23 जून से मौत के मुँह में फंसे 12 बच्चों ने लिखा भावुक खत, जल्द गुफा से न निकाले गए तो?

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नई दिल्ली: मौत के मुँह में फंसने के बाद इंसान को कोई रास्ता नहीं दिखता है लेकिन थाईलैंड की एक गुफा में 23 जून से फंसे 12 बच्चे अजीब बहादुरी दिखा रहे हैं। ये बच्चे फ़ुटबाल के खिलाड़ी हैं और इनकी उम्र 11 से 16 साल है। इन बच्चों को गुफा से निकालने के लिए कई बड़े देशों के एक हजार से ज्यादा जवान गुफा के बाहर रात दिन काम कर रहे हैं। पहले बताया जा रहा था कि इन बच्चों को गुफा से निकालने में कम से कम चार महीने लगेंगे लेकिन अब ताजा जानकारी मिल रही है कि अगर 72 घंटे में बच्चों को न निकाला गया तो कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है। बिगड़े मौसम ने इस महारेस्क्यू ऑपरेशन पर ग्रहण लगा दिया है, जिसने सबकी चिंता बढ़ा दी है।

अंतर्राष्ट्रीय मीडिया के मुताबिक़ एक तरफ खराब मौसम के चलते शुक्रवार को रेस्क्यू ऑपरेशन रोकना पड़ा तो दूसरी तरफ गुफा में ऑक्सीजन का स्तर खतरे के निशान तक गिर आया है। एक और बड़ी मुसीबत भारी बारिश का अलर्ट भी है. मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 7 दिन बारिश का अनुमान है। ऐसे में बारिश के कारण गुफा में जलस्तर बढ़ने की भी आशंका है, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना और मुश्किल हो जाएगा। बता दें कि पहले से ही गुफा में पानी भरा है, जिसे निकाला जा रहा है।

इस बीच आज सुबह नेवी सील ने एक भावुक नोट जारी किया है जिसे गुफा में फंसे बच्चों ने बाहर इंतजार कर रहे अपने पैरंट्स के लिए लिखा है। बच्चों ने पैरंट्स से अपील की है कि वे उनके लिए चिंतित न हों और साथ ही कहा है कि जब वे लौटेंगे तो अपना पसंदीदा भोजन करेंगे। फंसे बच्चों में से एक का 16वां जन्म था जिसे ग्रुप ने गुफा के भीतर ही मना रहे हैं। उसने अपने परिवार को लिखा कि मैं मां, पापा और बहन आप सभी से प्यार करता हूं। आपको मेरे लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है।
मालूम हो कि थाईलैंड के चिआंग राय प्रांत के थाम लुआंग गुफा में ये सभी बच्चे फंसे हुए हैं, वहां से निकलना बेहद मुश्किल है क्योंकि वहां चारों तरफ पानी फैला हुआ है, रास्ता बेहद संकरा है, वहां अंधेरा है और कीचड़ होने के कारण वहां से बाहर आने के लिए उन्हें बेहद मशक्कत करनी पड़ेगी। भारत ने भी राज्य सरकार को मदद करने की है।

गुफा के प्रवेश द्वारा से लेकर जिस स्थान पर बच्चों और उनके कोच ने शरण ली है, उस स्थान तक पहुंचने में 11 घंटे का समय लगता है, इसमें छह घंटे जाने और पांच घंटे लौटने में लगते हैं. थाईलैंड की अंडर 16 फुटबॉल टीम के 12 बच्चे और उनके 25 वर्षीय कोच 23 जून से लापता हैं। ऐसा अनुमान है कि उन्होंने भारी बारिश की वजह से गुफा में शरण ली थी और बारिश की वजह से गुफा का प्रवेश द्वारा अवरुद्ध हो गया। गुफा में पहले कई महीने का राशन पहुँचाया गया जिसके बाद आक्सीजन और अन्य जीवन रक्षक चीजें पहुंचाईं गईं, ये बच्चे तैरना नहीं जानते हैं इसलिए गुफा में भरे पानी में तैरकर बाहर नहीं आ सकते हैं और गुफा में लगभग 10 किलोमीटर दूर ये बच्चे फंसे हैं। पूरी दुनिया में इस बच्चों के लिए दुआएं की जा रहीं हैं।

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