भगवान के रूप को देख ठगे से रह गए भक्त

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फरीदाबाद।श्री सिद्धदाता आश्रम के ब्रह्मोत्सव के अंतिम दिन आयोजित शोभायात्रा में भगवान श्री लक्ष्मीनारायण के दिव्य विग्रहों को देखकर भक्त ठगे से रह गए। वह भगवान को एक पल देखने और यात्रा में शामिल होने के लिए एक दूसरे से आगे निकलते देखे गए।

धार्मिक मान्यता के अनुसार देव मंदिरों में स्थापित भगवान की मूर्तियों को पुन: प्रतिष्ठित करने के लिए ब्रह्मोत्सवों का आयोजन किया जाता है। यहां श्री सिद्धदाता आश्रम एवं श्री लक्ष्मीनारायण दिव्यधाम में 11वां ब्रह्मोत्सव आयोजित किया गया। जिसमें दक्षिणीय पद्धति से पूजन एवं कर्मकांड आयोजित किया गया। आश्रम के अधिष्ठाता अनंतश्री विभूषित इंद्रप्रस्थ एवं हरियाणा पीठाधीश्वर श्रीमद जगदगुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्री पुरुषोत्तमाचार्य जी महाराज ने कहा कि हम आम लोगों को भी नजर लगती है तो भगवान की दिव्यता को भक्तों की नजर कैसे नहीं लगेगी। इसके अलावा हर विचार पद्धति का व्यक्ति आश्रम आता है वहीं कहीं न कहीं छोटी छोटी गलतियां पुजारियों से भी अनजाने में हो जाती होंगी। इन्हीं सबका निकराकरण कर पुन: परमात्मा के दिव्य विग्रहों में शक्ति स्थापित करने के उद्देश्य एवं परमात्मा के प्रति धन्यवाद करने के लिए ब्रह्मोत्सव का आयोजन किया जाता है। उन्होंने बताया कि इस पांच दिन के महोत्सव में लाखों की संख्या में भक्तों ने भागीदारी की। पांचवें दिन महोत्सव की संपन्नता भगवान श्री लक्ष्मीनारायण के अप्रतिम दिव्य विग्रहों के साथ निकाली शोभायात्रा रही। इसकी शुरुआत करवाने के लिए केंद्रीय राज्यमंत्री श्री कृष्णपाल गुर्जर जी एवं स्थानीय विधायक श्रीमति सीमा त्रिखा जी मौजूद रहे।

शोभायात्रा आश्रम की परिक्रम का सूरजकुंड मार्ग से होकर पुन: आश्रम पर संपन्न हुई। इस दौरान भक्तों द्वारा धार्मिक जयकारों, रंग बिरंगी झंडों से सजी सेवादारों की टीमों, बैंडबाजों, गीत संगीत, रोशनी सहित आतिशबाजी की छटा परमात्मा के विग्रहों की छटा को और मनोहारी बना रही थी। जिसमें देश विदेश से आए हजारों भक्त सम्मिलित हुए। वहीं शोभायात्रा संपन्न होने के बाद सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी लोगों का मन मोह लिया।

अपने प्रवचन में स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य जी महाराज ने बताया कि भगवान की शोभायात्रा में शामिल होने वाले को मुक्ति अवश्य ही मिलती है, ऐसा शास्त्रों में प्रमाण है वहीं देव मंदिर में भी शक्ति का पुनरोदय हो जाता है।

वहीं आश्रम में निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें 600 से ज्यादा लोगों ने अपने स्वास्थ्य की जांच करवाकर निशुल्क दवाइयां भी प्राप्त कीं। यहां चिकित्सकों ने लोगों की होम्योपैथी, आयुर्वेदिक, एलोपैथी, नैचुरोपैथी एवं विकल्प चिकित्सा पद्धतियों से जांच की।

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