चंद भ्रष्टों के कारण कोर्ट में नहीं मिलता गरीबों को न्याय, इसी माह PM मोदी से मिलेंगे LN पाराशर

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फरीदाबाद: मेरा प्रयास है कि अदालतों में हर किसी को न्याय मिले वो चाहे अमीर हो या गरीब और इसके लिए मैं ताउम्र संघर्ष करता रहूंगा।  ये कहना है फरीदाबाद में मशहूर वकील एल एन पराशर का जो जल्द भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं क़ानून मंत्री से मिलने वाले हैं। आपको मालुम हो कि न्यायपालिका में सुधार को लेकर न्याययिक सुधार संघर्ष समिति के अध्यक्ष एवं जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एडवाकेट एल.एन.पराशर ने भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं भारत के कानून मंत्री से मुलाकात कर समय मांगा है और अब जल्द उन्हें मिलने का समय मिलने वाला है। एल एन पाराशर का कहना है कि इसी महीने उन्हें मिलने का समय मिल सकता है।

एडवोकेट पराशर ने इससे पहले भी चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की आवाज उठाते हुए मानवाधिकार आयोग में भी शिकायत की थी कि चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों का शोषण रोकने के लिए मानव अधिकार आयोग को सख्त से सख्त कदम उठाने चाहिए। श्री पाराशर ने कहा कि न्यायपालिका में चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के हो रहे शोषण के खिलाफ उनके पास पुख्ता सबूत है जिन्हे वह मानवाधिकार आयोग के समक्ष रखेंगे। श्री पराशर ने बताया कि न्यायपालिका में सुधार को लेकर वे पहले भी जंतर मंतर पर विशाल प्रदर्शन कर चुके है। उनके द्वारा उठाई गयी मांगों को लेकर देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश द्वारा ज्ञापन स्वीकार करके न्यायपालिका की विसंगतियो केा दूर करने का भरोसा भी दिया गया। लेकिन अभी भी जमीनी स्तर पर कोई मजबूत शुरूआत न होने के कारण वे अपनी इस लड़ाई को जारी रखे हुए हैं। उनकी लड़ाई फरीदाबाद के कुछ भ्रष्ट जजों के भ्रष्टाचार के खिलाफ है और भ्रष्ट जजो  द्वारा नये वकीलों को डिमोलाईज किया जा रहा है व चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों का कुछ भ्रष्ट जजो द्वारा शोषण किया जा रहा है एवं न्यायपालिका में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ उन्हें उनकी आवाज उठाने से कोई नहीं रोक सकता। इसके लिए वे देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं कानून मंत्री से मिलने क समय मांग रहे है जिससे वकीलों का एक प्रतिनिधि मंडल राष्ट्रपति से मुलाकात करके न्याययिक सुधार के लिए अपने अहम सुझाव दे सके।

न्याययिक सुधार संघर्ष समिति के अध्यक्ष श्री पराशर ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री से मुलाकात में उनसे अपील की जाएगी  कि न्यायपालिका में सुधार के लिए एवं भ्रष्टाचार मिटाने के लिए तुंरत प्रभाव से कदम उठाये जायें। नये जजो की नियुक्तियां एक माह में की जाए। जिससे जजो की कमी से जूझ रही न्यायपालिका राहत की सांस ले सकें। इसके अलावा न्यायालयों में न्याय के लिए तारीख पर तारीख ले रहे लोगों को भी राहत मिल सके। एक निश्चित समय सीमा के अंदर मुकदमो को निपटाया जाये। ईमानदार जजों को प्रमोशन दी जाये एवं भ्रष्ट जजो की जांच के लिए आयोग बनाया जाये। इसके अलावा जो जज आयोग की जांच में दोषी पाये जायें उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही के प्रावधान किये जाये। इसके अलावा नये वकीलो को न्यायपालिका में मान सम्मान मिलें। जो जज युवा वकीलो का अपमान करते हैं उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही हो एवं युवा वकीलों केा सम्मान भत्ता मिलें। एडवोकेट पाराशर का कहना है कि वर्तमान समय में हर किसी को एक सामान न्याय नहीं मिलता। आजकल न्याय लोगों की जेब देखकर मिलता है और न्यायपालिका में चंद भ्रष्टों की वजह से पूरा महकमा बदनाम हो रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक सब कुछ ठीक नहीं हो जाता तब तक मेरी लड़ाई जारी रहेंगे और इसके लिए मैं जेल जाने से नहीं डरता।

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