सिपाही विपिन बैसला और चौकीदार को पशु तस्करों ने कुचल कर मार डाला, राजनीतिक गिद्ध खामोश

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नई दिल्ली: देश के कई बड़े बड़े टीवी चौनल वाले आज खामोश दिख रहे हैं। कोई लिंचिंग वगैरा की कहानी किसी टीवी चैनल पर नहीं चल रही है। ट्विटर वगैरा पर भी कोई ट्रेंड नहीं चल रहा है क्यू कि इस बार किसी पशु तस्कर की मौत नहीं बल्कि पुलिस के सिपाही और चौकीदार की हुई है जिन्हे बेख़ौफ़ पशु तस्करों के कुचल कर मार डाला। उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले की है जहाँ आज सुबह लगभग 10 बजे जहानीखेड़ा चौकी के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग 24 पर एक ट्रक सीतापुर से शाहजहांपुर की ओर जा रहा था। ट्रक को जहानीखेड़ा चौकी पर तैनात सिपाही विपिन कुमार वैसला ने रुकने का इशारा किया, लेकिन वह नहीं रूका। तब विपिन ने अपनी बाइक पर चौकीदार सुमेर पुत्र सुवेदार निवासी ग्राम सिदौरिया पिहानी को बिठाकर ट्रक का पीछा करना शुरू किया। ट्रक के चालक ने जब पुलिस को पीछा करते देखा, तब उसने ट्रक की रफ्तार बढ़ा दी।

सिपाही और चौकीदार लगातार बाइक से ट्रका पीछा करते रहे। इस बीच ग्राम धामापुर के निकट ट्रक चालक ने ट्रक को धीमा कर दिया। ट्रक की रफ्तार कम होते देख बाइक सवार सिपाही और चौकीदार ट्रक के आगे पहुंचे, चालक ने दोनों को कुचल दिया जिसमें चौकीदार सुमेर की मौके पर ही मौत हो गई और सिपाही विपिन की इलाज के लिए शाहजहांपुर लेकर जाते समय मौत हो गई। दोनों को कुचलने के बाद चालक वहां से ट्रक लेकर भाग निकला।

इस घटना की सूचना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। कोतवाली प्रभारी श्याम बाबू शुक्ला और क्षेत्राधिकारी सहित कई अधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने चौकीदार के शव का पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। जबकि सिपाही विपिन के शव का पोस्टमॉर्टम शाहजहांपुर जिला अस्पताल में कराया जा रहा है। पुलिस ट्रक और चालक की तलाश कर रही है। खबर बड़ी है लेकिन पुलिस के जवान की एक तरह से हत्या उन टीवी चैनलों वालों के लिए कोई खबर नहीं है और सिपाही विपिन के साथ एक चौकीदार की ही तो जान गई है इसलिए टीवी वाले इसे कोई खास खबर नहीं मान रहे हैं और देश के राजनीतिक गिद्ध भी इस मामले पर खामोश हैं। पता नहीं कुछ लोग वोटबैंक के लिए कितना गिर जाते हैं और टीआरपी के लिए कुछ मीडिया वाले अपना जमीर बेंच देते हैं। जैसे कि सिपाही विपिन और चौकीदार सुमेर इंसान ही न हों। इन दोनों के परिजनों का दर्द राजनैतिक गिद्धों को नहीं दिख रहा है न ही टीआरपीबाज मीडिया को।

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