राम मंदिर: पीएम मोदी ने भी साधा कांग्रेसी नेता कपिल सिब्बल पर निशाना

No objection that Kapil Sibal is fighting on behalf of Muslim community

नई दिल्ली: राम मंदिर मामले में कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल की चौतरफा किरकिरी को रही है। जब से वक्फ बोर्ड ने सिब्बल के फैसले को गलत बताया तबसे कपिल सिब्बल और और ज्यादा फजीहत होने लगी और अब तो पीएम मोदी ने भी सिब्बल पर इस मामले को लेकर निशाना साधा है। गुजरात में चुनावी रैली को सम्बोधित करते हुए पीएम ने सिब्‍बल की दलील पर सवाल उठाए. उन्‍होंने सवालिया लहजे में कहा कि आखिर कपिल सिब्‍बल किस आधार पर कह सकते हैं कि 2019 में अगले लोकसभा चुनाव के बाद सुनवाई हो। पीएम मोदी ने कहा कि जब तीन तलाक का मसला सुप्रीम कोर्ट में था और सरकार ने इस पर अपना हलफनामा दाखिल किया तो अखबारों ने टिप्‍पणी करते हुए कहा कि यूपी चुनावों के मद्देनजर मैं इस पर खामोश रहूंगा। लोगों ने भी मुझसे कहा कि इस मुद्दे पर नहीं बोलिए क्‍योंकि चुनावों में नुकसान हो सकता है। लेकिन मैंने स्‍पष्‍ट कर दिया कि मैं इस पर चुप नहीं रहूंगा। हर चीज चुनाव के लिए नहीं होती। यह मुद्दा महिलाओं के अधिकारों से जुड़ा है…चुनाव बाद में आते हैं लेकिन मानवता पहले आती है।

दरअसल कपिल सिब्‍बल सुप्रीम कोर्ट में अयोध्‍या मसले पर सुन्‍नी वक्‍फ बोर्ड के वकील हैं। उन्‍होंने कोर्ट में कल यह दलील दी थी, उसी पर पीएम नरेंद्र मोदी ने यह सवाल किया. कपिल सिब्‍बल ने दलील दी थी कि 2014 के चुनावी संकल्‍प पत्र में बीजेपी ने अयोध्‍या में राम मंदिर बनाने का वादा किया था, ऐसे में इस वक्‍त इस पर सुनवाई से देश पर व्‍यापक असर पड़ सकता है। लिहाजा जनभावनाओं के लिहाज से इस बेहद संवेदनशील मसले पर जुलाई, 2019 से पहले सुनवाई नहीं होनी चाहिए।

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