किसान बचाओ रैली में पूरे प्रदेश से पहुंचेंगे लाखों किसान: राजेंद्र

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बाबैन, 8 अगस्त (राकेश शर्मा): किसान के लिए खेती घाटे का सौदा बनकर रह गई है इसलिए किसान खेती करने का कार्य छोडकर अन्य रोजगार की तलाश करने पर मजबूर हो रहा है। किसान लम्बे अर्से से स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागु करने की मांग करते आ रहे हैं और जब तक किसानों की मुख्य मांगे पूरी नहीं की जाती तब तक किसान अपने हक की आवाज उठाते रहेंगे। उपरोक्त शब्द ब्लॉक बाबैन के युवा कांग्रेस के अध्यक्ष राजेंद्र ङ्क्षसह गुढी ने गांव गुढा में आयोजित किसानों की बैठक को संबोधित करते हुए कहे। उपस्थित किसानों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रर्दशन किया।

उन्होंने कहा कि भारतीय किसान यूनियन की ओर से 11 अगस्त को डांड(कैथल)में  आयोजित होने वाली किसान बचाओ रैली में पूरे प्रदेश से किसान पहुंचेंगे और इस रैली को कामयाब बनाने के लिए किसान कमर कस लें। इसके साथ ही रैली को कामयाब बनाने के लिए विचार विमर्श किया गया। उन्होंने कहा कि स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करने को लेकर भाकियू ने प्रदेश स्तर पर अभियान छेड दिया है। जिसकी शुरूआत 11 अगस्त को ढांड से की जा रही है।

ढांड में आयोजित इस रैली में पूरे प्रदेश के लाखों किसान भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त 2016 को लाल किले से अपने भाषण में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों का नाम न लें क्योंकि भाजपा ने 29 रैलियों में स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागु करने का वायदा किया था जिसे पूरा नहीं किया गया। उन्होंन कहा कि कृषि फसल बिमा योजना जैसी योजनाऐं चलाकर प्रदेश सरकार किसानों को गुमराह न करे बल्कि स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागु करने की किसानों की लम्बे अर्से से चली आ रही मांग को तुरंत पूरा करे। उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री ने भाजपा के सत्ता में आने पूर्व स्वामीनाथन आयोग की रिर्पोट को लागु करने बारे लिखित में आश्वासन दिया था पर सत्ता में आने बाद वे अपने वायदे से मुकर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनावों से पहले भाजपा के नेता कांग्रेस सरकार में कपडे उतारकर स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करवाने के लिए सडकों पर आंदोलन करते थे। अब सत्ता मिली तो भाजपा के नेता स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करवाने में आनाकानी कर रहे हैं जिसे भाकियू बर्दाशत नहीं करेगी। इस मौके पर सुखविंद्र भूखडी, लाल ङ्क्षसह चकचानपुर, ग्राम प्रधान रविंद्र कुमार, कुलदीप ङ्क्षसह, कृष्ण दूगारी, जयनारायण, राम स्वरूप, योगेश कुमार, अजैब ङ्क्षसह, भूपेंद्र ङ्क्षसह, जयपाल गुढा, अजैब सिंह, हरपाल मंगौली व अन्य किसान मौजूद रहे।

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