हरियाणा में चल रहा था स्वागत बोर्ड घोटाला

0
667
Mewat Haryana Latest News

यूनुस अलवी, मेवात: हरियाणा अब तक: मेवात जिला की ग्राम पंचायतों में लगाए जा रहे स्वागत बोर्डो में बड़ा घोटाला चल रहा था ।  मेवात के डीसी और डीडीपीओ के आदेश पर पुन्हाना की लक्ष्य इंटरप्राईजेज कंपनी ने सोमवार को करीब डेढ़ लाख रूपये में तैयार किया गऐ स्वागत बोर्ड को नूंह खंड की ग्राम पंचायत खेडली कंकर लगा दिया है। इस मौके पर मेवात जिला जिला विकास एंव पंचायत अधिकारी के अलावा, नूंह के बीडीपीओ, पंचायत सचिव, सरपंच ओर गांव के प्रमुख लोग मौजूद थे।

कंपनी द्वारा मात्र डेढ लाख रूपये की लागत से स्वागत द्वारा लगाकर ये साबित कर दिया है कि अब से पहले पंचायतों द्वारा गावों में लगाऐ जा रहे स्वागत बोर्डों की वास्तविक कीमत से कई गुणा अधिक राशि वसूल कर करोडों रूपये की धांधली को अंजाम दिया जा रहा था। वहीं कंपनी द्वारा पहले से लगे बोर्डो से बेहतर बोर्ड और सस्ते में बनाने पर जिला विकास एंव पंचायत अधिकारी रोकश मोर और खेडली कंकर के सरपंच मोहम्मद एसपी ने कंपनी को गांव में एक और स्वागत बोर्ड बनाने का आर्डर भी दे दिया है। अब से पहले बोर्ड बनाने वाले ठेकेदारों की नींद उड गई है और उनको एक बोर्ड पर लिए गये लाखों रूपये की रिकवरी का भी सामना करना पडेगा। वहीं जिला प्रशासन की इमानदारी के चलते केवल मेवात जिला में ही करीब 12 करोड रूपये का फायदा होने का अंदाजा है।

गांव खेडली कंकर के सरपंच मोहम्मद एसपी, पूर्व सरपंच जम्मल और वसीम खान का कहना है कि गांव के स्वागत बोर्ड बनवाने लिए काफी दिनों से कई ठेकेदार आ रहे थे। वे सभी साडे तीन लाख रूपये में एक बोर्ड बनाने की बात कर रहे थे। उन्होने बताया कि डीडीपीओ के आदेश पर उन्होने लक्ष्य इंटरप्राईजेज कंपनी से आज बोर्ड लगवाया है। कंपनी ने मात्र एक लाख 65 हजार रूपये में बोर्ड बनाकर दिया है। इससे उनकी पंचायत के करीब पौने दो लाख रूपये का फायदा हो गया है।

वहीं लक्ष्य इंटरप्राईजेज कंपनी पुन्हाना के मालिक अजय कंसल ने बताया कि आटा में नमक तो सब खाते हैं लेकिन यहां तो नमक में आटा खाया जा रहा था। उन्होने मीडिया का धन्यवाद करते हुऐ कहा कि अगर मीडिया उसकी बात को सरकार और अधिकारियों तक नहीं पहुंचाता तो शायद ये धांधली और आगे तक चलती रहती। उन्होने कहा कि उसने एक लाख 65 हजार रूपये में उच्च क्वालीटी का बोर्ड लगाया है। जबकि जो बोर्ड साडे तीन लाख में लगाए गऐ हैं उससे काफी मजबूत मेटेरियल लगाया गया है। अजय कंसल का कहना है कि कई ठेकेदारों को बोर्ड ना लगाने की कई दिनो से धमकी दी जा रही है। कई ठेकेदारों ने उनको लालच भी दी थी लेकिन उसका मकसद भ्रष्टाचार को खत्म करना है।

बता दें कि जिले में पंचायतों द्वारा स्वागत बोर्ड के नाम पर धांधली का खेल लंबे समय से चल रहा था। इन बोर्डोंं के नाम पर सरपंच व ठेकेदार अधिकारियों से मिलीभगत कर करीब ढाई गुणा राशि वसूल रहे थे। जबकि बोर्ड की किमत मात्र डेढ़ लाख रूपये के करीब थी और पंचायतो की ओर से ठेकेदारों को इसका भुगतान साढे तीन लाख रूपये तक किया जा रहा था। करोडों रूपये की सरकारी राशी को चूना लगाकर आपस में बंदरबांट किया जा रहा था। इसकी कलई जब खुली तब पुन्हाना की लक्ष्य इंटरप्राईजेज कंपनी की बात को हमारे संवाददाता द्वारो प्रमुखता से छापा और डीसी और डीडीपीओ ने इस पर संज्ञान लिया। कंपनी के मालिक ने इन बोर्डों से अच्छी गुणवत्ता देने के साथ ही इन्हें मात्र डेढ़ लाख रूपये में लगाने का दावा किया। कंपनी द्वारा मात्र 165000 रूपये में स्वागत बोर्ड लगा देने के  बाद पंचायत विभाग से लेकर सरपंचों व ठेकेदारों में हडकंप मच गया।

LEAVE A REPLY