रेपिस्ट ही नहीं कातिल भी निकला राम रहीम, वकील पाराशर ने कहा इस बाबा को फांसी पर लटकाओ

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Faridabad: 24 अक्टूबर 2002 को सिरसा के सांध्य दैनिक ‘पूरा सच’ के संपादक रामचंद्र छत्रपति पर कातिलाना हमला किया गया। छत्रपति को घर के बाहर बुलाकर पांच गोलियां मारी गईं। जिसके बाद उनकी मौत हो गई जिस मामले में पंचकूला की सीबीआई अदालत ने बाबा राम रहीम को दोषी करार किया है। राम रहीम को इस मामले में कितनी सजा मिलती है ये तो सीबीआई के जज जगदीप सिंह ही फैसला सुनाएंगे लेकिन क़ानून के जानकारों का कहना है कि राम रहीम को फांसी की सजा मिलनी चाहिए।

फरीदाबाद बार एसोशिएशन के पूर्व प्रधान एल एन पाराशर का कहना है कि राम रहीम ने एक नहीं कई बड़े जुर्म किये हैं और इस मर्डर केस में उन्हें फांसी की सजा मिलनी चाहिए। वकील पाराशर ने कहा कि पत्रकार रामचंद्र ने ही पहले राम रहीम के काले कारनामों की पोल खोली थी। वो लगातार अपने समाचार पत्र में डेरे में होने वाले अनर्थ से जुड़ी ख़बरों को छाप रहे थे और सच छाप रहे थे तभी बाबा रेप केस में बंद है और उसे 20 साल की सजा उसी रेप केस में हुई है जिन काले कारनामों को पत्रकार ने उस समय छापा था।

वकील पाराशर ने कहा कि बाबा बहुत पड़ा अपराधी है। उसने करोड़ों लोगों की भावनाओं संग भी खेला और अंदर से कुछ और था बाहर से कुछ और, अंदर से अपराधी था और बाहर से बाबा बनकर लोगों की भावनाओं से खेलता था और गरीब लोगों को ठगता था तभी अरबों की संपत्ति खड़ी कर ली, लग्जरी गाड़ियों से चलने लगा और कई फ़िल्में भी बना डाली और उन फिल्मों में खुद को भगवान् की तरह पेश कर लोगों को ठगने लगा। वकील पाराशर ने कहा कि ऐसे लोग देश पर बोझ हैं जो गरीबों की भावनाओं से खेलते हैं इसलिए ऐसे लोगों को जीने का कोई अधिकार नहीं है। वकील पाराशर ने कहा कि पत्रकार मर्डर केस में अगर बाबा को फांसी की सजा सुनाई जाती है तो पत्रकारों पर हमला करने से पहले कोई सौ बार सोंचेगा।

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