पीएम मोदी की रोहतक रैली में और कमजोर दिखी हरियाणा भाजपा, पहली बार नहीं लगे मोदी-मोदी के नारे

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अनूप कुमार सैनी, रोहतक, 10 अक्टूबर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सांपला में हुई रैली में पहली बार उन्हें जनता के विरोध का सामना करना पड़ा। रैली स्थल को बिजली की व्यवस्था भी विवादों में रही। रैली स्थल को बिजली ट्रांसफार्मर से डायरेक्ट जोड़ा गया था। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की भी खूब धज्जियां उड़ाई गई। नैशनल हाईवे को बुरी तरह से भाजपा के बैनरों से पाट रखा था। ज्ञात रहे कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार नैशनल हाईवे पर किसी प्रकार के बोर्ड या फ्लैक्स नहीं लगाए जा सकते।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रैली में पहली बार ऐसा हुआ है कि मोदी-मोदी के नारे नहीं लगे। रैली स्थल पर भी अव्यवस्था का आलम रहा। पत्रकारों की गैलरी में भाजपा कार्यकर्त्ताओं का जमघट लगा रहा। पत्रकारों की गैलरी में जब भाजपा कार्यकर्त्ता मोदी के नारे लगाने लगे तो कई पत्रकारों ने उन्हें डांट कर वहां से खदेड़ा।
रहबरे-आजम व किसानों के मसीहा चौ. छोटूराम की जयंती के मौके पर सांपला में आयोजित रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बुरी तरह हूटिंग हो गई। किसी प्रधानमंत्री की ऐसी हूटिंग पहले शायद ही कभी हुई हो। पिछले चार साल के शासनकाल के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की सार्वजनिक रूप से ऐसी छिछालेदारी देश में शायद कहीं भी नहीं हुई। मोदी का पूरा भाषण ही शोर शराबा, हुल्लड़बाजी व हूटिंग की भेंट चढ़ गया।

गौरतलब है कि मोदी जी का भाषण शुरू होने तक सब कुछ एकदम शांत था और भीड़ एकदम अनुशासनबद्ध तरीके से बैठी हुई थी। मोदी के भाषण के लिए खड़े होते ही लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका स्वागत किया। लग रहा था कि अभी भी हरियाणा में मोदी जी का जादू बरकरार है। मोदी ने शुरूआत में ‘सर छोटूराम, अमर रहें-अमर रहें’ के नारे लगवाए, जिसका लोगों ने खूब गर्मजोशी से जवाब दिया। इसके बाद मोदी ने सर छोटूराम के गुणगान शुरू किए और किसानों की भलाई के लिए किए गए उनके कामों को गिनाने लगे।
इसी बीच अचानक प्रेस गैलरी के पीछे से शोर शराबा सुनाई देने लगा। हजारों की तादाद में नौजवान दोनों हाथ हिला-हिला कर कहने लगे, हमें नहीं सुनना आपका भाषण। बीजेपी नेता समझ नहीं पा रहे थे कि अचानक यह क्या झमेला शुरू हो गया ? इन नौजवानों के शोर के कारण किसी को मोदी का भाषण पल्ले नहीं पड़ रहा था लेकिन मोदी ने भी हूटिंग से विचलित हुए बिना अपना भाषण जारी रखा। उन्होंने न तो कोई राजनीतिक बातें हीं की और न किसी की आलोचना करने का प्रयास ही किया। उनका पूरा भाषण सर छोटूराम, सरदार पटेल और किसानों की समस्याओं पर ही केंद्रित रहा।
बीजेपी के कुछ नेताओं ने मोदी का विरोध कर रहे नौजवानों को शांत कराने का प्रयास किया लेकिन ये नौजवान पूरे समय खड़े ही रहे और समझाने का उन पर कोई असर नहीं हुआ। उन्होंने कुर्सियों पर बैठने का उपक्रम तक नहीं किया। प्रेस गेलरी के पीछे मौजूद पुलिस कर्मी मूक दर्शक बने रहे और उन्होंने विरोध करने वालों को खदेड़ने का कोई प्रयास नहीं किया। यदि नारेबाजी व हूटिंग करने वाले की तादाद कम होती तो पुलिस उन्हें दबोच भी लेती लेकिन हजारों लोगों की भीड़ को खदेड़ने के उपक्रम में हालात खराब होने का अंदेशा था।

पंडाल में भगदड़ मचने की अाशंका के चलते पुलिस शांत बनी रही। अगर भगदड़ मच जाती तो बहुत लोगों की जानें जा सकती थी। स्टेज और हूटिंग करने वालों के बीच में सिर्फ वीआईपीज, सरकारी अधिकारियों व प्रैस संवाददाताओं की गैलरियां ही थी। हूटिंग करने वालों के लगातार खड़े रहने और शोर मचाने के कारण पंडाल में पीछे बैठे लोगों को कुछ दिखाई नहीं पड़ रहा था। इस वजह से पीछे की कुर्सियों पर बैठे लोग उठ कर पंडाल से बाहर जाने लगे। नतीजा यह हुआ कि मोदी का भाषण खत्म होने से पहले ही आधा पंडाल खाली हो चुका था।
मोदी के भाषण के खत्म हो जाने और उनके स्टेज से चले जाने के बाद भी कुछ देर तक ये हुड़दंगी नौजवान शोर मचाते रहे। वैसे भाषण देते समय मोदी के चेहरे के भाव लगातार रंग बदलते रहे। हुड़दंगी नोजवानों की भीड़ के शोर शराबे व नारेबाजी के कारण वे बैचेन जरूर दिखे लेकिन उन्होंने संयम बनाए रखा और हुडदंगियों को धमकाने या चेतावनी देने की कोई कोशिश नहीं की और अपना भाषण जारी रखा।
दूसरी ओर स्टेज पर बैठे मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह की हालत देखने लायक थी। वे बेबसी से हाथ मलते रहे और कुछ नहीं कर सके। बीजेपी के तमाम आला नेताओं के चेहरे आज के इस नजारे को देख कर उतरे हुए नजर आए परंतु कुछ ऐसे नेता भी थे, जिनके चेहरे खिले हुए दिखाई दिए।
सबसे बुरी हालत पुलिस व गुप्तचर एजेंसियों के आला अधिकारियों की दिखाई दी, जिनकी जिम्मेदारी हुड़दंगियों पर निगाह रखने की थी। गुप्तचर एजेंसियों के जासूसों को भनक तक नहीं लगी और हजारों की तादाद में हुडदंगी स्टेज के इतने करीब तक पहुंच गए। अगले एकाध दिन मे रोहतक जिले के बड़े अधिकारियों तथा गुप्तचर एजेंसियों के अफसरों पर आज के घटनाक्रम को लेकर गाज गिरने की पूरी संभावना है। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में इतनी बड़ी तादाद में हुडदंगियों का निर्विद्धन पहुंचना सुरक्षा की दृष्टि से एक बड़ी चूक मानी जा रही है।
हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने भी पीएम के मंच पर चढ़ने की कोशिश की थी लेकिन एसपीजी के कमांडोज ने उन्हें हाथ पकड़ कर पीछे कर कर दिया और स्टेज पर न चढ़ने दिया। वैसे हरियाणा बीजेपी के 3 लोकसभा सदस्यों केंद्रीय मंत्री व गुरूग्राम के लोकसभा सदस्य राव इंद्रजीत सिंह, करनाल के सांसद और पंजाब केसरी के संपादक अश्विनी चोपड़ा तथा कुरूक्षेत्र के सांसद राजकुमार सैनी की आज की रैली में गैर मौजूदगी चर्चा का विषय बनी रही।

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