फिल्म ए डॉटर्स टेल पंख होगी टैक्स माफ-रामदास अठवाले

Kurukshetra Haryana Film News

कुरुक्षेत्र,  राकेश शर्मा: फिल्म अगर सार्थक और उद्देश्यपूर्ण है, तो सभी उससे जुडऩा चाहते हैं, लेकिन इसके लिए जरूरी हैं फिल्म निर्माण को लेकर किए गए ईमानदार प्रयास, जिससे एक बेहतरीन फिल्म सामने आए, जो सिर्फ मैंसेज ही नहीं, एंटरटेन्मेंट भी दे, ताकि दर्शकों के दिल से सीधा जुड़ा जाए। ऐसी फिल्मों को सरकार की तरफ से भी हर संभव सहायता मिलती है जिसे साबित कर दिखाया है कुरुक्षेत्र निवासी लेखक, निर्माता और निर्देशक राजिंदर वर्मा ने, जिनकी फिल्म ए डॉटर्स टेल पंख का प्रोमो देखकर केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले तक को यह कहना पड़ा कि वह इस फिल्म को टैक्स माफ करने का पूरा प्रयास करेंगे ताकि फिल्म दर्शकों तक आसानी से पहुंच सके। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि निर्माता ने मोदी के मिशन को आगे बढ़ाने में पूरा सहयोग दिया है जो बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की अपील करता है और यही बात निर्माता ने फिल्म के जरिए कहनी चाही है।
गौरतलब है कि यशबाबू चैरिटेबल ट्रस्ट के सौजन्य से ही राजिंदर उर्फ यशबाबू पिछले 31 सालों से श्रेष्ठ कन्याओं अर्थात बेटियों को सम्मानित करते आ रहे हैं जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनकीय काम किया है और इन्हीं बेटियों की ही प्रेरणा से उन्होंने फिल्म बनाने का निर्णय लिया ताकि बेटियों की ताकत को दुनिया देख सके। दुनिया देख सके कि जो बेटी कभी अत्याचार और शोषण को चुपचाप सहती आई थी, आज उसने अपनी कमज़ोर मानसिकता से छुटकारा पाकर खुद को एक दिलेर और जोशीली युवती के रूप में पेश किया है, जिससे टकराना अब मर्दों के लिए आसान नहीं है।

ए डॉटर्स टेल पंख ऐसी ही जुझारू लड़कियों की दास्तान है, जिन्होंने झुकना नहीं सीखा, बल्कि अत्याचारियों को सलाखों के पीछे पहुंचाकर दम लिया। ऐसी निर्भीक लड़कियों ने अलग-अलग रास्ते चुने। कोई मॉडल बनी, तो कोई वकील और किसी ने पत्रकार बनकर समाज को एक आईना दिखाया। यशबाबू एंटरटेन्मेंट के बैनर तले बनी फिल्म ए डॉटर्स टेल पंख की स्क्रिप्ट ही इसकी रीयल हीरो है जिसके इर्द-गिर्द घूमती है दमदार मां और मजबूत इरादों वाली बेटियों की कहानी। चूंकि आज का दौर जुझारू और जोशीली बेटियों का है, जो अन्याय को सहती नहीं बल्कि अन्याय करने वालों को सबक सिखाती हैं। यह फिल्म देशवासियों को बताना चाहती है कि अब शोषण के खिलाफ महिलाएं उठ खडी हुई हैं। ए डॉटर्स टेल पंख मीडिया का कड़वा सच भी उजागर करती है और मीडिया की ताकत भी सामने लाती है। फिल्म की कहानी दर्शाती है कि अगर मीडिया का साथ हो तो जुर्म करने वाले देर-सवेर सलाखों के पीछे होंगे। लेखक, निर्माता और निर्देशक राजिंदर वर्मा कहते हैं कि फिल्म में मेरा मिशन बेटियों के उत्थान से जुड़ा है। इस फिल्म का पोस्टर दिल्ली में लॉन्च हो चुका है और यशबाबू म्यूजिक़ इसका म्यूजिक़ रिलीज़ कर रहा है। फिल्म का ट्रेलर सिनेमाघरों में दिखाया जाना शुरु हो चुका है।

निर्माता का कहना है कि कला किसी मज़हब की मोहताज नहीं होती। पहले सपनों की उड़ान भरी जाती है और अगर जोश कायम रहा तो सपनों को हकीकत बनते देर नहीं लगती। मैंने महिलाओं के जुझारूपन को केंद्र में रखकर एक सार्थक फिल्म बनाने का प्रयास किया है और उम्मीद करता हूं कि दर्शक मेरा साथ देंगे। फिल्म के निर्देशक है प्रेमराज और राजिंदर वर्मा। डीओपी हैं अजय आर्य। फिल्म के संवाद और स्क्रीनप्ले कृष्ण मानव का है। गीतकार हैं श्याम उन्याल और संगीत दिया है महेश ने। फिल्म में मेहुल बुच, सुधीर पांडे, वीरेंद्र सिंह, डॉक्टर निशिगंधा वाड, सुरभि कक्कड़, रागिनी दीक्षित, स्टैफी पटेल, पूजा दीक्षित, राहुल चौधरी, राहुल जेटली और आयुष शाह की अहम भूमिका है। फिल्म के म्यूजिक़ लॉन्च पर केंद्रीय मंत्री रामदास अठवाले के अलावा संगीता कपूरे, अक्षत शेट्टी, सेलिब्रिटी शाहरूख खान, निर्देशक शिव कुमार खुराना और रेलवे मंडल बोर्ड की सदस्य रिचा वशिष्ठ भी मौजूद थीं।

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