ख़याला ट्रिपल मर्डर &अंकित सक्सेना मर्डर याद करे केजरीवाल, गुरुग्राम केस को मजहबी रंग न दे: पाराशर

0
291

नई दिल्ली: एक फरवरी 2018 को दिल्ली के ख़याला में अंकित सक्सेना नाम के युवक की बकरे काटने वाले छूरे से गला काटकर हत्या कर दी गई थी तब कहाँ था केजरीवाल जो गुरुग्राम केस के समय विधवाओं जैसा विलाप कर रहा है। ये सवाल बार एसोशिएशन के पूर्व प्रधान एवं न्यायिक सुधार संघर्ष समिति के अध्यक्ष एडवोकेट एलएन पाराशर ने आम आदमी पार्टी के मुखिया एवं दिल्ली के मुख्य्मंत्री अरविंद सवाल पर दागा है। एडवोकेट पराशर ने कहा कि ये व्यक्ति राजनीतिक गिद्द है और अंकित ही नहीं इसी साल जनवरी में दिल्ली में ही ट्रिपल मर्डर हुआ था. ख़याला में आजाद नाम के एक शख्स ने पति-पत्नी और उनके बड़े बेटे की दर्दनाक हत्या कर दी थी। आजाद ने घर पहुंच कर तीनों का कत्ल कर दिया था। इस मामले पर भी केजरीवाल चुप था क्यू कि बारदात को अंजाम देने वाले का नाम आजाद था।

अंकित की हत्या दर्दनाक थी और उससे ज्यादा ये तीनों हत्याएं भयावह थीं जिसमे दो छोटे-छोटे दो भाई बहन अनाथ हो गए थे। केजरीवाल सरकार ने इनकी मदद तक नहीं की थी। अब ये गुरुग्राम केस को मजहबी रूप दे रहा है जो बेहद शर्मनाक है। पाराशर ने कहा कि नेताओं को आपस में लड़ाना नहीं चाहिए। ये नेता ही दंगा भड़काते हैं और आपस में लड़ाते हैं।

उन्होंने कहा कि गुरुग्राम में जो हुआ उसके जिम्मेदारों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए क्यू कि ये देश सबका है और हर किसी को यहाँ रहने का अधिकार है। पराशर ने हरियाणा पुलिस से मांग की कि सभी आरोपी जल्द गिरफ्तार किये जाएँ और उन्हें कड़ी सजा मिले ताकि देश में ऐसी बारदातें न हो सकें। उन्होंने अरविन्द केजरीवाल को चेताते हुए कहा कि गिद्धों की राजनीति छोड़ दो, ये देश के लिए अच्छा नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर तुम गिद्धों की राजनीति न करते तो अंकित सक्सेना और उसके बाद ट्रिपल मर्डर के पीड़ित बच्चों के आंसू पोंछते लेकिन तुमने ऐसा नहीं किया।

LEAVE A REPLY