पशु तस्करों ने सिपाही को कुचलकर मार डाला, खामोश हैं मुल्ला?यम, माया, घुंघुरू सेठ और अन्य गिद्ध

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नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के दो घरों में आज कोहराम मचा है। पशु तस्करों ने दो घरों के चरागों को असमय बुझा दिया लेकिन अब तक देश के राजनीतिक गिद्ध खामोश हैं और टीआरपीबाज मीडिया तो लगता है आज आईसीयू में है। न को कथा न कोई कहानी, न कोई ट्रेंड न कोई हैजटैग, अब तक कुछ नहीं देखा गया। उत्तर प्रदेश जहां एक भैस भी खो जाती थी तो कोहराम मच जाता है लेकिन आज सब खामोश हैं। मायावती, अखिलेश का कोई अता पता नहीं है और कल तक रावण से मिलने का ख्वाब देख रहा घुंघुरू सेठ भी अब तक कुछ नहीं बोला है। मालुम हो कि 2019 में उत्तर प्रदेश में पांव पसारने के लिए घुंघुरू सेठ जेल में बंद एक देश द्रोही से मिलना चाहता था लेकिन उसके मंसूबों पर योगी सरकार ने पानी फेर दिया। घुंघुरू सेठ के पास आज एक बड़ा मौका था लेकिन कहावत है कि विनाशकाले विपरीति बुद्धि, घुंघुरू सेठ, मैडम माया और मुल्ला? यम पुत्र को कुछ लोग ही प्यारे हैं इसीलिये आज इन सबको एक सिपाही के परिवार का दर्द नहीं दिखा। और ये सब आज हरदोई काण्ड पर कुछ नहीं बोले।
आपको एक बार फिर बता दें कि यूपी के हरदोई जिले में पशुओं से भरी एक डीसीएम को रोकने का प्रयास कर रहे बाइक सवार सिपाही और चौकीदार को डीसीएम ने रौंद दिया। चौकीदार की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रुप से घायल सिपाही ने उपचार के लिए शाहजहांपुर ले जाते समय दम तोड़ दिया। घटना के बाद चालक डीसीएम लेकर फरार हो गया। पुलिस की सूचना पर शाहजहांपुर जनपद के रोजा थाना क्षेत्र अंतर्गत मवेशी भरे दो डीसीएम पुलिस ने पकड़े हैं। घटना में मृत सिपाही के शव का पोस्टमार्टम शाहजहांपुर और चौकीदार के शव का पोस्टमार्टम हरदोई में कराया गया।

दोस्तों हरियाणा अब तक आपको सबसे हटकर ख़बरें दिखता है इसलिए हमने आज सिपाही विपिन बैसला के बारे में कुछ जानकारी हासिल करने का प्रयास किया और अब तक हमें जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक विपिन बैसला उत्तर प्रदेश के जिला मुजफ्फरनगर के थाना मीरपुर के ग्राम कटिया निवासी थे जिनकी उम्र (30) वर्ष और उनके पिता का नाम चैन सिंह है। बैसला वर्ष 2016 बैच के सिपाही थे । वो काफी हंसमुख स्वभाव के थे और दोस्तों से हंसकर मिलते थे लेकिन अपने कर्तव्य को अपना धर्म समझते थे। इन दिनों उसकी तैनाती पिहानी कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत जहानीखेड़ा चौकी पर थी। आज सुबह विपिन पिहानी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सिदौरिया निवासी चौकीदार सुमेर (40) पुत्र सुबेदार के साथ बाइक पर लखनऊ दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-24 पर बाइक से गश्त कर रहे थे । इसी दौरान मवेशी भरा डीसीएम संदिग्ध नजर आने पर विपिन ने उसका पीछा कर ग्राम धामापुर के निकट उसे ओवरटेक कर रुकने का इशारा किया। इस पर डीसीएम के चालक ने उसे बाइक समेत रौंद दिया और भाग निकला।

डीसीएम में फंसकर कुछ दूर तक घसिटजाने के चलते बाइक पर बैठे चौकीदार सुमेर की मौके पर ही मौत हो गई। इसी बीच घटना की जानकारी जहानीखेड़ा चौकी पुलिस को हुई तो नेशनल हाईवे पर उपलब्ध रहने वाली एंबुलेंस से चौकी प्रभारी उमेश यादव गंभीर रुप से घायल सिपाही विपिन को लेकर शाहजहांपुर रवाना हुए। पीछे से प्रभारी निरीक्षक श्यामबाबू शुक्ल भी शाहजहांपुर के लिए निकले, लेकिन रास्ते में ही विपिन ने दम तोड़ दिया। शाहजहांपुर के जिला चिकित्सालय में चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। उधर दूसरी ओर घटना में मृत चौकीदार के शव को कब्जे में लेकर पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सिपाही का पोस्टमार्टम शाहजहांपुर में ही कराया गया। घटना की जानकारी सिपाही के परिजनों को दे दी गई है और वह लोग शाहजहांपुर के लिए रवाना हो चुके हैं। मुजफ्फरनगर के उस गांव में मातम पसरा है जहाना सिपाही बैसला का घर था। उनके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है लेकिन अभी तक उनके घर पर कोई राजनीतिक गिद्ध और दोगले टीआरपीबाज चैनल वाले नहीं पहुंचे हैं। आगे की खबर कल

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