अरावली चीरहरण: फरीदाबाद के DC, नगर निगम कमिश्नर के खिलाफ SC जाएंगे LN पाराशर

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फरीदाबाद: फरीदाबाद बार एसोशिएशन के पूर्व अध्यक्ष एवं न्यायिक सुधार संघर्ष समिति के अध्यक्ष एल एन पाराशर के उस बयान से शहर में तहलका मच सकता है जिसमे उन्होंने कहा है कि अरावली में चल रहे अवैध निर्माण और 1992 के बाद बने अवैध फ़ार्म हाउसों के जिम्मेदार बड़े अधिकारियों के खिलाफ वो सुप्रीम कोर्ट जा रहे हैं और इस मामले में फरीदाबाद के जिला अधिकारी, नगर निगम कमिश्नर, वन विभाग के अधिकारी के खिलाफ नोटिस भिजवाएंगे। वकील पाराशर ने कहा कि बड़े अधिकारियों की अनदेखी के कारण अरावली का चीर हरण हुआ है। उन्होंने कहा कि सूरजकुंड गोल चक्कर से लेकर अनखीर गोल चक्कर के बीच जितने भी फ़ार्म हॉउस या अन्य निर्माण हुए है या हो रहे हैं सबके बारे में उन्होंने जानकारी माँगी है और सभी को ध्वस्त करवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट जा रहे हैं। उन्होंने कहा अरावली का चीर हरण हुआ जिस कारण फरीदाबाद में रिकार्ड स्तर पर प्रदूषण बढ़ा, अरावली के चीर हरण की वजह से जंगली जानवर शहर में भाग रहे है। उन्होंने कहा कि बड़खल में तेंदुए ने देश दर्जन जानवरों को मार डाला इसमें उसकी कोई गलती नहीं है उन लोगों की गलती है जिन्होंने अरावली पर बड़े बड़े निर्माण किया। उन्होंने कहा कि जानवर जंगल में रहते हैं लेकिन जब जंगल में इंसान रहने लगेंगे तो जानवर कहाँ जाएंगे, इसलिए वो शहर की तरफ भाग रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अनंगपुर में बने महिपाल ग्रीन वैली को 2013 में तोडा गया था लेकिन उसे फिर बना लिया गया और अब वहां महल बन गया है। उन्होंने कहा कि बड़े अधिकारी इन निर्माणों का कारण है। उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव हरियाणा, जिला अधिकारी फरीदाबाद, नगर निगम कमिश्नर फरीदाबाद और वन विभाग के चीफ के खिलाफ मैं सुप्रीम कोर्ट जा रहा हूँ और नोटिस भेज इनसे पूंछूंगा कि अरावली का चीर हरण क्यू जारी है। इन सभी अधिकारियों पर कोर्ट आफ कंटेप्ट की शिकायत दूंगा ये सभी अपनी ड्यूटी ठीक से नहीं निभा रहे हैं इनकी वजह से ही जंगल पर कब्ज़ा हुआ और अरावली का चीर हरण हुआ और जारी है।

वकील पाराशर ने कहा कि फरीदाबाद में कई वर्षों से चील, बाज, तोते, गिद्ध, गौरैया जैसे पक्षी देखने को नहीं मिलते जिसका प्रमुख कारण जंगल पर कब्ज़ा है। बड़े बड़े फ़ार्म हाउसों में पटाखे दगाये जाते हैं जिस कारण तमाम पक्षी फरीदाबाद से बहुत दूर हो गए हैं। उन्होंने कहा कि फरीदाबाद में प्रदूषण और पक्षियों के गायब होने के कारण कुछ अधिकारी हैं और यही अरावली पर अवैध निर्माण करवा रहे हैं इसलिए इन सबके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जा रहा हूँ। कान्त एन्क्लेव मामले पर उन्होंने कहा कि वहाँ बड़े बड़े लोग रहते हैं इसलिए उन्हें दया नहीं दंड मिलना चाहिए। मंगलवार सुप्रीम कोर्ट ने उसे ढहाने का आदेश दिया था उसे जल्द ध्वस्त कर देना चाहिए। एक वीडियो

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