पुलवामा हमला: देश के कोने कोने से आवाज आई, बदला केवल बदला

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कुरूक्षेत्र राकेश शर्मा: हरियाणा अब तक: 14 फरवरी 2019: एक ऐसा दिन जिसको काला दिन कहां जाए तो कोई अतिशोक्ति नही होगी देश के वीर जवानों के लहू से धरती आज फिर लाल हो गई इस आत्मघाती हमले में किसी मां ने अपना बेटा, बहन ने भाई, पत्नी ने पति तो बच्चों ने अपने पिता को खो दिया है। बेशक पूरे देश में कुछ दिनों तक मातक का माहौल रहेगा और नेता भी भाषणों से देश भक्ति की बातें कर शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देगे और शहीदों के परिवारों को आर्थिक सहायता देकर जिमेवारी को पूरा कर लेंगे। …एक सवाल मेरे साथ साथ जहन में घूम रहा है कि मात्र आर्थिक मदद देने से शहीदों के परिवारों की पीड़ा कम हो जाएगी क्या उन परिवारों के घर की रौनक लौट आएगी, शायद क ाी भी नही। आखिर कब तक सेना के साथ खूनी मंजर चलता रहेगा और देश के जवान इसी तरह से आंतकियों का निशाना बनते रहेगे। आखिर कब तक दुश्मन की गोली तो कभी पत्थर बाजों से वीर जवान शहीद होते रहेगे देश का हर नागरिक पूछ रहा है कि आखिर कब तक लहुं से लाल होती रहेगी।

देश की हुकरान चूप है बेबस है इन दुशमनों के आगे। पुलवामा में जो हुआ वो सब ने देखा कि किस प्रकार दुश्मन ने हमारे 44 वीर जवानों को पर हमला किय ा। क्या देश के जवानों की जान इतनी सस्ती होगी है जब कोई भी दुश्मन अपनी गोली का शिकार बनाने में कामयाब हो जाएगा ये युद्व तो नही था लेकिन छल युद्व जरूर था आज अपनी धरती पर ही किस प्रकार हम बेबस दिखाई दे रहे है देश की जनता देख रही है। शहीद बलजीत सिंह हरियाणा के करनाल जिले के गावं डिंगरमाजरा का रहने वाला वीर अभी तो उसकी चिंता की आग ाी ठंडी नही हुई थी जो नापाक हरकत इस बार हुई उससे देश में आक्रोश है देश के कोने कोने से एक ही आवाज आ रही है बदला केवल बदला…

इस हमले के बाद फिर से आंतकी मंसूबों की आहट सरकार के लिए परेशानी का सबब बन गई है इस घटना पर सेना ने आक्रोश जताया है और कड़ी निंदा भी कि अब सरकार के सामने करो या मरो की स्थिति पैदा हो गई क्योकि देश की जनता जान चूकी है केवल बातों से कोई भी निजात निकलने वाला नही है अब तो कोई ना कोई कारवाई करनी ही पड़ेगी । आज देश का प्रत्येक नागरिक देश की हुक्कनामों से पूछना चाहता है कि आखिर कब देश के जवानों के लहंूसे धरती लाल होती रहेगी ?

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