पेड़ काटने से रोका तो सरपंच के पति ने वन रक्षक को जमकर पीटा

Rohtak Haryana 13 November Crime Report

चंडीगढ़/ रोहतक: अनूप कुमार सैनी ( हरियाणा अब तक ) जहां रोहतक में स्मॉग की समस्या बनी हुई है और पेड़ों को लगाने के लिए जागरूक किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर गांव फरमाना खास के सरपंच के पति पर पेड़ की कटाई रोकने पर वन रक्षक की बड़ी बेहरमी से पिटाई करने का मामला सामने आया है। रोहतक के महम उपमंडल के वन विभाग के कर्मचारी को पेड़ कटाई रोकने के लिए पहुंचा तो सरपंच के पति ने वन रक्षक को लोहे की रॉड वगैरा से इतना पीटा कि उसके दोनों पैरों व हाथ की हड्डियां तक टूट गई। उसे रोहतक पीजीआई में भर्ती करवाना पड़ा। वन विभाग के कर्मचारियों में इस वन रक्षक की पिटाई को लेकर रोष है कि अभी तक पिटाई करने वाले आरोपी के साथ सरपंच के पति के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की है और साथ में पीजीआई के डॉक्टर्स पर इलाज में लापरवाही करने का आरोप है जबकि उसकी टांगें बिल्कुल चलने लायक नहीं। वन विभाग के कर्मचारियों ने पीजीआई के वीसी आफिस के सामने ईलाज में लापरवाही और पुलिस कार्यवाही नहीं किए जाने को लेकर प्रदर्शन भी किया।

एक तस्वीर संलग्न है जिसमे घायल वन विभाग के घायल वन रक्षक 23 वर्षीय अंकित ने बताया कि उसे सूचना मिली कि फरमाना में एक पेड़ की कटाई की जा रही है। उसे मौके पर पेड़ कटा हुआ मिला। अंकित ने देखा कि नहर के किनारे गिरे हुए पेड़ को पहले तो ट्रैक्टर से खींच कर लाया गया है। अब उसकी कटाई की जा रही है। जब वह उस कटे हुए पेड़ की जांच कर रहा था और उसके फोटो अपने फोन में ले रहा था कि तभी कुछ लोगों से उसके ऊपर लोहे की रॉड आदि से हमला कर दिया। वह बुरी तरह से घायल हो गया, उसे महम से पीजीआई में भर्ती करवाया गया। दूसरी ओर बताया जा रहा है कि कमर के नीचे का हिस्सा काम नहीं कर रहा है। घायल अंकित ने दर्द भरे लहजे में बताया कि पीजीआई में डॉक्टरों ने पहले पहले उससे कहा कि उसे फ्रैक्चर है, अब उसे फ्रैक्चर नहीं बता रहे हैं और उसे डिस्चार्ज कर रहे हैं, मुझे न्याय चाहिए।

वहीं जिले भर के वन विभाग के वन रक्षक की फरमाना के सरपंच के पति द्वारा पिटाई से रोष में है। उन्होंने अपने वन रक्षक की पिटाई को लेकर प्रदर्शन भी किया। जिला वन विभाग संघ के कर्मचारी नेता जोगिंद्र ने कहा कि कल गांव फरमाना के सरपंच के पति सुखदीप ने पेड़ की कटाई की और जब हमारा वन रक्षक उसकी जांच कर रहा था उस पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया। उसे पीजीआई में गंभीर हालात में भर्ती करवाया लेकिन उसे गंभीर चोटें आई हुई जबकि राजनीतिक दवाब के कारण उसकी पीजीआई से डॉक्टर्स डिस्चार्ज कर रहे है जबकि वह चलने लायक भी नही है। हम उसका सही ईलाज करने की मांग कर रहे है। वहीं पुलिस ने भी अभी तक कोई कार्यवाही नही की। पुलिस ने कार्यवाही नहीं कि तो प्रदेश स्तर पर एसपी ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा।

इधर रेंज अधिकारी नवल किशोर के मुताबिक पहले तो उनके वन रक्षक अंकित ने वहां पर मौजूद लोगों को पेड़ को काटने से मना करने के साथ ही इसे सरकारी संपदा बताया लेकिन लोग नहीं माने। उन्होंने बताया कि अंकित को वहां मौजूद लोगों ने इतना पीटा, इतना पीटा कि वन रक्षक अमित के कमर के नीचे के हिस्सों ने काम करना बंद कर दिया। पहले तो अधिकारी उसे लेकर महम के स्वास्थ्य केंद्र गए लेकिन वहां से डॉक्टरों ने पीजीआईएमएस रेफर कर दिया। यहां पर देर रात तक अंकित का इलाज होता रहा। इसमें अंकित की दोनों टांगे टूट गई हैं और हाथ में बुरी तरह से फ्रैक्चर आया है। वहीं रेंज अधिकारी की ओर से महम थाना क्षेत्र की पुलिस को शिकायत दे दी गई है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। लकड़ी को अवैध रूप से काटने का मामला पर्यावरण न्यायालय में जाएगा। साथ ही अंकित को पीटने का मामला भी कोर्ट में ले जाएंगे। आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ड्यूटी पर कार्यरत कर्मचारी को पीटने का हक नहीं है।

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