राजस्थान और मध्यप्रदेश की तर्ज पर मीडिया कर्मियों के हाऊसिंग पॉलिसी लाएगी हरियाणा सरकार

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चंडीगढ़, 14 मई- हरियाणा के मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार,  राजीव जैन ने कहा कि प्रदेश में मीडिया कर्मियों के लिए राजस्थान और मध्यप्रदेश की तर्ज पर हाऊसिंग पॉलिसी पर भी विचार विमर्श किया जा रहा है।
राजीव जैन आज भिवानी में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल मीडिया कर्मियों की हर समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर हैं। सरकार द्वारा पत्रकारों की मान्यता हेतू पूर्व में बनाई कमेटी का पुनर्गठन किया जाएगा, जिसकी प्रक्रिया जारी है। पत्रकारों के लिए बीमा पॉलिसी के लिए भी विभिन्न कंपनियों से बातचीत चल रही है, जिसे शीघ्र ही मूर्तरूप दिया जाएगा।
मीडिया कर्मियों से चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि मीडिया कर्मियों की मान्यता का सरलीकरण किया जाएगा। पूर्व में बनाई गई कमेटी में करीब 255 सदस्य थे, जबकि इस बार 22 से 25 सदस्य कमेटी में शामिल किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि कमेटी में मीडिया यूनियनों के प्रतिनिधियों के अलावा इलेक्ट्रोनिक मीडिया के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मान्यता के लिए नए आसान नियम बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मीडिया कर्मियों के प्रति मुख्यमंत्री का दृष्टिकोण एकदम सकारात्मक है और वे चाहते हैं कि पत्रकारों के समक्ष किसी प्रकार की दिक्तत न रहे ताकि वे अपनी लेखनी का प्रयोग निष्पक्षता से निर्बाध रूप से कर सकें। उन्होंने कहा कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ है, जिसको सरकार और अधिक मजबूती प्रदान करने में लगी है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा प्रदेश में मीडियाकर्मियों की पेंशन लागू करना प्रदेश में अपने-आप में एक अनूठा उदाहरण है, जो पत्रकारों की लम्बे समय से मांग थी। उन्होंने कहा कि पेंशन लागू होने से पत्रकारों का मनोबल बढ़ा है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों के लिए बीमा पॉलिसी के लिए विभिन्न बीमा कंपनियों से बातचीत चल रही है, जिसे शीघ्र ही अंतिम रूप प्रदान कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पत्रकारों के लिए बनाए गए वेलफेयर फंड के माध्यम से किसी भी मीडिया कर्मी के निधन पर उनके परिजनों को दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। जैन ने बताया कि टोल टैक्स फ्री करने को लेकर भी कोई रास्ता निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं।
श्री जैन ने एपीआरओ सुरेंद्र सिंगल की माता शांति देवी के निधन पर अपनी शोक संवेदना प्रकट की और उनके द्वारा अपनी माता की रस्मक्रिया पर मृत्यु भोज के आयोजन की बजाय आस्था स्कूल में दिव्यांग बच्चों को प्रिंटर-स्केनर भेंट किए जाने की सहराहना की। उन्होंने कहा कि यह पूनीत कार्य है और हर व्यक्ति को समाज हित की सोच रखनी चाहिए। यदि इसी प्रकार से सभी मिलकर प्रयास करें तो सफाई व्यवस्था जैसी सार्वजनिक समस्याओं का भी हल निकाला जा सकता है।

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