सीएम साहब राजा नाहर सिंह क्रिकेट स्टेडियम के पुननिर्माण पर भेजा गया पैसा कब खर्च होगा?

0
919
Nahar Singh Stadium, Faridabad News

फरीदाबाद। हरियाणा सरकार ने राजा नाहर सिंह क्रिकेट स्टेडियम के पुर्ननिर्माण को लेकर प्रथम चरण में 5 करोड़ रुपए की धनराशि जिला उपायुक्त कार्यालय को कई महीने पहले भेज दी है परंतु अभी तक स्टेडियम का पुर्ननिर्माण का कार्य शुरु नहीं किया जा रहा। अब मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पूर्व रणजी क्रिकेटर व राजा नाहर सिंह स्टेडियम बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक संजय भाटिया ने सरकार से यह पूछा है कि उक्त राशि से स्टेडियम का पुर्ननिर्माण का कार्य कब तक शुरु होगा। गौरतलब रहे कि हरियाणा सरकार इस स्टेडियम को दोबारा से अंतर्राष्ट्रीय मानकों के तहत इसके निर्माण पर 30 से 40 करोड़ रुपए की धनराशि खर्च करने जा रही है। श्री भाटिया ने अपने पत्र में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, खेल मंत्री अनिल विज व हरियाणा खेल प्रकोष्ठ के चेयरमैन और पूर्व अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर चेतन शर्मा का भी आभार व्यक्त किया है, जिनके प्रयासों से यह सब संभव हो पाया। जहां पिछली सरकारों में यह काम नहीं हो पाया वहीं मौजूदा सरकार ने फरीदाबाद व हरियाणा के एकमात्र अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम जिस पर सन् 2006 तक आठ अंतर्राष्ट्रीय मैच खेले जा चुके है परंतु उसके उपरांत हरियाणा क्रिकेट संघ के सर्वाेसर्वा रणवीर सिंह महेन्द्रा की घटिया राजनीति के चलते स्टेडियम का भविष्य न केवल अंधकारमय हो गया था बल्कि इस स्टेडियम पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर के मैच तो दूर जिलास्तरीय मैच भी होने अब बंद हो गए है।

अपने पत्र में उन्होंने हरियाणा सरकार के एक मंत्री एवं क्षेत्र की विधायिका का भी आभार व्यक्त किया और इन दोनों को फरीदाबाद के सांसद कृष्णपाल गुर्जर के साथ मिलकर स्टेडियम के इस निर्माण में बिना राजनीति करे अपना योगदान देने के लिए भी आह्वान किया। गौरतलब रहे कि फरीदाबाद के इस मंत्री महोदय ने दिसंबर, 2014 को एक सेलिब्रेटी मैच करवाकर बतौर मुख्यातिथि माननीय मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को बुलाया था और उस समय जमकर वाहवाही लूटी थी। दूसरी तरफ जहां पर यह स्टेडियम स्थित है, उसी विधानसभा क्षेत्र की विधायिका ने तो यहां पर तहसील कार्यालय खोलने की पहल भी की थी, जिस पर हम सब खिलाडिय़ों ने तहसील न बनाने का मुद्दा बड़ी प्रमुखता से उठाया था, जिस पर सरकार के खेल मंत्री अनिल विज ने उस समय इस मामले में संज्ञान लेते हुए बकायदा प्रेस को संबोधित करते हुए यह भी कहा था कि खेल के मैदान खिलाडियों व हमारे के लिए मंदिर के समान है और हम खेल के अलावा अन्य कार्याे के लिए कोई भी स्टेडियम या खेल मैदान सरकार मुहैया नहीं करवाने देगी। अंत में अपने पत्र में उन्होंने हरियाणा सरकार को अपनी राष्ट्रीय धरोहर को बचाने के लिए न केवल धन्यवाद किया बल्कि स्टेडियम के पुर्ननिर्माण के लिए जो भी धनराशि स्टेडियम पर खर्च हो, उसके लिए एक समिति का भी गठन किया जाए, जिसमें कुछ खिलाडियों को भी सरकार शामिल करें ताकि सरकार का जो नारा भ्रष्टाचार मुक्त देश हमारा का है, उसमें पारदर्शिता से स्टेडियम का निर्माण का कार्य करवाया जा सके।

LEAVE A REPLY