खट्टर का एक साल, कहाँ खर्च हुआ कितना माल, जाने अभी

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Chandigarh 27 Nov 2015: -हरियाणा सरकार  ने अपने एक वर्ष के कार्यकाल में दलगत राजनीति से ऊ पर उठकर ‘हरियाणा एक-हरियाणावी एक’ तथा ‘सबका साथ-सबका विकास’ के आदर्शों पर चलते हुए प्रदेश के सभी क्षेत्रों के समान विकास के लिए कार्य किए है।
मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने यह जानकारी देते हुए कहा कि हम स्वस्थ आलोचना के पक्षधर है, लेकिन इसके साथ ही उन्होंने कहा कि विपक्ष केवल राजनैतिक रोटियां सेकने और मीडिया की सुर्खियों में बने रहने के लिए सरकार पर निराधार आरोप लगाने का असफल प्रयास कर रहा है।  उन्होंने कहा कि सरकार विकास के मामले में किसी भी क्षेत्र से कोई भेदभाव नहीं कर रही हैं। हरियाणा के इतिहास में पहली बार सभी विधायकों, चाहे वे किसी भी पार्टी के हों, को अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्यों व नागरिक सुविधाओं के लिए पांच-पांच करोड़ रुपये की राशि देने का निर्णय लिया गया है बशर्तें की वे विकास परियोजनाएं बनाकर सरकार को भेजें।
उन्होंने कहा कि लोगों की समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से ही मुख्यमंत्री व अन्य मंत्रियों द्वारा योजनाओं की घोषणा की जाती है। सरकारी घोषणाएं केवल घोषणाएं न रहे इसके लिए सम्बन्धित उपायुक्तों को विभागों से सम्पर्क कर योजना की व्यवहार्यता की जानकारी प्राप्त करने के निर्देश दिए गए हंै। विभिन्न योजनाओं के कार्य आवंटन करने के ई-टैंडरिंग प्रणाली अपनाई गई है इससे पारदर्शिता बढ़ी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भवन और सडक़ों के निर्माण, कृषि विपणन बोर्ड और हरियाणा ग्रामीण विकास प्राधिकरण फण्ड द्वारा विकास कार्यों के लिए खर्च की गई राशि के आंकड़े इस बात के साक्षी हैं कि सरकार ने समान विकास किया है। उन्होंने कुछ जिलों का उदाहरण देते हुए कहा कि विकास के मामले में किसी भी क्षेत्र से भेदभाव नहीं हो रहा है।

जिले का नाम    भवन एवं सडक़ों के निर्माण पर चालू वित्त वर्ष में 30.09.2015 तक खर्च की गई राशि
(राशि लाखों में)
झज्जर     13670.46
सोनीपत     7932.34
यमुनानगर    7053.23
रोहतक    4506.45
भिवानी    5695.17
सिरसा    4999.25
करनाल    4346.94

जिले का नाम    हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड द्वाराचालू वित्त वर्ष में 30.09.2015 तक खर्च की गई राशि
(राशि लाखों में)
कैथल     2071
जींद    2054
झज्जर    1902
करनाल    1872
सोनीपत    1811
फतेहाबाद    1805
सिरसा    1681

जिले का नाम    हरियाणा ग्रामीण विकास निधि प्राधिकरण द्वारा चालू वित्त वर्ष में 25.11.2015 तक स्वीकृत राशि
(राशि लाखों में)
महेन्द्रगढ़    4167
हिसार    2408
जींद    2341
झज्जर    1834
यमुनानगर    1605
करनाल    1496

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ विरोधियों का कहना कि करनाल जिले के लिये सबसे ज्यादा घोषणायें की गई हैं। यह आरोप तथ्यहीन है और वास्तविकता से परे है। असल में करनाल में जो घोषणानायें की हैं उनमें से कई घोषणाओं का लाभ सारे प्रदेश के लोगों को हो रहा है। लगभग 20-22 घोषणायें ऐसे हैं जिनमें लागत दो लाख रुपये से भी कम हैं। इनमें वे घोषणायें भी शामिल हैं जिनमें सांस्कृतिक कार्यक्रमों में पुरस्कार दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि वे अपने विधानसभा क्षेत्र में हर माह लोगों की समस्यायें सुनने जाते हैं और लोगों की छोटी-मोटी समस्याओं का मौके पर ही समाधान करने का प्रयास करते है।
उन्होंने कहा कि करनाल से ही सी एम विण्डो, सम्पत्ति के ई-दिशा केन्द्रों के माध्यम से रजिस्ट्रेशन, एम्बुलैंस पर गुडï्स टैक्स समाप्त करने, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के नेत्रहीन कर्मचारियों की सेवायें नियमित करने तथा गूंगे और बहरे बच्चों के लिये डिग्री कालेज खोलने की घोषणाएं की गई है, जिनका प्रदेश के सभी लोगों को लाभ होगा। इनके अतिरिक्त कुछेक ऐसी घोषणायें हैं जो जन भावनाओं का आदर करते हुए की गई हैं जैसेकि – करनाल में एक चौक का नाम गुरु ब्रह्मïानन्द चौक रखना, महाराणा प्रताप स्मृति भवन, सैक्टर 8 पर हुडा द्वारा लगाये गये जुर्माने को माफ करना, अम्बेडकर समाज कल्याण सभा, सैक्टर 6 पर हुडा द्वारा लगाये गये ब्याज को माफ करना, तरावड़ी में पृथ्वी राज चौहान मैमोरियल और अनुसंधान केन्द्र की स्थापना आदि।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने जनसेवा की बागडोर संभालने के तुरंत बाद प्रदेश के सभी जिलों का दौरा किया और हर जिले में लोगों की मांग के अनुसार विकास कार्यों की घोषणा की। ये केवल घोषणाएं मात्र नहीं हैं बल्कि इन्हें लागू भी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून अधिवेशन में सदन में किए गये वायदे के अनुसार विधानसभा का शीतकालीन अधिवेशन भी बुलाया गया है ताकि विधायक अपने-अपने हल्के की समस्याओं को और विकास की जरूरतों को विधानसभा में उठा सकें।
उन्होंने कहा कि सरकार ने समान विकास की डगर पर चलते हुए सभी जिलों में कई बड़ी घोषणाएं की हैं। उन्होंने उदाहरण के तौर पर कहा कि जिला सिरसा के हर विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों के लिये पांच-पांच करोड़ रुपये देने की घोषणा की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उच्च शिक्षण संस्थानों की जरूरतों की मैपिंग करवाई जा रही है। उस मैपिंग के आधार पर ही प्रदेश में कॉलेज खोले जा रहे हैं। जिला सिरसा के लिए घोषणाओं की जिक्र करते हुुये मुख्यमंत्री ने कहा कि सिरसा में 17.40 करोड़ रुपये की लागत से एक महिला कालेज खोला जा रहा है। इसका शिलान्यास किया जा चुका है तथा कार्य प्रगति पर है। कालांवाली में राजकीय कॉलेज और आईटीआई खोलने और रानियां में सरकारी कॉलेज खोलने की घोषणा की गई है। इसके अतिरिक्त, ऐलनाबाद में नोहर रोड रेलवे कॉसिंग पर आरयूबी बनाने की घोषणा की गई है। सिरसा से पंजाब सीमा तक (बरनाला सडक़) की विशेष मरम्मत करने की घोषणा की गई है। इसका कार्य आवंटित कर दिया गया है। इस पर 30 करोड़ 67 लाख रुपये खर्च होंगे। सिरसा में कॉमर्शियल कॉम्पलैक्स, मॉल, ऑडिटोरियम और पार्क बनाने की घोषणा की गई है।  डबवाली में रेलवे अण्डर पास बनाने तथा ओढां और कालांवाली में तीन बेज के बस-स्टैण्ड बनाने की घोषणा की गई है।
जिला जींद के लिए की गई घोषणाओं की जिक्र करते हुुये मुख्यमंत्री ने कहा कि अलेवा में सहशिक्षा महाविद्यालय खोलने और लड़कियों के लिए हॉस्टल बनाने की घोषणा की गई है। जींद में मेडिकल कॉलेज खोला जाएगा। उचाना में 90 एकड़ भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करने, जींद-पानीपत रेलवे लाइन पर आरयूबी बनाने, उचाना की नई अनाज मण्डी में पीडब्ल्यूडी रैस्ट हाउस बनाने तथा राष्टï्रीय राजमार्ग-71 एवं राष्टï्रीय राजमार्ग-65 को पूरा करने की घोषणा की गई है। इसके अतिरिक्त, मार्केटिंग बोर्ड और लोक निर्माण विभाग की सडक़ों का निर्माण और विशेष मरम्मत के लिए 20 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया है। दिल्ली-बठिण्डा रेलवे लाइन के भिवानी सडक़ क्रॉसिंग पर आरयूबी का निर्माण, रोहता-भिवानी सडक़ पर आरओबी का निर्माण, उचाना विधानसभा क्षेत्र के 65 गांव में बिजली के तार बदलने, उचाना में सीवरेज प्रणाली बिछाने, जींद शहर में बहुतकनीकी संस्थान खोलने और  जींद शहर में 25 एकड़ भूमि पर ट्रांसपोर्ट नगर स्थापित करने की घोषणा की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कैथल, कलायत और गुहला विधानसभा क्षेत्रों के लिए विकास कार्यों हेतु पांच-पांच करोड़ रुपये का अनुदान दिया जाएगा। जिला कैथल के क्योडक़ में कोटी-कूट तीर्थ के विकास के लिए पांच करोड़ रुपये दिये जाएंगे। क्योडक़ में लाला लाजपतराय पशु विज्ञान विश्वविद्यालय का रीजनल सेंटर, गुहला-चीका में लड़कियों के लिए महाविद्यालय, मुन्द्री में महर्षि वाल्मिकी संस्कृत विश्वविद्यालय खोला जाएगा। कैथल में श्रीमती इन्दिरा गांधी मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल को अपग्रेड करने, पुण्डरी के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र को 50 बिस्तरों का अस्पताल बनाने और धेड़दू नर्सिंग कॉलेज के निर्माण की घोषणा भी की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि इन सभी घोषाणाएं एवं कार्य हमारी समान विकास की नीति का परिचायक हैं। इनसे स्पष्टï है कि हमारी कथनी  और करनी में कोई अन्तर नहीं है। हम जो कहते हैं वह करते हैं और जो करते हैं वही जनता के सामने रखते हैं।

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