कुछ इस तरह से मिशन 2019 की जंग जीतना चाहते हैं अमित शाह

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नई दिल्ली: मिशन 2019 के लिए भाजपा चीफ की बड़ी तैयारी चल रही है और अमित शाह हर हालत में मिशन 2019 की जंग जीतना चाहते हैं। सूत्रों की मानें तो भाजपा आने वाले दिनों में विपक्षी पार्टियों को छोटे छोटे मुद्दों पर उलझाकर रखेगी ताकि विपक्षी उन्ही मुद्दों को लेकर उलझे रहें और मतदाताओं तक न पहुँच सकें। कांग्रेस की बात करें तो ये पार्टी कई राज्यों में अब तक जिलों के जिला अध्यक्षों तक नहीं चुन पाई है और भाजपा की बात करें तो भाजपा ने गली अध्यक्ष भी चुन लिया है। भाजपा की तैयारियों की बात करें तो पूरे देश में 5.30 लाख बूथों की वोटर सूची के हर पेज का पन्ना प्रमुख नियुक्त करने के बाद भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने अब देश भर में फोन प्रभारी नियुक्त करने का फैसला लिया है। शाह ने अभी हाल ही में पार्टी के उच्च पदाधिकारियों संग हुई बैठक में कहा कि हर संसदीय क्षेत्र में कम से कम 1200 फोन प्रभारी होने चाहिएं। ये प्रभारी अपनी संसदीय सीट के सभी मतदाताओं के मोबाइल व लैंडलाइन फोन को नियंत्रित करेंगे। ये सभी प्रभारी एस.एम.एस., व्हाट्सएप व अन्य सोशल मीडिया टूल्स के माध्यम से इन मतदाताओं से संपर्क साधेंगे। भाजपा की मोबाइल सदस्यता करीब 12 करोड़ है।

हालांकि यह आंकड़ा 14 करोड़ के आसपास है लेकिन सत्यापित डाटा 12 करोड़ ही है। आगामी चुनावों में भाजपा इस विशाल आंकड़े को इस्तेमाल करेगी। 12 करोड़ की इस सुदृढ़ सख्यां को भाजपा आने वाले समय में गतिशील करेगी। इसलिए हर विधानसभा में फोन प्रभारी की नियुक्ति की गई है। पार्टी हर संसदीय सीट पर मोबाइल सदस्यों की सं या के हिसाब से 1200 मोबाइल फोन प्रभारी तैनात करेगी। यदि एक विधानसभा में एक से अधिक प्रभारियों की जरूरत महसूस होगी तो वहां 2 प्रभारियों की नियुक्ति भी होगी। पार्टी पहले ही इस डाटा को विधानसभा, जिला वार, ब्लॉक व गांव वाइज बांट चुकी है।

ये प्रभारी जानेंगे कि उस इलाके की मुख्य समस्या क्या है और उसके बाद वे बूथ प्रभारी से संपर्क करेंगे और फिर उसके हिसाब से मैसेज प्रसारित होगा। इन्हीं प्रभारियों द्वारा यह संदेश समन्वित तरीके से फैलाया जाएगा। इसके लिए उन्हें अलग से जरूरी तकनीक से लैस कमरे भी उपलब्ध करवाए जाएंगे।

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