शीश कलम करवा लूँगा पर, कलमा नही पढूंगा मैं: राजा उदय प्रताप सिंह, कुंडा प्रतापगढ़

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नई दिल्ली/ प्रतापगढ़: कुंडा विधानसभा क्षेत्र के विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ़ राजा भैय्या के पिता उदय प्रताप सिंह ट्विटर पर हमेशा सक्रिय रहते हैं। भदरी के राजा उदय प्रताप सिंह पर्यावरण प्रेमी हैं और अधिकतर ट्वीट पर्यावरण से सम्बंधित करते हैं। उदय प्रताप सिंह आज भी जनता के बीच बड़े महाराज के नाम से खासे चर्चित हैं और अपने सामाजिक कार्यों को लेकर लोगों के बीच हमेशा बने रहते हैं । हालांकि उनके रहन सहन व व्यक्तित्व में आज भी राजशाही अंदाज नजर आता है जो उनकी पहचान को बिना कहे ही दर्शा देता है। राजा उदय प्रताप सिंह क्षेत्र में सामाजिक व धार्मिक कार्यों को लेकर बड़े-बड़े आयोजन करते रहते हैं और उनकी छवि की तुलना हिंदू हृदय सम्राट के तौर पर लोग करते हैं। उन्होंने ट्विटर पर एक पोस्ट ट्वीट किया है ये एक पुरानी जोशीली कविता है, लगभग 85 साल की उम्र में भी उदय प्रताप सिंह के अंदर काफी जोश देखा जा सकता है।  पढ़ें

मन की हल्दीघाटी में,
राणा के भाले डोले हैं,

यूँ लगता है चीख चीख कर,
वीर शिवाजी बोले हैं,

पुरखों का बलिदान, घास की,
रोटी भी शर्मिंदा है,

कटी जंग में सांगा की,
बोटी बोटी शर्मिंदा है,

खुद अपनी पहचान मिटा दी,
कायर भूखे पेटों ने,

टोपी जालीदार पहन ली,
हिंदुओं के बेटों ने,

सिर पर लानत वाली छत से,
खुला ठिकाना अच्छा था,

टोपी गोल पहनने से तो,
फिर मर जाना अच्छा था,

मथुरा अवधपुरी घायल है,
काशी घिरी कराहों से,

यदुकुल गठबंधन कर बैठा,
कातिल नादिरशाहों से,

कुछ वोटों की खातिर लज्जा,
आई नही निठल्लों को,

कड़ा-कलावा और जनेऊ,
बेंच दिया कठमुल्लों को,

मुख से आह तलक न निकली,
धर्म ध्वजा के फटने पर,

कब तुमने आंसू छलकाए,
गौ माता के कटने पर,

लगता है पूरी आज़म की,
मन्नत होने वाली है,

हर हिन्दू की इस भारत में,
सुन्नत होने वाली है,

जागे नही अगर हम तो ये,
प्रश्न पीढियां पूछेंगी,

गन पकडे बेटे, बुर्के से,
लदी बेटियाँ पूछेंगी,

बोलेंगी हे आर्यपुत्र,
अंतिम उद्धार किया होता,

खतना करवाने से पहले
हमको मार दिया होता

सोते रहो सनातन वालों,
तुम सत्ता की गोदी में,

देखते रहो बस तुम,
गलतियाँ अपने मोदी में ll

पर साँस आखिरी तक भगवा की,
रक्षा हेतु लडूंगा मैं,

शीश कलम करवा लूँगा पर,
कलमा नही पढूंगा मैं|

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