भगवान् राम के बारे में विवादित भाषा बोलने वाले अय्यर को एडवोकेट पाराशर ने लताड़ा

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नई दिल्ली/ फरीदाबाद: नेता कुर्सी के लिए देश को बरबाद कर रहे हैं। देश की संस्कृति से खेल रहे हैं और देवी देवताओं तक का अपमान कर रहे हैं। ऐसे नेताओं की जुबान पर लगाम लगाना बहुत जरूरी है चाहे किसी भी पार्टी के हों। ये कहना है बार एसोशिएशन के पूर्व प्रधान एवं न्यायिक सुधार संघर्ष समिति के अध्यक्ष एडवोकेट एल एन पाराशर का जिन्होंने कांग्रेसी नेता मणिशंकर को लताड़ते हुए कहा कि भगवान् राम के बारे में उन्होंने जो बोला है वो शर्मनाक है और देश की जनता से उन्हें माफी मांगनी चाहिए।

एडवोकेट पाराशर ने कहा कि देश के किसी भी नेता को किसी भी धर्म के बारे में कोई विवादित बयान नहीं देना चाहिए। पाराशर ने कहा कि मैंने सुना कि अय्यर ने अपने सम्बोधन में कहा कि 6 दिसंबर 1992 हिंदुस्तान के लिये एक पतन का दिन था। पाराशर ने कहा कि देश के पतन के बारे में बोलने में उन जैसे नेता को चुल्लू भर पानी में डूब मरना चाहिए।

आपको बता दें कि सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया द्वारा दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम ‘एक शाम बाबरी मस्जिद के नाम’ में मणिशंकर अय्यर ने संबोधित करते हुए कहा था क़ि राजा दशरथ एक बहुत बड़े राजा थे, उनके महल में 10 हजार कमरे थे, लेकिन भगवान राम किस कमरे में पैदा हुए ये बताना बड़ा ही मुश्किल है। जिसके बाद तमाम लोग अय्यर को घेर रहे हैं।

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