10 लाख के इनाम के चक्कर में चार लोग कर रहे हैं साक्षी मलिक के कोच होने का दावा

Chandigarh 01 October 2016: रियो ओलंपिक में कांस्य पदक विजेता साक्षी मलिक के असली कोच को लेकर विवाद बढ़ गया है। चार लोगों ने उनका कोच होने का दावा किया है। इस बीच साक्षी ने हलफनामा देकर साफ कर दिया है कि ईश्वर दहिया और मंदीप सिंह ही उनके कोच हैं। लेकिन सरकार ने विवाद को देखते हुए कोच को दी जाने वाली इनाम राशि रोक दी है। सरकार अब इस मामले की जांच करवायेगी।

खेल नीति के तहत पदक विजेता खिलाड़ी के एक कोच को 10 लाख रुपये का नकद इनाम और पदोन्नति दी जाती है। चूंकि साक्षी प्रदेश की अकेली खिलाड़ी हैं, जिसने रियो ओलंपिक में पदक जीता। इस वजह से सरकार ने उनके तीन कोचों को 10-10 लाख रुपये का इनाम देने का ऐलान किया था।

इसी दौरान एक और कोच द्वारा खुद को साक्षी का कोच बताए जाने के चलते मामला उलझ गया। इस बीच साक्षी ने कहा कि ईश्वर दहिया ने उन्हें 2004 से 2009 तक कोचिंग दी। इसके बाद 2010 से अब तक मनदीप सिंह उनके कोच रहे हैं। वहीं रोहतक के कार्यवाहक जिला खेल अधिकारी रहे राजबीर सिंह और साई, सोनीपत में कोच कुलदीप मलिक भी खुद को साक्षी का कोच बता रहे हैं।

सरकार ने कुलदीप मलिक को 10 लाख के चेक की फोटोकॉपी दी थी। उन्हें सरकार विभागीय प्रक्रिया पूरी करके चेक देती इससे पहले ही विवाद शुरू हो गया।
मलिक के अलावा एक तरफ जहां रोहतक में कार्यवाहक खेल अधिकारी रहे राजवीर सिंह ने साक्षी मलिक का कोच होने का दावा किया वहीं ईश्वर सिंह और मनदीप सिंह ने भी साक्षी के कोच होने का दावा किया था।