7 महीने के ऊंचे स्तर पर पहुँची मंहगाई, प्याज, टमाटर, गैस, पेट्रोल के दाम आसमान पर

7 months high inflation reached. Onion, Tomato, Gas, Petrol Prices rise

नई दिल्ली: बड़े बड़े नेता आजकल गुजरात चुनावों में व्यस्त हैं। सभी पार्टियों के बड़े नेता अपनी रैलियों में सवा सौ करोड़ लोगों की भलाई की बात करते हैं लेकिन हो उल्टा रहा है। सवा सौ करोड़ लोग मंहगाई झेल रहे हैं इन नेताओं को कुछ नहीं दिख रहा है। देश के कम से कम अस्सी करोड़ लोगों को मंहगाई मार रही है लेकिन अपना दुखड़ा किसे सुनाएँ ऐसे लोग, कोई सुनने वाला ही नहीं दिख रहा है। सत्ता और विपक्ष दोनों गुजरात की जंग जीतने में व्यस्त हैं। जनता बेचारी 60 रूपये किलो टमाटर और 50 रूपये किलो प्याज के साथ साथ मंहगा पेट्रोल और मंहगी गैस खरीद रही है। हरियाणा जैसे राज्यों में दो-दो कमरों के मकान का बिजली का बिल दो से तीन गुना ज्यादा आ रहा है लेकिन कोई जनता का दर्द समझने वाला नहीं है। ताजा जानकारी के मुताबिक़ खुदरा महंगाई दर के 7 महीने के ऊंचे स्तर पर पहुंचने के बाद थोक महंगाई दर में भी भारी बढ़ोतरी देखने को मिली है। अक्टूबर महीने में थोक महंगाई दर 6 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। पैट्रोल-डीजल और रसोई गैस के साथ प्याज, सब्जियों, दूध, फलों और चीनी की कीमतों में तेज बढ़ौतरी के कारण अक्टूबर में थोक महंगाई की दर बढ़ गई हैं।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा आज जारी आंकड़ों के अनुसार, इस साल अक्टूबर में थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति की दर 3.59 प्रतिशत दर्ज की गई। पिछले साल अक्टूबर में यह 1.27 प्रतिशत और इस साल सितंबर में 2.60 प्रतिशत रही थी। यह इस साल अप्रैल के बाद थोक महंगाई का उच्चतम स्तर है। अप्रैल में थोक महंगाई दर 3.85 प्रतिशत रही थी।

चालू वित्त वर्ष के पहले सात महीने में अप्रैल से अक्टूबर के बीच थोक महंगाई की औसत दर 2.03 प्रतिशत रही है। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 3.53 प्रतिशत रही थी। आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल अक्टूबर की तुलना में इस साल अक्टूबर में प्याज के दाम 127.04 प्रतिशत बढ़े। सब्जियों की महंगाई दर 36.61 प्रतिशत, अंडे, मांस तथा मछलियों की 5.76 प्रतिशत, चीनी की 5.08 प्रतिशत, फलों की 3.96 प्रतिशत और दूध की 3.86 प्रतिशत रही।

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