साले के साले के साले की शादी फ्री में करवा फरीदाबाद के अधिकारियों ने खूब लूटी अरावली की इज्जत: पाराशर

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फरीदाबाद: अपने साले के साले के साले की शादी फरीदाबाद के अच्छे फ़ार्म हाउस में फ्री में करवाने वाले फरीदाबाद के कई वर्तमान और भूतपूर्व अधिकारी जल्द बेनकाब हो सकते हैं। शहर के जाने माने वकील एल एन पाराशर जो बार एसोशिएशन के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं और वर्तमान में न्यायिक सुधार संघर्ष समिति के अध्यक्ष हैं, जल्द वकील पाराशर कई बड़े अधिकारियों के नामों का खुलासा करने वाले हैं जिन्होंने अरावली का चीरहरण करवाया था और कुछ अब भी करवा रहे हैं। एडवोकेट पराशर ने अभी कुछ मिनट पहले फोन के माध्यम से बताया कि उन्हें पता चला है कि अरावली का सीना चीरकर फ़ार्म हाउस या ममैरिज गार्डन वालों पर कई बड़े अधिकारियों का हाँथ था और है और ऐसे अधिकारी नकद नारायण लिए या नहीं इसका पता लगाया जा रहा है लेकिन अब ये पता चला है कि कुछ बड़े अधिकारी इन मैरिज गार्डनों में अपने साले के साले के साले की शादी फ्री में करवाते थे और ये अधिकारी साल में आधा दर्जन से ज्यादा शादियां इन मैरिज गार्डनों में फ्री में करवाते थे।

गार्डन मालिक से कभी कहते कि मेरे साले के साले के साले की शादी है तो कभी कहते मेरी साली के बेटे की शादी है तो कभी कहते मेरे फूफा के बेटे की शादी है। इस तरह ये एक साल में उस मैरिज गार्डन में आधा दर्जन से ज्यादा शादी करवाते थे और खाने-पीने से लेकर बैंड-बाजा-ढोल का सारा खर्च मैरिज गार्डन के मालिक के ऊपर छोड़ देते थे। एक शादी में गार्डन के मालिक को कम से कम पांच लाख खर्च करना पड़ता था और आधा दर्जन शादियों में लगभग उसे 30 लाख का चूना लगा दिया जाता था। वकील पाराशर ने कहा कि ऐसे अधिकारियों ने ही अरावली का चीरहरण करवाया है। उन्होंने कहा कि अब शहर के लोग उन्हें तमाम तरह जानकारियां गुप्त रूप से भेज रहे हैं और कुछ लोग सबूत भी दे रहे हैं इसलिए जल्द वो कई बड़े अधिकारियों को बेनकाब करने जा रहे हैं साथ में सूरजकुंड गोल चक्कर से लेकर अनखीर तक बने कई फ़ार्म हाउसों, मैरिज गार्डनों पर गाज गिरवाएँगे। पाराशर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने कान्त एन्क्लेव के बारे में जो फैसला दिया है उसी फैसले को आधार बनाकर अन्य अवैध निर्माणकर्ताओं पर कार्यवाही करवाई जाएगी ।तस्वीर में वकील पाराशर महिपाल ग्रीन वैली के सामने खड़े होकर ये बता रहे है कि यहाँ भी अवैध निर्माण हुआ है। अरावली का सीना यहाँ भी चीरा गया है।

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