कड़ी में आयोग की ओर से पुलिस अधिकारियों के साथ बैठकों का दौर जारी है। इससे आयोग और पुलिस अधिकारियों के बीच समन्वय बनाकर काम करने में मदद मिलेगी। साथ ही समय अनुसार कार्य का निपटारा किया जा सकेगा।

उन्होंने बताया की हरियाणा स्टेट कमीशन फॉर वूमेन ने महिलाओं के लिए  व्हाट्सएप नंबर 9560080115 जारी किया है। इस व्हाट्सएप नंबर के जरिए महिलाएं अपने साथ हो रही घरेलू हिंसा और अन्य शिकायतें हरियाणा महिला आयोग में दर्ज करवा सकती है।

VC के जरिये समाधान शिविर में जुड़े CM नायब सिंह सैनी

CM-Naib-Singh-Saini-connected-with-Samadhan-Camp-through-VC

फरीदाबाद, 03अप्रैल। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के सभी जिलों में चल रहे समाधान शिविरों की आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की। उन्होंने समाधान शिविर में उपस्थित अधिकारियों और शिकायतकर्ताओं से बातचीत कर उनकी समस्याओं को सुनकर मौजूद अधिकारियों को उनका जल्द से जल्द निवारण करने के निर्देश दिए।   

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा, "सरकार जनता की सेवा के प्रति पूर्णतया प्रतिबद्ध है। समाधान शिविरों के माध्यम से सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर जनता की शिकायत जिला लेवल की है तो उनका तुरंत समाधान किया जाए और यदि जिला स्तर पर किसी समस्या का हल नहीं होता, तो उसे मुख्यालय तक भेजा जाए ताकि समस्या को देखते हुए आवश्यकता पड़ने पर जनकल्याण के लिए नई नीतियों को भी लागू किया जा सके।  

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के उपरांत उपायुक्त (डीसी) विक्रम सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उपमंडल स्तर के अधिकारी अपने कार्यालय में अन्य विभागीय अधिकारियों के साथ मिलकर समाधान शिविर में उपस्थिति सुनिश्चित करें। चुनाव के कारण लंबित शिकायतों पर भी तुरंत संज्ञान लें। सुनिश्चित करें कि लोगों को किसी भी प्रकार की समस्या न हो। इसके साथ ही सीएम विंडो पर लंबित शिकायतों का भी निपटान कर उपायुक्त कार्यालय में स्टेट रिपोर्ट प्रस्तुत करें। 

डीसी ने कहा कि जनता की समस्याओं का शीघ्र समाधान कराना हमारी प्राथमिकता है। समाधान शिविर का उद्देश्य प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद को बढ़ावा देना है, जिससे लोगों की समस्याओं का समाधान शीघ्रता से किया जा सके। इसके अलावा कोई भी सीएम विंडो पर लंबित शिकायत नहीं रहनी चाहिए और रोजाना चल रहे समाधान शिविर में आई शिकायतों का यथा संभव समाधान उसी समय किया जाए।

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा सभी विभागों को निर्देश जारी किए गए हैं कि वे हर कार्य दिवस आयोजित होने वाले समाधान शिविर में उपस्थित रहकर लोगों की शिकायतों का मौके पर निपटारा करें।  शिविर में डीसी ने समाधान शिविर में आने वाली शिकायतों का विवरण भी लिया। इसमें प्रमुख रूप से प्रॉपर्टी आईडी, परिवार पहचान पत्र, जमीन का पंजीकरण, समाज कल्याण पेंशन, राशन कार्ड से संबंधित मामले मिले। 

शिकायतों के निवारण के लिए संबंधित विभाग के अधिकारी व टीम शिविर में तुरंत समाधान करने के निर्देश जारी कर उन्होंने शिकायतकर्ताओं से कहा कि शिकायत का निवारण न होने पर सक्षम अधिकारी के संज्ञान में मामला जरूर लेकर आएं। इससे मामलों के निष्पादन में तेजी आती है। जनहित के लिए प्रशासन का प्रत्येक अधिकारी तत्पर है।

समाधान शिविर में डीसीपी उषा कुंडू, एसडीएम फरीदाबाद शिखा, एसीपी विनोद कुमार सहित अन्य सभी संबंधित विभागों के विभागाध्यक्ष मौजूद रहे। 

गैर कानूनी तरीके से गर्भपात पर होगी सख्त कार्रवाई : DC

DC-VIKRAM-SINGH-FARIDABAD

फरीदाबाद, 03 अप्रैल। टीबी मुक्त अभियान के द्वारा प्रदेश सहित देश को भी टीबी मुक्त बनाना है और यह तभी संभव होगा जब समाज का प्रत्येक वर्ग इस अभियान में जुड़कर अपना सहयोग करे। यह बात उपायुक्त(डीसी) विक्रम सिंह ने आज सेक्टर-12 स्थित लघु सचिवालय के बैठक कक्ष में आयोजित टीबी मुक्त पंचायत कार्यक्रम में कही। 

टीबी मुक्त पंचायत कार्यक्रम में जिला फरीदाबाद की टीबी मुक्त पंचायतों को पुरस्कृत किया गया जिनमें ग्राम पंचायत जुन्हैड़ा, भटपुरा और खेड़ा को टीबी मुक्त पंचायत कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए रजत पदक और साथ ही 42 ग्राम पंचायतों को कांस्य पदक देकर सम्मानित किया।

डीसी विक्रम सिंह ने सभी ग्राम पंचायतों के सरपंचों की प्रशंसा करते हुए आगे भी टीबी मुक्त पंचायत कार्यक्रम में अपना योगदान देने के लिए कहा और साथ ही सभी ग्राम सरपंचों से नशा मुक्त हरियाणा अभियान में अपने गांवों की सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गावों में नशे के विरुद्ध जागरूक बनें। 

किसी मामले में प्रशासनिक कार्रवाई की आवश्यकता पर तुरंत शिकायत दें इससे दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि आगामी 10 अप्रैल को जिला में आने वाली साइक्लोथोन 2.0 में ज्यादा से ज्यादा जुड़े साथ ही अपने ग्राम पंचायत की महिलाओं को भी इस साइकिल यात्रा यात्रा में जोड़े ताकि प्रदेश सरकार का नशे के खिलाफ यह संदेश हर वर्ग में जाए।

उन्होंने सभी ग्राम सरपंचों को बताया कि प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन अवैध तरीके से होने वाले गर्भपात के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। इन मामलों में लिप्त पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। यदि किसी भी क्षेत्र में ऐसा होता है तो वह उसकी जानकारी संबंधित अधिकारी को दे और अगर उस पर कार्रवाई न हो तो तुरंत उच्च अधिकारी को सूचना दें। सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा। कार्यक्रम के अंत में डीसी विक्रम सिंह ने सभी को टीबी मुक्त भारत में सफल भागीदारी के लिए शपथ दिलायी ।

बैठक में सीएमओ डॉ जयंत आहूजा, डीडीपीओ प्रदीप कुमार सहित विभिन्न ग्रामों के सरपंच एवं सम्बन्धित अधिकारी शामिल रहे।

पलवल के गांवों में जल परीक्षण वैन करेगी पीने के पानी की जांच


पलवल, 2 अप्रैल। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की ओर से प्रदेश के सभी जिलों में मोबाइल जल परीक्षण वैन के माध्यम से ग्राम पंचायतों में पीने के पानी के सैंपल लेकर मौके पर ही उसकी केमिकल जांच की जा रही है। इसी कड़ी में अप्रैल माह में जिला के गांवों में मोबाइल वैन के माध्यम से पीने के पानी की जांच की जाएगी। बुधवार को विभाग के कार्यकारी अभियंता हेमंत कुमार ने विभाग परिसर में मोबाइल जल परीक्षण वैन को रवाना किया।

इस अवसर पर उन्होंने बताया कि मुख्यालय के दिशा-निर्देशानुसार पीने के पानी की जांच व आम जनता को पानी की शुद्धता के प्रति सजग करने के लिए मोबाइल लैब गांव-गांव जाकर पानी के सैंपल लेकर जांच करेगी। जिला सलाहकार कुसुम जांगड़ा में जानकारी देते हुए बताया कि पीने के पानी के स्रोत का गांव में जाकर मौके पर ही टेस्ट किया जाएगा, ताकि आमजन को स्वच्छ पीने का पानी मिल सके, जिसमें मुख्य रूप से पीएच, एल्कलेनिटी, टी.डी.एस., हार्डनेस, रेज्यूअल क्लोरीन, नाइट्रेट फ्लोराइड, टर्बिडिटी व माइक्रोबायोलॉजिकल मानकों को जांच की जाएगी। 

जिला सलाहकार ने बताया कि यह मोबाइल वैन 15 अप्रैल तक पीने के पानी को मौके पर ही जाकर जांच करेगी। वॉटर टेस्टिंग मोबाइल लैब एक दिन में 7 ग्राम पंचायतों की विजिट करेगी। एक ग्राम पंचायत से एक ही सैंपल लिया जाएगा। इसके परिणाम को भारत सरकार विभाग की वेबसाइट पर भी अपडेट किया जाएगा। इसके लिए विभाग की ओर से प्रत्येक दिन का रोड मैप भी बना लिया गया है। 

प्राथमिकता के तौर पर उन ग्राम पंचायतों को लिया गया है, जिनकी प्री मानसून केमिकल जांच अभी बाकी है। मोबाइल लैब के साथ बीआरसी संजय कुमार, विश्वास सहरावत, लेब के कर्मचारी पंकज, संदीप, मोबाइल वैन केमिस्ट उज्ज्वल कुमार, सेवानंद और अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। 

6 अप्रैल को राष्ट्रीय व्यापी हड़ताल को लेकर होगी संघ की राज्य कार्यकारिणी की बैठक : नरेश शास्त्री

Naresh-Kumar-Shastri-State-President-Municipal-Employees-Union-Haryana

फरीदाबाद, 2 अप्रैल। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर आज दर्जनों विभागों के कर्मचारियों ने अपने-अपने कार्यालय के समक्ष जोरदार गेट मीटिंग कर केंद्र सरकार द्वारा तैयार किए गए ड्राफ्ट में पेंशन भोगियों को आठवें वेतन आयोग के लाभ से वंचित करने के विरोध में व कर्मचारियों को दिए गए डीए की किस्त में किए गए भेदभाव करते हुए  2प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी करने, हरियाणा कौशल रोजगार निगम में लगे कर्मचारियों की छटनी करने, हरियाणा में आठवां वेतन आयोग का अलग से गठन करने की मांग को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किये। 

विरोध प्रदर्शन की श्रृंखला में विभिन्न विभागों की यूनियनों ने हिसा लिया जैसे  बिजली यूनियन ,हुड्डा वर्कर यूनियन 550, मैकेनिकल वर्कर यूनियन, हरियाणा रोडवेज, नगर निगम, स्वास्थ्य कर्मचारी, इरिगेशन व अन्य निगम बोर्ड कारपोरेशन के कर्मचारियों ने भी हिस्सा लिया।  

सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष व नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य अध्यक्ष नरेश कुमार शास्त्री ने बताया कि अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी फैडरेशन के आव्हान पर 20 मई को होने वाली राष्ट्रीय व्यापी हड़ताल की तैयारियों के लिए भी संघ ने कमर कस ली है। राष्ट्रीय व्यापी हड़ताल को सफल बनाने के लिए 6 अप्रैल को कर्मचारी भवन रोहतक में होगी संघ की राज्य कार्यकारिणी की बैठक ।  

शास्त्री ने बताया कि केंद्रीय वित्त मंत्री ने 25 मार्च को विपक्षी दलों के विरोध के बावजूद संसद में वित्त विधेयक पेश करते समय भाग(IV) मैं हित धारकों के साथ कोई चर्चा किए बिना पेंशन भोगियों के हितों के खिलाफ सीसीएस (पेंशन) नियमों में संशोधन किया है, संशोधन में मौजूद पेंशन भोगियों को आठवें वेतन आयोग के लाभों से बाहर रखा गया है, और उन्हें केवल उन केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए लागू किया गया है, जो आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने के बाद सेवानिवृत होंगे उन्हें बताया कि एक रैंक एक पेंशन हमेशा सशस्त्र बलों के कर्मियों की मांग रही है। 

और भूतपूर्व और भावी पेंशन भोगियों के बीच समानता केंद्र सरकार के नागरिक पेंशन भोगियों की मांग है। पांचवें केंद्रीय वेतन आयोग और छठे केंद्रीय वेतन आयोग ने भूतपूर्व और भावी पेंशन भोगियों के बीच समानता प्राप्त करने की आवश्यकता के बारे में विशेष रूप से सिफारिश की है। 

इसी प्रकार सातवें केंद्रीय वेतन आयोग ने भी 1 जनवरी 2016 से पहले सेवानिवृत हुए पेंशन भोगियों और इसके बाद सेवानिवृत हुए पेंशन भोगियों के बीच समानता की सिफारिश की थी सर्वोच्च न्यायालय ने सिविल अपील संख्या 10857/2016 में अपने फैसले में स्पष्ट रूप से फैसला दिया है, कि संशोधित पेंशन प्रदान करने के उद्देश्य से पेंशन भोगियों की दो श्रेणियां बनाने का कोई वैध औचित्य नहीं।

सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के जिला प्रधान करतार सिंह जागलान जिला सचिव युद्धवीर सिंह खत्री ने कहा कि सरकार एक तरफ तो कर्मचारियों को कच्ची नौकरी की गारंटी की बात कर रही है और दूसरी तरफ हरियाणा कौशल रोजगार निगम में लगे  कर्मचारियों को नौकरी से बाहर करने का काम कर रही है। 

सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा इसको बर्दाश्त नहीं करेगा उन्होंने कहा कि प्रदेश में की जा रही कर्मचारियों की छटनी विभागों को ठेकेदारों के हवाले करने और जनता के लिए बनाए गए महाकों को बंद करने के षड्यंत्र के खिलाफ संघ निकट भविष्य में बड़ा आंदोलन करेगा उन्होंने सभी विभागों के कर्मचारियों से आंदोलन के लिए कमर कस लेने के लिए भी  अपील की।

आज के इन प्रदर्शनों में मुख्य रूप से बिजली विभाग के नेता शब्बीर खान ,कृष्ण कुमार कालीरमन, विनोद शर्मा, नगरपालिका कर्मचारी संघ, हरियाणा के जिला प्रधान दिलीप सिंह बहोत, जिला सचिव अनिल चंडालिया, नगर निगम सफाई कर्मचारी के प्रधान बलबीर सिंह बालगोहर, वरिष्ठ उप प्रधान श्री नंद ढाकोलिया, सचिन महेंद्र कुड़ीया, मैकेनिकल वर्कर यूनियन के नेता जगदीश शर्मा, हरियाणा टूरिज्म यूनियन के नेता सुभाष देशवाल, दिगंबर डागर सहित अन्य विभागों के नेताओं ने भी भाग लिया।


आने वाली पीढ़ियों के लिए जल की एक-एक बूंद बचाना जरूरी : DC

DC-HARISH-KUMAR-VASHISHT-PALWAL

पलवल, 2 अप्रैल। उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठï ने जिलावासियों से भू-जल स्तर में सुधार लाने और प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण व संवर्धन हेतु केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित किए जा रहे ‘जल संचय जन भागीदारी’ अभियान में बढ़चढक़र भागीदारी करते हुए अभियान को सफल बनाने का आह्वïान किया। उन्होंने कहा कि हमें आने वाली पीढिय़ों के लिए जल की एक-एक बूंद बचाना जरूरी है। 

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से ं ‘जल संचय जन भागीदारी : जन जागरूकता की ओर’ थीम के साथ जल शक्ति अभियान कैच दी रेन के छठे संस्करण की शुरूआत की गई है, जिसे सफल बनाने के लिए सभी मिलकर आगे आएं। 

उन्होंने बताया कि जल शक्ति अभियान के तहत जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन, जियो-टैगिंग और सभी जल निकायों की सूची बनाना, वैज्ञानिक संरक्षण योजनाओं की तैयारी, सभी जिलों में जल शक्ति केंद्र स्थापित करना,गहन वनरोपण और जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।

उपायुक्त ने कहा कि जल संरक्षण एक राष्ट्रीय प्राथमिकता बन गया है। हमें जल की एक-एक बूंद को आने वाली पीढिय़ों के लिए बचाना होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जल संचय जन भागीदारी अभियान की शुरुआत जल संकट से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस पहल के साथ-साथ भारत सरकार ने जल शक्ति अभियान, अटल भूजल योजना सहित कई कार्यक्रम लागू किए हैं, जिनका उद्देश्य जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देना है। 

यह सामूहिक प्रयास प्रभावी भागीदारी, टिकाऊ प्रथाओं और व्यापक जागरूकता के माध्यम से भारत के लिए जल-सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाते हैं। सरकार की ओर से जल संचय जन भागीदारी अभियान के तहत वर्षा जल संचयन को बढ़ाने और दीर्घकालिक जल स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए पुरजोर प्रयास किए जा रहे हैं। 

उन्होंने पलवल जिला में ‘जल संचय जन भागीदारी’ अभियान का सफल क्रियान्वयन करवाने को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए ‘जल संचय जन भागीदारी’ अभियान की सतत मॉनिटरिंग करने की बात कही।

कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने नगर निगम और बिजली विभाग के अधिकारिओं को दिए निर्देश

cabinet-minister-vipul-goyal-haryana

फरीदाबाद: सेक्टर 16-A सर्किट हाउस में बुधवार को कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल की अध्यक्षता में फरीदाबाद विधानसभा के समस्त नवनिर्वाचित पार्षदों, नगर निगम अधिकारियों एवं बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की संयुक्त बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में विपुल गोयल के साथ खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मंत्री राजेश नागर भी उपस्थित थें। 

इस महत्वपूर्ण बैठक का उद्देश्य सभी विभागों और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था, ताकि वार्डों के विकास कार्यों को सुचारू रूप से संचालित किया जा सके और फरीदाबाद के नागरिकों को उच्च स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

विकास कार्यों में गति लाने के निर्देश

बैठक के दौरान नागरिक सुविधाओं की बेहतरी को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी कार्यशैली पूरी तरह से परिणाम-आधारित है, और उनके लिए वही अधिकारी व जनप्रतिनिधि महत्वपूर्ण हैं जो पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ कार्य करते हैं। उन्होंने नगर निगम और बिजली विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सभी पार्षदों के साथ तालमेल बनाकर कार्य करें और किसी भी विकास परियोजना को अनावश्यक रूप से लंबित न रखें।

विपुल गोयल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जो भी विकास कार्य वर्तमान में चल रहे हैं, उन्हें तय समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए। यदि किसी भी कार्य में अनावश्यक देरी होती है, तो इसे संबंधित अधिकारी की लापरवाही मानी जाएगी और उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।

मानसून से पहले जलभराव रोकने की प्राथमिकता

बैठक में मानसून से पहले शहर को जलभराव मुक्त बनाने को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया। कैबिनेट मंत्री ने स्पष्ट किया कि जल निकासी व्यवस्था को समय रहते दुरुस्त किया जाए, ताकि बरसात के दौरान लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इस संदर्भ में उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिया कि नालों और सीवर लाइनों की सफाई का कार्य तत्काल प्रभाव से शुरू किया जाए और नियमित रूप से इसकी निगरानी की जाए।

उन्होंने जल आपूर्ति, सफाई व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य बुनियादी सुविधाओं की भी समीक्षा की और सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे मिलकर कार्य करें, जिससे नागरिकों को बेहतर सेवाएँ मिल सकें।

बिजली विभाग को पूरी तैयारी के निर्देश

बैठक में बिजली विभाग के अधिकारियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। विपुल गोयल ने बिजली विभाग को आगाह किया कि आगामी गर्मी और मानसून के दौरान ट्रांसफार्मरों पर लोड बढ़ेगा, जिससे बिजली आपूर्ति में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे पहले से ही सभी आवश्यक तैयारियाँ कर लें, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में त्वरित समाधान किया जा सके।

उन्होंने कहा कि सभी आवश्यक उपकरणों को रिपेयर स्टोरेज में उपलब्ध रखा जाए और विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए एक कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि किसी भी तकनीकी खराबी की स्थिति में जल्द से जल्द कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि नागरिकों को परेशानी न हो।

शहरी विकास में स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल की महत्वपूर्ण भूमिका

गौरतलब है कि कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल के पास शहरी स्थानीय निकाय विभाग की जिम्मेदारी है, जिससे नगर निगम के कार्यों में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। उनके मार्गदर्शन में फरीदाबाद के शहरी विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

इस बैठक के माध्यम से पार्षदों, नगर निगम और बिजली विभाग के बीच समन्वय को और अधिक सशक्त बनाने का कार्य हुआ, जिससे विकास परियोजनाएँ निर्बाध रूप से पूरी हो सकें और फरीदाबाद के नागरिकों को आधुनिक सुविधाएं प्रदान की जा सकें। मंत्री गोयल ने आश्वासन दिया कि उनकी सरकार शहर के विकास और जनकल्याण के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में भी इसी तत्परता से कार्य किए जाएंगे।

खनन माफियाओं पर फरीदाबाद प्रशासन का बड़ा वार, सख्त कार्रवाई के निर्देश

Faridabad-administration-strict-on-mining-mafia

फरीदाबाद, 02 अप्रैल। महानिदेशक पांडुरंग और उपायुक्त विक्रम सिंह के निर्देशों के तहत जिला प्रशासन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अवैध खनन पर सख्त नियंत्रण बनाए रखने के लिए निरंतर कठोर अभियान चलाया जा रहा है। आज बुधवार को खनन विभाग और अन्य संबंधित विभागों की संयुक्त टीम ने सेक्टर- 27 सी, सेक्टर- 42, बड़खल रोड सूरजकुंड और पाली से जुड़े क्षेत्रों का अचानक निरीक्षण किया और वाहनों की जांच की।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशों के तहत, खनन विभाग के महानिदेशक के.एम. पांडुरंग स्वयं विभागीय गतिविधियों की निगरानी कर रहे हैं और आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान कर रहे हैं। सरकार का मुख्य उद्देश्य खनन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना और अवैध खनन को समाप्त करना है। महानिदेशक के आदेशों के अनुसार, विभागीय टीम पूरी सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का पालन कर रही है और सभी आवश्यक पहलुओं पर ध्यान केंद्रित कर रही है।                                                      

जिला खनन अधिकारी कमलेश बिधलान ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि निरीक्षण के दौरान सभी वाहनों के पास वैध ई-रवाना बिल पाए गए। उन्होंने यह भी बताया कि चेकिंग के दौरान किसी भी स्थान पर अवैध खनन की गतिविधि नहीं पाई गई है, और यदि कहीं भी नियमों का उल्लंघन होता है, तो वे तुरंत आवश्यक कार्रवाई करेंगी। खनन विभाग की टीम राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य मार्गों और अन्य प्रमुख रास्तों पर लगातार सक्रिय रूप से तैनात है। 

उन्होंने यह भी कहा कि जिले में उन स्थानों पर जहां अवैध खनन की संभावना अधिक है, वहां पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। इसके अंतर्गत जिले के विभिन्न इलाकों में अचानक निरीक्षण किए जा रहे हैं और दोषियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जा रहे हैं। हरियाणा सरकार का स्पष्ट और मजबूत निर्णय है कि राज्य में अवैध खनन किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं होगा और इसमें संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मोहना अनाज मंडी का दौरा कर ACS ने फसल खरीद की तैयारियों का लिया जायजा

Dr.-Amit-Agarwal-Commissioner-and-Secretary-Government-of-Haryana

फरीदाबाद 02 अप्रैल 2025। हरियाणा सरकार के आय़ुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल बुधवार सुबह मोहना अनाज मंडी के निरीक्षण दौरे पर रहे। उन्होंने गेहूं की आवक व खरीद प्रक्रिया की मौजूदा स्थिति का जायजा लेते हुए प्रशासन की ओर से की गई तैयारी परखी। इस दौरान किसान, आढ़ती व अन्य संबंधित हितधारकों से चर्चा कर सीधे फीडबैक लिया।

मोहना अनाज मंडी में किसानों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का ध्येय किसान के हितों का ध्यान रखना है। सीएम के निर्देश पर राज्य के प्रत्येक जिले में एक-एक आला अधिकारी को सीधे फीडबैक लेने व किसानों की फसल खरीद से जुड़ी प्रत्येक समस्या का समाधान करने का जिम्मा सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश की पालना में उनका निरीक्षण दौरा सुनिश्चित किया गया है। 

मौके पर किसानों ने भी बीते दस वर्षों में आए बदलावों पर चर्चा करते हुए सरकार के सार्थक प्रयासों पर बात की। सचिव ने मौके पर मौजूद संबंधित अधिकारियों को भी निर्देश देते हुए कहा कि तकनीकी खामी के कारण किसान हित में बाधा न आए, यह हर हाल में सुनिश्चित करें। नियमानुसार फसल खरीद का भुगतान किसानों मिलना चाहिए।

डॉ अमित अग्रवाल ने किसानों के साथ सार्थक चर्चा करते हुए बीते दस वर्षों में किसान हित में किए गए पॉलिसी बदलावों पर बात की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पड़ोसी राज्यों की तुलना में प्रदेश के किसानों को अधिक लाभ दिए जा रहे है। 

सरकार का एकमात्र उद्देश्य जनहित है। उन्होंने कहा कि किसान व कृषि कार्यों से जुड़े हितधारकों की समस्या व सुझाव पर सरकार का पूरा फोकस है। उन्होंने हितधारकों को आश्वस्त किया कि बीते वर्ष में आई किसी भी समस्या का इस बार दोहराव नहीं होगा। अधिकारी अपने स्तर पर फसल खरीद, उठान व भंडारण के अलावा मंडी में मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करेंगे।

समन्वय स्थापित कर फसल खरीद की सफलता का बनें उदाहरण

मंडी दौरे पर रहे सरकार के आय़ुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने सबसे पहले साफ-सफाई, खरीद के लिए लाए गेहूं की गुणवत्ता, बारदाने की उपलब्धता के साथ ही फसल आवक के भंडारण इंतजाम देखे। साथ ही फसल खरीद से जुड़े हितधारकों से उनकी समस्या व मौजूदा स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने सभी हितधारकों से आह्वान करते हुए कहा कि फसल खरीद प्रक्रिया को आपसी समन्वय से सफल बनाएं। 

प्रशासन व संबंधित एजेंसी के सहयोग से कार्य को निर्बाध जारी रखें। प्रयास करें कि प्रदेश फसल खरीद प्रक्रिया में सफलता का एक उदाहरण बने। चर्चा में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए आढ़ती एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने बताया कि फसल की आवक के बाद टेंडर के जरिए फसल उठान करने वाले निजी ट्रांसपोर्टर के कारण गोदाम में फसल पहुंचने में देरी होती है। फसल खरीद सुचारू बनाए रखने के लिए ट्रांसपोर्टेशन का जिम्मा आढ़ती एसोसिएशन ने अपने स्तर पर कराने की मांग रखी। सचिव ने उन्हें आश्वस्त किया कि वह इस मामले को स्पेशल केस के रूप में मुख्यालय पर रखेंगे।

इस दौरान सीईओ जिला परिषद सतबीर मान, एसडीएम बड़खल त्रिलोक चंद, एसडीएम फरीदाबाद शिखा, एसडीएम बल्लभगढ़ मयंक भारद्वाज, मार्किट कमेटी के अधिकारियों सहित आढ़ती और किसान मौजूद रहे।