शौंचालय न बनवाने वालों के घरों के अधिकारी काटने लगे बिजली कनेक्शन

Lucknow: Block Development Officer of Sarojini Nagar directs cutting electricity supply of houses without toilets in Bhadarsa village.

नई दिल्ली: पिछले साल से ही सरकार चिल्ला रही है कि लोग शौंचालय बनवा लें, खुले में शौंच करने न जाएँ इससे तमाम जानलेवा बीमारियां फैलतीं हैं लेकिन लोग अब भी नहीं समझ रहें हैं। लोगों को लोटा लेकर सड़क किनारे बैठना अच्छा लग रहा है। लखनऊ से एक अलग तरह की खबर आ रही है। न्यूज़ एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ लखनऊ के भदरसा क्षेत्र में आज अधिकारियों ने उन लोगों के घरों की बिजली काट दी जो शौंचालय नहीं बनवा रहे थे। ऐसा नहीं है कि लोगों के पास पैसे नहीं हैं इसलिए लोग शौंचालय नहीं बनवा पा रहे हैं, सरकार गरीबों को शौंचालय बनवाने के लिए पैसे भी दे रही है फिर भी लोग लापरवाही कर रहे हैं। एक जानकारी के मुताबिक़ दुनिया  में सर्वाधिक लोग दूषित जल से होने वाली बीमारियों से पीड़ित हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के आकड़े बताते हैं कि दुनिया में प्रतिवर्ष करीब 6 करोड़ लोग डायरिया से पीड़ित होते हैं, जिनमें से 40 लाख बच्चों की मौत हो जाती है। डायरिया और मौत की वजह प्रदूषित जल और गंदगी ही है। अनुमान है कि विकासशील देशों में होने वाली 80 प्रतिशत बीमारियां और एक तिहाई मौतों के लिए प्रदूषित जल का सेवन ही जिम्मेदार है। प्रत्येक व्यक्ति के रचनात्मक कार्यों में लगने वाले समय का लगभग दसवां हिस्सा जलजनित रोगों की भेंट चढ़ जाता है। यही वजह है कि विकासशील देशों में इन बीमारियों के नियंत्रण और अपनी रचनात्मक शक्ति को बरकरार रखने के लिए साफ-सफाई, स्वास्थ्य और पीने के साफ पानी की आपूर्ति पर ध्यान देना आवश्यक हो गया है।  सरकार निर्मल भारत अभियान, सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान आदि से शौचालय बनवाना चाहती है। इसके लिए सभी राज्यों में पिछले साल से खुले में शौंच से मुक्ति के अभियान चलाया जा रहा है लेकिन अब भी लोग समझ नहीं पा रहे हैं।

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