शहीदी दिवस पर गरीबों को भोजन करा फरीदाबाद की 2 बच्चियों ने मनाया अपना जन्मदिन

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फरीदाबाद। नाम आसरिया और मिसका उम्र दो साल, फरीदाबाद की इन जुड़वा बच्चियों का आज जन्मदिन है और दोनों बच्चियों ने आज अपना जन्मदिन गरीबों को भोजन कराकर मनाया। आसरिया और मिसका के पिता मयंक चौधरी ने बताया कि शहीदी दिवस पर देश की आजादी में अहम योगदान देने वाले अपने देश के लिए प्राणों को न्यौछावर करने वाले शहीद-ए-आज़म भगतसिंह , राजगुरु , सुखदेव की याद में हमने अपनी बेटियों के जन्मदिन पर सिविल अस्पताल में गरीबों को भोजन करा शहीदों को श्रद्धांजलि दी।उन्होंने कहा की हम शहीदों के आदर्शों का अनुसरण कर राष्ट्र हित में योगदान देने का संकल्प लें जो उनके द्वारा किए सर्वोच्च बलिदान का सच्चे अर्थों में सम्मान होगा। चौधरी ने कहा की भारत माता के इन पराक्रमी सपूतों के त्याग, संघर्ष और आदर्श की कहानी इस देश को हमेशा प्रेरित करती रहेगी।


मयंक चौधरी ने कहा कि अमर शहीद व क्रांतिकारी भगत सिंह, राजगुरू व सुखदेव ने 23 मार्च 1931 को लाहौर सैंट्रल जेल में रात को फांसी का फंदा हसंते-हसंते चूमकर देश की आजादी के लिए अपना अमर बलिदान ही नही दिया अपितु भारत के युवाओं में अंग्रेजों के खिलाफ आजादी की लड़ाई लडऩे का ऐसा जज्बा पैदा किया कि जिससे पूरा अंग्रेजी साम्राज्य ही हिल गया था। इन तीनों महान क्रांतिकारियों की शहादत ने भारतीय आजादी की लड़ाई को एक नया मोड़ दिया जो भारत के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है। सरदार भगत सिंह, राजगुरू व सुखदेव ने अन्य क्रांतिकारियों के साथ मिलकर शहीद चन्द्रशेखर आजाद के नेतृत्व में क्रांतिकारियों का एक संगठन बनाकर देश की आजादी के लिए अमर बलिदान दिये, जिस पर देश को सदैव गर्व रहेगा।


उन्होंने कहा कि जिस तरह अंग्रेजी साम्राज्य ने सभी नैतिकता व कानून को ताक पर रखकर सरदार भगत सिंह, राजगुरू व सुखेदव को रात्रि को 23 मार्च 1931 को लाहौर सैंट्रल जेल में फांसी दी, वह दुनिया के इतिहास में जहां काले अक्षरों में दर्ज है, वहीं पूरी दुनिया ने माना कि अंग्रेजी साम्राज्य किस कदर इन क्रांतिकारियों से भयभीत था। इन क्रांतिकारियों की कुर्बानी व गांधी जी के नेतृत्व में लड़े गए आजादी आंदोलन की बदौलत ही 15 अगस्त 1947 को भारत अंग्रेजी साम्राज्य से मुक्त होकर आजाद देश तो बन गया इसलिए देश युगों युगों तक इन वीर शहीदों को नहो भूल सकेगा। उन्होंने कहा कि बेटियों का जन्मदिन इस तरह से मनाने पर मुझे अपार खुशी हो रही है।

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