आखिर क्यों लिखी जाती है रेलवे स्टेशन पर समुद्र तल से उंचाई की संख्यांं, जाने सच

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फरीदाबाद: रेलवे स्टेशन पर बने प्लेटफॉर्म के दोनों छोर पर एक पीले रंग का बोर्ड लगा होता है जिसके उपर स्टेशन का नाम और समुद्र तल की ऊंचाई लिखी होती है, रोजाना हजारों लाखों लोग रेल से सफर करते हैं और बोर्ड पर लिखी जानकारी को देखते और पढते हैं मगर बोर्ड पर लिखी इस जानकारी के बारे में कुछ ही लोग जानते हैं, समुद्र का पानी एक समान रहता है, इसलिये समुद्र तल से रेलवे स्टेशन तक की उंचाई की संख्यां स्टेशन पर लिखते हैं जिससे ड्राईवर को रेल की गति संभालने में सहायता मिलती है।
अपने जीवन लगभग सभी ने ट्रैन में सफर किया होगा, जिसके लिए लोग रेलवे स्टेशन जाकर ट्रैन में सफर करते हैं। अगर आपने कभी गौर किया हो तो आपने देखा होगा की रेलवे स्टेशन पर बने प्लेटफॉर्म के दोनों छोर पर एक पिले रंग का बोर्ड लगा होता है जिसके ऊपर स्टेशन का नाम और कुछ जरुरी चीज़े लिखी होती है। उस बोर्ड के ऊपर समुद्र तल की ऊंचाई भी लिखी होती है पर क्या अपने कभी सोचा है की ऐसा क्यों लिखा होता है। रेलवे स्टेशन बोर्ड पर समुद्र तल की ऊंचाई क्यों लिखी जाती और ये क्या होती है, ये जानने से पहले यह पता होना चाहिए की समुद्र तल की ऊंचाई का क्या अर्थ है। जब भी किसी नई ईमारत या घर का निर्माण किया जाता है तो उसके छत की ऊंचाई को एक सामान रखने की बात आती है तो पाइप में पानी भरकर छत के लेवल को सही किया जाता है । ठीक उसी प्रकार समुद्र तल की ऊंचाई भी है। ये तो हम सभी जानते हैं कि पृथ्वी गोल है और दुनिया की एक सामान ऊंचाई नापने के लिए वैज्ञानिकों को ऐसे पॉइंट की जरुरत होती है, जो एक सामान रहे। इसके लिए समुद्र से अच्छा कोई दूसरा विकल्प नहीं है। इसका कारण ये है कि समुद्र का पानी एक सामान रहता है। इसी के साथ ही इसका इस्तेमाल सिविल इंजीनियरिंग में भी किया जाता है।
रेलवे स्टेशन पर मौजूद यात्री महेन्द्र ने बातया कि समुद्र तल की ऊंचाई को रेलवे स्टेशन के बोर्ड पर लिखा जाता है किसी किसी बोर्ड पर तो एमएसएल शार्ट में लिखा होता है जिसका मतलब होता है कि बल्लभगढ स्टेशन समुद्र तल से 198.27 मीटर उंचा है, इससे ड्राइवर और गार्ड को मदद मिलती है। अगर बल्लभगढ रेलवे स्टेशन समुद्र तल से 198.27 मीटर उंचा है और आगे के स्टेशन पर ये उंचाई बढती या फिर कम होती है तो उस बीच ट्रेन की स्पीड को काम ज्यादा करने में ड्राइवर को मदद मिलती है । इसके अलावा ट्रेन के ऊपर लगे बिजली के तारों को एक सामान ऊंचाई देने में भी मदद मिलती है। जिससे बिजली के तार ट्रेन के तारों से हर समय टच होते रहें।

वहीं रेलवे स्टेशन पर ट्यूटी कर रहे पुलिसकर्मी एएसआई अजीत सिंह से स्टेशन बोर्ड पर लिखी समुद्र तल से उंचाई के बारे में पूछा गया तो उन्हें भी इस बारे में कुछ ज्यादा मालूम नहीं था, जबकि वह पिछले दशकों से रेलवे स्टेशन पर ड्यूटी कर रहे हैं। वहीं एक अन्य युवा यात्री भी बोर्ड पर लिखी समुद्र तल से उंचाई के बारे में कुछ भी नहीं बता पाया।

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