ईद मुबारक शायरी

आज यारों को मुबारक हो कि सुब्ह-ए-ईद है

राग है मय है चमन है दिलरुबा है दीद है..

ईद अब के भी गई यूँही किसी ने कहा

कि तिरे यार को हम तुझ से मिला देते हैं,,

ईद का दिन है गले आज तो मिल ले ज़ालिम

रस्म-ए-दुनिया भी है मौक़ा भी है दस्तूर भी है,,

कहते हैं ईद है आज अपनी भी ईद होती

हम को अगर मयस्सर जानाँ की दीद होती..

मेरी ख़ुशियों से वो रिश्ता है तुम्हारा अब तक

ईद हो जाए अगर ईद-मुबारक कह दो,, Happy Eid 2016

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