‘रिंग मास्टर के चाबुक’ और ‘खाने का लालच’ हाथी को साईकल तक लाता हैं: मिश्रा

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नई दिल्ली: जल्द होने वाले लोकसभा चुनावों के लिए कल बहुजन समाजवादी पार्टी और समाजवादी पार्टी में गठबंधन हो गया और अब दोनों पार्टियां 38-38 सीटों पर लड़ेंगी। अमेठी और रायबरेली सीट कांग्रेस के लिए छोड़ी गईं हैं। इस गठबंधन का फायदा काफी हद तक दोनों पार्टियों को मिल सकता है और भाजपा को 2014 के मुकाबले नुक्सान उठाना पड़ सकता है लेकिन भाजपा का दावा है कि 2014 से ज्यादा सीटें जीतेंगे। इस गठबंधन पर कुछ लोग सवाल भी उठा रहे हैं लेकिन राजनीति में कुर्सी सबसे ज्यादा प्यारी होती है। कुर्सी के लिए नेता कभी भी किसी भी पार्टी के साथ दिख सकते हैं।

इस गठबंधन पर कटाक्ष करते हुए दिल्ली के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा ने एक ट्वीट किया है जिसमे उन्होंने लिखा है कि साईकल पर हाथी यूँ ही नहीं बैठ जाता, ‘रिंग मास्टर के चाबुक’ और ‘खाने का लालच’ हाथी को साईकल तक लाता हैं, अपना सब कुछ गंवा चुकने के बाद हाथी साईकल पर बैठना सीखता हैं, मज़ेदार करतब और जोरदार तालियों के बाद हाथी और साईकल दोनों फिर बंद हो जाते है अगले शो तक
पढ़ें लोगों की क्या राय है इस ट्वीट पर

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