तोगडिय़ा ने VHP को अलविदा कहा, बोले सत्ता के मदमस्तों ने मुझे किया मजबूर

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नई दिल्ली: वही हुआ जिसका अंदाजा लगाया जा रहा है। पिछले 32 साल से सदस्य और अध्यक्ष पद पर रहे प्रवीण तोगडिय़ा ने कल विश्व हिन्दू परिषद् को अलविदा कह दिया और कहा कि मुझे ऐसा करने पर मजबूर किया गया। हरियाणा के गुरुग्राम के न्यू पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में कल विश्व हिन्दू परिषद् का चुनाव सम्पन्न हुआ। 273 सदस्यों को चुनाव में मतदान करना था जिसमें 192 सदस्यों ने अपने मत का प्रयोग किया। हालांकि एक मत अयोग्य हो गया कुल 191 सदस्यों के मत के आधार पर वीएचपी के अध्यक्ष का निर्णय हुआ। विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री डॉ सुरेंद्र जैन ने एक प्रेस वार्ता कर बताया कि वीएचपी के नए अध्यक्ष वीसी कोकजे चुने गए हैं, जिन्हें 131 मत मिले हैं जबकि राघव रेड्डी को 60 मत मिले हैं।कड़ी सुरक्षा के बीच सम्पन्न हुए चुनाव में करीब आधा दर्जन सदस्य विदेशों से आए थे। चुनाव के बाद प्रवीण तोगडिय़ा ने नवनिर्वाचित अन्तराष्ट्रीय अध्यक्ष को बधाई देते हुए विहिप को अलविदा कह दिया। उन्होनें कहा कि इस चुनाव में सत्य की हार हुई और असत्य ने सत्ता के बलबूते जीत हासिल की है।

तोगडिय़ा ने कहा कि उनका उद्देश्य राम मंदिर निर्माण के लिए कानून बनवाना है जो संसद में बनवा कर रहेंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें विहिप को छोडऩे के लिए मजबूर किया गया। कुछ सत्ता के मदमस्तों ने उन्हे इस लिए मजबूर किया कि वो हिंदूओं की आवाज उठा रहे थे और राम मंदिर को लेकर बुलंद आवाज की हुई थी।

उन्होंने कहा कि वो कुछ ही दिनों बाद उन लोगों को ऑडियो क्लीप भी जारी करेंगे, जिन्होंने उन्हें धमकी दी थी और वीएचपी को छोडऩे के लिए मजबूर किया है। प्रवीण तोगडिय़ा ने 17 अप्रैल से अहमदाबाद में अनिश्चितकालिन हड़ताल पर बैठने का एलान किया है। इसके लिए सभी हिंदू लोगों से अपील की है कि उनका साथ दें, वहीं वही उन्होंने ये भी कहां कि इस चुनाव के बाद जो हो रहा है उससे सभी विश्व हिंदू परिषद के लोग नाराज हैं।

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