प्राईवेट बस घोटाले की जांच हाईकोर्ट के जज से करवाए सरकार

0
156
रोहतक, 27 अप्रैल। किलोमीटर स्कीम के तहत 700 प्राईवेट बसों को ठेके पर लेने के निर्णय को रद्द करने एवं किलोमीटर स्कीम में हुए घोटाले बारे जांच विजीलेंस की बजाए हाईकोर्ट के सिटिंग जज व सीबीआई से करवाने की मांग को लेकर रोडवेज तालमेल कमेटी ने आज मुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री, मुख्य सचिव हरियाणा, अतिरिक्त परिवहन सचिव हरियाणा को पत्र लिखा है।
            यह जानकारी देते हुए रोडवेज कर्मचारी यूनियन हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह धनखड़ ने बताया कि रोड़वेज तालमेल कमेटी सरकार द्वारा किलोमीटर स्कीम के तहत बसें हॉयर करने के फैसले का शुरू से ही विरोध कर रही है।
      उन्होंने कहा कि किलोमीटर स्कीम के तहत महंगे रेट पर प्राईवेट बसें ठेके पर लेने से विभाग को भारी घाटा होगा तथा रोजगार के अवसर समाप्त हो जायेंगे। इसलिए रोडवेज तालमेल कमेटी प्राईवेट बसों को ठेके पर लेने के निर्णय को रद्द करने व विभाग में जनता की आबादी के मद्देनजर 14000 सरकारी बसें शामिल करने की पुन: राज्य सरकार से मांग करती है ताकि जनता को बेहतर, सुरक्षित परिवहन सेवा मिलने के साथ-साथ बेरोजगारों को स्थाई रोजगार मिल सके तथा विभाग द्वारा अर्जित की गई नं. 1 की स्थिति को कायम रखते हुए अधिक राजस्व जुटाया जा सके।
      वीरेन्द्र सिंह धनखड़ ने बताया कि रोड़वेज तालमेल कमेटी ने राज्य सरकार को अवगत करवाया कि 510 बसों के टेंडर रेट व 190 बसों के टेंडर रेटों में भारी अन्तर आया है, जिसमें घोटाले की आशंका है। उन्होंने बताया कि रोडवेज तालमेल कमेटी की उच्च अधिकारियों से जब भी बातचीत हुई तो सरकार की तरफ से कहा गया था कि अगर 190 बसों के टेंडर रेट कम आए तो किलोमीटर स्कीम रद्द कर दी जाएगी।
     उन्होंने बताया कि अब रोडवेज तालमेल कमेटी को समाचार पत्रों के आधार पर मिली जानकारी के अनुसार सरकार किलोमीटर स्कीम की जांच विजीलेंस से करवा रही है परन्तु तालमेल कमेटी पुन: राज्य सरकार से मांग करती है कि किलोमीटर स्कीम को तुरन्त रद्द करते हुए विजीलेंस की बजाए हाईकोर्ट के सिटिंग जज या सीबीआई से निष्पक्ष जांच करवाई जाए।

LEAVE A REPLY