गैंगरेप पीड़िता को पुलिस ने अनशन स्थल से खदेड़ा

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Faridabad 09 September 2016: एक गैंगरेप के मामले में फरीदाबाद पुलिस का असली चेहरा शुक्रवार को देखने को मिला जब पुलिस आयुक्त के कार्यालय के बाहर अनशन पर बैठी गैंगरेप पीड़ित को पुलिस ने जबरन भगा दिया । पुलिस की इस कार्यवाही से शहर के सामाजिक संगठनों में रोष है । मौके पर मौजूद रहे अनशनकारी बाबा रामकेवल  ने कहा कि न्याय के लिए अनशन या आंदोलन करना हर व्यक्ति का अधिकार है लेकिन फरीदाबाद पुलिस तानाशाही रवैया अपना रही है जो दुखद है । बाबा ने सीबीआई से इस गैंगरेप मामले की जांच  के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल एवं डीजीपी हरियाणा को पत्र लिखा है । पुलिस के हाँथ पाँव उस समय फूल गए जब तीन दिन से अनशन पर बैठी महिला के समर्थन में कई सामाजिक संगठन उतर आये । इन संस्थाओं में मिशन जागृति से प्रवेश मालिक, सतेंद्र राजपूत, गौरव भारद्वाज, कल्पना और युवा आगाज से जशवंत सैनी, अजय डागर, विनोद, दिनेश , मनीष, संजय पिछड़ा वर्ग संघर्ष समिति से रामफल जांगड़ा, सुमन जांगड़ा, उषा, प्रेमपाल आदि प्रमुख थे । सभी संस्थाओं ने पुलिस के रवैये की निंदा की है ।

मालुम हो कि भूपानी थाना क्षेत्र के सामूहिक बलात्कार की पीडिता का आरोप है कि  महिला थाने की पुलिस कर्मी आरोपियों से साठ-गाठ करके आरोपियों को बचाने में हमेशा लगी रहती है और आरोपियों की पैरवी करती रहती है पीड़ित के पास  एक सी. भी है जिसमें पीड़िता के मुकदमें में एक आरोपी अभियुक्त ने अपनी दोस्त की नाम का ज्रिक ना हो गैंगरेप की पूरी वारदात के बारे में दिनांक 09.05.2016 को पीड़िता को फोन करते अपने दोस्त की इस मुकदमें से दुर रखने के लिये फोन पर पुरी ब्यान देने तक को कहा था।

लेकिन अभियुक्त को इस बात की जानकारी नही थी कि पीड़िता की फोन में रिकार्डिग है और पीडिता से गैंगरेप की शिकायत को निपटाने की बार-बार अपील करता रहा। जिस रिकार्डिग सी.डी. को पीड़िता आप सभी मीडिया वालो की सार्वजनिक करना चाहती है। ताकि आरोपियों की बचाने वाली पुलिस की असलियत आप सब के सामने आ जाये। क्योंकि ये वो आरोपी लोग है जिनके खिलाफ पीड़िता ने पहले ही तमाम उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायत दर्ज करा चुकी थी। जिसकी पोल खुलने व असलियत सामने आने से पहले उन लोगों ने कानूनी तिकडम बाजी में फसाने की कोशिश की लेकिन सभी आरोपीगण प्रास्त हो गये।

मीडिया की सुर्खिया बनने पर आनन फानन ने चार माह बाद मुकदमा दर्ज कर लिये और आरोपियों के गिरफ्तारी के नाम पर आरोपियों की पैरवी आरोपियों से मिलीभगत करके गवाह को तोड़ने व साबुत नष्ट करने व पीड़िता को धमकाने की बार-बार कोशिश करते रहे पीड़िता एक गरीब अनपढ महिला है और लगातार दबंग आरोपियों और महिलापुलिस कर्मी के खिलाफ संघर्ष करती आ रही है। इस मामले में बुधवार पुलिस ने प्रेस वार्ता कर महिला को झूंठा बताया था और आज अनशन स्थल से उसे भगा दिया है । एक रिकार्डिंग देखें ,,

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