कुत्ते के नाम से साल भर से ले रहा था सरकारी राशन, आधार कार्ड मांगने पर खुली पोल

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New Delhi: सरकारी योजनाओं का लाभ किस तरह से गलत तरीके से उठाते हैं ये आप मध्य प्रदेश के धार की एक खबर से अंदाजा लगा सकते हैं जहां अपने कुत्ते के नाम से एक व्यक्ति एक साल से राशन ले रहा था। नई दुनिया के मुताबिक़ अधिक राशन लेने के लालच में एक व्यक्ति ने राजू नाम से अपने पालतू कुत्ते का नाम राशन कार्ड में डलवा दिया। यही नहीं राशन कार्ड के कॉलम ‘मुखिया से संबंध” में बाकायदा पुत्र लिखवाया है। सालभर से तीन लोगों का राशन लो रहा है। हाल ही में मामला तब खुला जब सेल्समैन ने आधार कार्ड मांगा। तीन में से दो लोगों के आधार नंबर तो उसने दे दिया लेकिन जब तीसरे का आधार नंबर नहीं दे पाया। पूछने पर उसने बताया कि वो उसका कुत्ता है।

यह चौंकाने वाला मामला है धार ग्राम पंचायत बोडिया का है। यहां के गुलरीपाड़ा निवासी 70 वर्षीय नृसिंह बोदर के राशन कार्ड में घर के तीन सदस्य के नाम दर्ज हैं। हर बार की तरह नृसिंह इस बार भी हफ्तेभर पहले राशन लेने शासकीय उचित मूल्य की दुकान पर पहुंचा था। दुकान पर पीओएस मशीन लगी होने से उसमें कार्ड में दर्ज सभी व्यक्तियों के आधार कार्ड के नंबर डालना होता है, ताकि व्यक्ति का मिलान किया जा सके ।सेल्समैन कैलाश मारू ने बताया कि विभाग द्वारा महीने भर से आधार कार्ड नंबर लिंक करवाने को लेकर सख्ती बरती गई है, जिसके चलते सभी के आधार कार्ड लिए जा रहे हैं। इसी वजह से मैंने नृसिंह से आधार कार्ड मांगा था। उसने दो व्यक्तियों का कार्ड और नंबर दे दिया लेकिन जब मैंने राजू का आधार नंबर मांगा तो बोला वो तो मेरे कुत्ते का नाम हा उसका आधार कार्ड कहां से लाऊं।
जांच की तो पता चला कि ग्राम पंचायत द्वारा जो राशन कार्ड बनाया गया, उसका सत्यापन नहीं कि या गया है। इस संबंध में मैंने खाद्य अधिकारी अनुराग वर्मा को जानकारी दे दी है। उन्होंने नाम हटाने के निर्देश दिए हैं। नाम हटाने के लिए बुधवार तक सभी दस्तावेजों सरदारपुर मुख्यालय भेज दूंगा। इसमें समग्र आईडी और कुत्ते के नाम (राजू) के साथ प्रकरण की जानकारी होगी।

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