फरीदाबाद के कई बड़े होटलों में घटिया क्वालिटी का मटन सप्लाई कर रहा है एक बड़े नेता का चमचा

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नई दिल्ली: देश में दूध, दवा, दारू, पानी सहित बहुत कुछ नकली बेंचा जा रहा है। ध्यान से सोंचेंगे तो पाएंगे कि लगभग 15 वर्षों में देश भर में हजारों निजी अस्पतालें बनीं हैं और सबमे मेला लगा रहता है। किसी दिल की असमय धड़कन बंद हो जा रही है तो किसी का समय से पहले गुर्दा, फेफड़ा, लीवर काम करना बंद कर दे रहा है। छोटे बच्चों को वो बीमारियां होने लगीं हैं जो पहले नहीं होती थीं। देश की जनता को हवा पानी सहित कुछ भी शुद्ध नहीं मिल रहा है। आये दिन यूरिया से बनी दारू ही नहीं दूध में भी यूरिया का प्रयोग करते हुए लोग पुलिस द्वारा पकडे जाते हैं। देश का स्वास्थ्य मंत्रालय और उस विभाग के अधिकारी क्या कर रहे है कोई पता नहीं। ये मंत्रालय सरकार पर बोझ के सिवा कुछ नहीं है। दिल्ली से सटे हरियाणा के फरीदाबाद जिले की बाद करें तो ये जिला भी अंधेर नगरी से कम नहीं है। यहाँ भी मिलावटखोरों की चांदी है और मिलावट खाद्य पदार्थों सहित बहुत कुछ नकली बेंचा जा रहा है।

हरियाणा अब तक को अपने ख़ास सूत्रों से पता चला है कि फरीदाबाद के कई बड़े होटलों में घटिया क्वालिटी का मटन और चिकेन सप्लाई किया जा रहा है। अधिकतर होटलों में ज्यादा वजन वाली बकरी का मीट बकरे का मीट बताकर परोसा जा रहा है। सूत्रों की मारें तो मरी हुई बकरियां भी कुछ होटलों में नमक मिर्च लगाकर परोसी जा रहीं हैं जिन्हे खाकर लोग बीमार हो रहे हैं। सूत्रों की मानें तो मीट सप्लायर 250 से 300 रूपये प्रति किलो बूढ़ी बकरी या मरी हुई बकरी का मीट खरीदते हैं और पाश क्षेत्रों में आलीशान दुकानें बना वहां से 450 रूपये से लेकर 500 रूपये तक प्रति किलो के हिसाब में बिकवाते हैं और कई बड़े होटलों सहित कई ढाबों में भी ये घटिया मटन सप्लाई कर रहे हैं।

ख़ास सूत्रों से ये भी पता चला है कि सत्ताधारी पार्टी के एक नेता का खास छुटभैया नेता इस काम में लगा है। नगर निगम के नियम के मुताबिक़ जहां बकरे काटे जाते हैं वहाँ डाक्टर मटन को चेक करते हैं तब दुकानों और होटलों पर मटन सप्लाई किया जाता है लेकिन अंधेर नगरी फरीदाबाद में ऐसा बहुत कम हो रहा है। छुटभैया नेता जिन बकरे, बकरियों को होटल और ढाबों में सप्लाई करता है उन बकरे बकरियों के काटे जाने के बाद उस मटन का मेडिकल टेस्ट नहीं होता। मटन के शौक़ीन अगर इन कटी हुई बकरियों को देख लें तो ताउम्र किसी बड़े ढाबे या होटल में वो आलू खा लेंगे लेकिन मटन नहीं खाएंगे। फरीदाबाद में स्वास्थ्य विभाग की इसे लापरवाही कहें या उनकी मिलीभगत से ये घटिया मटन सप्लाई किया जा रहा है इस बारे में हम कुछ नहीं कह सकते हैं। नेताओं के साथ रहने वाले क्या क्या करते हैं समझ में नहीं आ रहा है। शहर के लोगों के स्वास्थ्य से इस तरह खिलवाड़ कर रहे हैं कुछ पैसे कमाने के लिए। आप अगर नॉनवेज के शौकीन हैं तो किसी बड़े होटल या फाइव स्टार ढाबे में मटन खाने से पहले सौ बार सोंचे, स्वास्थ्य विभाग सो रहा है। मीट माफिया लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं।

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