मंत्री विज से इच्छा मृत्यु की मांग, मेदांता में बड़ी लूट जारी, बहुत रोया गरीब

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नई दिल्ली/ चंडीगढ़ राम नाम की लूट है, लूट सके तो लूट, बड़ा गड़बड़झाला और बड़ी लूट जारी है देश के तमाम प्राइवेट स्कूलों और अस्पतालों में लेकिन सर्कार सो रही है। हरियाणा के कई बड़े अस्पतालों में बड़ी लूट की ख़बरें आती रहतीं हैं लेकिन निजी अस्पताल वाले बड़े लोग होते हैं इसलिए शायद सरकार से या सम्बंधित मंत्रियों अधिकारियो से सेटिंग कर लेते हैं। हरियाणा के एक बड़े अस्पतालों में शुमार मेदान्ता अस्पताल पर एक बार फिर लापरवाही के आरोप लगे हैं। इस मामले में परिवार इतना परेशान है कि उन्होंने अपने मरीज के लिए स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से से इच्छा मृत्यु की मांग कर डाली। पीड़ित परिवार हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री से मिला। स्वास्थ्य मंत्री से परिवार के लोगों ने शिकायत की है। परिवार का आरोप है कि पिछले 50 दिनों से उनका मरीज एडमिट है और अस्पताल प्रबंधन उन्हें उनकी हालत के बारे में जानकारी नहीं दे रहा है।

परिवार के अनुसार दबाव देने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने अब बताया है कि मरीज कोमा में है, जबकि पीठ बुरी तरह से गल चुकी है। इस मामले को देखते हुए हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के आलाधिकारी को जांच सौंपते हुए 3 दिनों में रिपोर्ट मांगी है।

पंजाब केसरी की एक खबर के मुताबिक दिल्ली के रहने वाले परवीन सैनी के ससुर चंदरभान सैनी की तबियत 2 अगस्त को अचानक बिगड़ी थी। जहां जाने पर उस अस्पताल ने किसी बड़े अस्पताल में ले जाने की सलाह दी। परवीन सैनी अपने ससुर को गुरुग्राम के मेदान्ता में ले आए। मेदांता ने हार्ट सर्जरी करने की बात कहकर 6 लाख रूपये लिए। अस्पताल प्रबंधन ने ऑप्रेशन के बाद चार से पांच दिनों में छुट्टी करने की बात कही थी।

परवीन ने बताया कि इसके बाद लगातार 25 दिनों तक अस्पताल प्रबंधन आज कल कहता नजर आया। लगातार अस्पताल की तरफ से बहाने बनाए गए। उनके ससुर करीब 50 दिनों से अस्पताल में भर्ती हैं। जब परिवार ने दबाव बनाया तो अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि चंदरभान के दिमाग में खून चला गया है, जिसके चलते वो कोमा में चले गए हैं। परवीन ने बताया कि उनके ससुर की पीठ भी पूरी तरह से गल चुकी है।

परवीन ने बताया कि अस्पताल ने उनसे 11 लाख रूपये ले लिए, जब उन्हें पीठ गल जाने के बारे में पता चला उन्होंने पैसे जमा करवाने बंद कर दिए। अस्पताल प्रबंधन अब उन्हें अपने मरीज को ले जाने का दबाव बना रहा है। आज परवीन शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से मिले। जहां पर उन्होंने अपनी शिकायत रखी और जांच की मांग की। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से मांग की थी कि उनके मरीज को इच्छा मृत्यु दे दी जाए, इस दौरान वे स्वास्थ्य मंत्री के सामने रो पड़े थे।

वहीं स्वाथ्य मंत्री अनिल विज ने बताया कि मेदान्ता में 50 दिन से एडमिट होने की शिकायत दी है। विज ने कहा कि परिवार ने कहा है कि मरीज की हालत के बारे में कोई जानकारी नहीं दी जा रही है, जबकि काफी पैसे जमा करवाने के लिए कहा जा रहा है। शिकायत मिलने के बाद उन्होंने उच्चाधिकारियों को जांच के आदेश दिए हैं और तीन दिनों में रिपोर्ट देने के लिए कहा है।

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