बच्चियों के रेपिस्टों को फांसी, शायर मुनव्वर राणा ठोंका शिवराज को सलाम

Urdu poet Munawwar Rana On Shivraj Singh Chauhan

नई दिल्ली: भारत में शेर-शायरी कविताओं को बहुत ज्यादा पसंद किया जाता है। शायरी के करोड़ों दीवाने हैं और अधिकतर शायर अपनी शायरी में अपना दिल परोसते हैं और शायरी में कुछ हकीकतें छिपी होतीं हैं। शायरी जिन्हे पसंद होगी हो देश के जाने मुनव्वर राणा को जरूर जानते होंगे क्यू कि इनकी शायरी में काफी दर्द होता है और ज़माने के हिसाब से दिल को छू लेने वाली शायरी ये देश विदेश के मंचों पर गुनगुनाते हैं। राणा की माँ पर लिखी शायरी जिसने एक बार सुन लिया वो राणा को कभी नहीं भूल पाता है। जिन्हे उनकी शायरी के बारे में अब तक कुछ नहीं मालुम उनके लिए एक दो शायरी फिर आगे की खबर
हमारे कुछ गुनाहों की सजा भी साथ चलती है.
हम अब तनहा नहीं चलती दवा भी साथ चलती है
अभी ज़िंदा है मां मेरी मुझे कुछ नहीं होगा,
मैं घर से जब निकलता हूं दुआ भी साथ चलती है’

लबों पर उसके कभी बददुआ नहीं होती,
बस एक मां है जो कभी ख़फ़ा नहीं होती
इस तरह मेरे गुनाहों को वो धो देती है
मां बहुत ग़ुस्से में होती है तो रो देती है.

हाल में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने प्रदेश में 12 साल से कम की बच्चियों के साथ रेप के दोषी को फांसी की सजा का एलान किया था जिसके बाद मध्य प्रदेश सरकार की जमकर तारीफ़ जारी है। अब शायर मुनव्वर राणा ने भी सीएम शिवराज के फैसले की तारीफ़ करते हुए अपनी शायरी की किताब से उस शेर को शेर को निकालने का एलान किया है जिसमे उन्होंने लिखा था कि
मेरी गुड़िया सी बहन पानी में गिर कर मर गई,
क्या पता था दोस्त मेरा इस कदर गिर जाएगा
पढ़ें ट्वीट जिसे मुख्यमंत्री ने भी रीट्वीट किया है

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