हरियाणा पुलिस सबसे ज्यादा कर रही है मानवाधिकारों का उल्लंघन, जस्टिस (सेवानिवृत्त) भल्ला

Chandigarh 28 September 2016: मानवाधिकार उल्लंघन से जुड़ी सबसे अधिक शिकायतें हरियाणा पुलिस के खिलाफ आ रही हैं। इनमें पुलिस द्वारा नाजायज तरीके से तंग करने से लेकर प्रताड़ना तक की शिकायतें हैं।
राज्य मानवाधिकार आयोग के चेयरमैन जस्टिस (सेवानिवृत्त) एचएस भल्ला का कहना है कि लोगों की शिकायतों के समाधान के लिए पंचकूला मुख्यालय के अलावा अलग-अलग जिलों में भी आयोग की कोर्ट लगेंगी। इसी कड़ी में 14 अक्तूबर को करनाल और 8 नवंबर को मानवाधिकार आयोग की कोर्ट गुड़गांव में लगेगी।
जस्टिस भल्ला ने कहा कि आयोग के पास हर तरह की शिकायतें आ रही हैं। इनमें डॉक्टरों, यूनिवर्सिटी व कॉलेज के अलावा विभिन्न विभागों के खिलाफ भी शिकायतें आई हैं। सबसे अधिक शिकायतें पुलिस के खिलाफ आ रही हैं। एक सवाल के जवाब में भल्ला ने कहा कि कई बार आयोग स्वत: संज्ञान लेता है, कई बार ऐसा हुआ है जब अखबारों एवं न्यूज चैनलों की खबरों पर आयोग ने संज्ञान लेते हुए सरकार व संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि आयोग के पास अभी तक 6880 शिकायतें आई हैं। इनमें से 4900 से अधिक मामलों को निपटारा किया जा चुका है। जस्टिस भल्ला ने कहा कि आयोग को एक शिकायत का निपटारा करने में तीन से चार महीने लगते हैं।
कई मामले ऐसे होते हैं, जिनका समाधान करने में 6 से 8 महीने का समय भी लगता है। आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े सवाल पर भल्ला ने कहा कि शिकायत आते ही सबसे पहले संबंधित अधिकारी व विभाग के मुखिया को नोटिस जारी किया जाता है। नोटिस का जवाब आने के बाद उसकी आयोग अपने स्तर पर जांच करता है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मामले की सुनवाई शुरू होती है और फिर आयोग अपना फैसला सुनाता है।
करनाल और गुड़गांव के बाद 25 नवंबर को जींद में आयोग की कोर्ट लगेगी। इस दौरान मानवाधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए सेमिनार भी आयोजित किए जाएंगे।

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