इस तस्वीर ने बना दिया दरोगा जी को हीरो, पुलिसवालों में भी होती है इंसानियत

UP Police Sps News

नई दिल्ली: देश के अधिकतर लोगों खाकी वर्दी पहनने वालों से नफरत करते हैं, ऐसे लोग कभी नहीं सोंचते कि जिसने खाकी वर्दी धारण की है वो उनके ही समाज का है और उनके ही घर परिवार का है। अच्छे बुरे लोग हर समाज में होते हैं ऐसे में एक के खराब होने से पूरे समाज को खराब समझना नादानी है। उत्तर प्रदेश से एक खाकीधारी की तस्वीर हरियाणा अब तक को प्राप्त हुई है और इस तस्वीर को देख काफी लोग भावुक भी हो जा रहें हैं और पुलिस की तारीफ़ कर रहे हैं। दरअसल आज कल अविभावक अपने नाबालिग  बच्चों के हाँथ में वाहन पकड़ा देते हैं, ये बच्चे स्कूल वगैरा जाते हैं। कई तो वाहन वगैरा चलाते हुए यातायात के हर नियम को ताक पर रख देते हैं। ऐसे छात्रों के पास न ड्राइविंग लाइसेंस होते हैं न ही ये छात्र हेलमेट वगैरा लगाते हैं। एक तस्वीर जो आप खबर के साथ देख रहे हैं उसमे एक छात्र रोता हुआ दिख रहा है और एक दरोगा जी उस छात्र को चुप कराते दिख रहे हैं।

हरियाणा अब तक को इस बारे में जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक़ इस छात्र का नाम आशीष है और ये 15 वर्ष का है। ये छात्र पल्सर बाइक पर स्कूल जा रहा था। पुलिस ने इसे पकड़ लिया और पूंछा कि गाड़ी किसने दी तो छात्र ने कहा पापा ने दी। इसके बाद छात्र मौके पर ही दहाड़े मारकर रोने लगा जिसे देख दरोगा जी की आँखें नम हो गईं और उन्होंने छात्र को चुप कराने का प्रयास किया, उसे अपनों की तरह प्यार-दुलार दिया। छात्र का चालान कट चुका था तभी छात्र इतना रो रहा था, दरोगा जी ने अपनी जेब से पैसे निकाले और चालान भरा और छात्र को समझाकर उसके घर भेज दिया। हरियाणा अब तक को इस तस्वीर के बारे में अब तक जो जानकारी हासिल हुई है उसके मुताबिक़ ये तस्वीर उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के कालाआम चौराहे की है। सोशल मीडिया पर इन दरोगा जी की इतनी तारीफ़ हो रही है जितनी तारीफ तो किसी पुलिस अधिकारी की उस समय नहीं होती जब पुलिस अधिकारी कोई खूंखार अपराधी पकड़ता है। इंसानियत पुलिस में भी होती है।  इन दरोगा जी को जितनी तारीफ मिल रही है उतनी तारीफ़ तो कोई पुलिस अधिकारी लाखों खर्च करके भी शायद हासिल कर सके।

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