किसान यूनियन के घेराव को देखते हुए बैक मैनेजर बैंक का ताला लगाकर हुए फुर्र

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बाबैन, 12 मार्च राकेश शर्मा: गांव संघौर में भारतीय किसान यूनियन के द्वारा किसानों के द्वारा लिए गए लोन की एवज में किसान के सेविंग खाते से रिकवरी करने के विरोध में भाकियू ने जोरदार नारेबाजी की और हरियाणा ग्रामीण बैंक के खिलाफ रोष व्यक्त करते हुए धरना प्रर्दशन किया। इससे पूर्व सभी किसान गांव संघौर मेंं एकत्रित हुए और इस कार्यक्रम की अध्यक्षता भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष कर्मसिंह मथाना ने की। काबिलेगौर है कि सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक संघौर के द्वारा गांव महुवाखेड़ी के किसान जसविन्द्र सिंह के सेविंग खाते में गन्ने के पैंमट आई थी और ग्रामीण बैंक के द्वारा गन्ने की पेमेंट बैंक के द्वारा दिए हुए लोन की एवज में काटने के विरोध में किसानों में भारी रोष पनप गया। किसान जसविन्द्र सिंह ने बताया कि सर्व हरियाणा ग्रामीण बैक संघौर के मैनेजर रघबीर सिंह दहिया से लोन के मामले में पहले बातचीत हो चुकी थी और कहा था की लोन मई माह में भर दिया जाएगा। लेकिन बैंक मैनेजर ने गन्ने की पेंमेट जो कि सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक के सेविंग खाते में आई तो जब वह पैसे निकालवाने के लिए बैक पहुंचा तो बैक मैनेजर ने बैंंक खाते से पैसे निकालने पर मना कर दिया। किसान ने बताया कि उसके छोटे भाई की घरवाली का इलाज पीजीआई चंडीगढ में चलने पर उसे पैसों की जरूरत थी जब वह सेंविग खाते से पैसे निकालवाने बैंक में गया तो बैंक मैनेजर ने अपनी मनमानी करते हुए उसे पेमैंट देने से इंकार कर दिया जिसे लेकर भारतीय किसान यूनियन ने बैंक के बाहर धरना प्रर्दशन किया। भाकियू के कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष कर्म सिंह मथाना ने रोष प्रर्दशन के दौरान संबोधित करते हुए कहा कि किसानों के सेविंग खाते से लोन की रिकवरी नही होने दी जाएगी और बैंक रिकवरी करने के लिए कोई और रास्ता निकाले। उन्होंने कहा कि यह किस बैक का नियम है कि किसी के सेविंग खाते में पैसे हो और उसके परिवार में कोई बीमारी से पीडि़त हो और उसे पैसे नही दिए जाए इसे लेकर प्रशासनिक अधिकारीयों को बैंक मैनेजर के खिलाफ कारवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकतर बैंकों द्वारा किसान को दिए हुए लोन के बदले में किसान की लाखों की जमीन रहन कर ली जाती है जबकि बैंक लोन के बदले दूगने से ज्यादा जमीन को रहन नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि बैंक किसानों के खिलाफ इस तरह के कार्य करना बंद करे। उन्होंने कहा कि बैंक द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों पर जबरदस्ती थोपी जा रही है और बैंकों के द्वारा किसान की सहमति के बीना ही धक्के से बीमा राशि खाते से काटी जा रही है। बैक किसानों से जबरदस्ती करना बंद करे अन्यथा किसानों को आनंदोलन छेडऩे पर मजबूर होना पड़ेगा। उन्होनें कहा कि अगर बैंक के द्वारा किसानों के इस मामले का जल्द निपटारा नहीं किया तो 20 मार्च को फिर से गांव संघौर में किसानों महापंचायत होगी। इस धरने प्रर्दशन में बाबैन थाना प्रभारी भूषणदास व बाबैन तहसीलदार अमित वर्मा अपने दल बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। इस मौके पर जिला प्रधान कृष्ण कलालमाजरा, बलकार सिंह, प्रैस प्रवक्ता राकेश बैंस, ब्लाक प्रधान लालसिंह, सुखविन्द्र भूखड़ी, मास्टर राजकिशन, पवन कुमार, गुरदयाल सिंह, ज्ञानचंद, बलजीत सिंह, मजीत सिंह संघौर, राजेंद्र नखरोजपुर, गुलाब सिंह, सलिन्द्र सिंह, बलिन्द्र सिंह, दर्शन सिंह ईशरहेड़ी, अजैब बडतौली, व अन्य किसान मौजूद रहे।

जब बैक के बाहर किसान यूनियन धरना प्रर्दशन कर रही थी तो बैंक मैनेजर रघबीर सिंह दहिया व बैक का स्टाफ मौके देखकर बैंक का ताला लगाकर वहा से फुर्र हो गए। लेकिन जैसे ही यह बात किसान यूनियन के नेताओं को पता चली तो वे भड़क उठे। उन्होंने बैंक पर ताला जड़कर मौके पर तहसीलदार अमित वर्मा से बात की और किसानों ने बैंक मैनेजर के खिलाफ कारवाई करने की मंाग की। तहसीलदार अमित वर्मा ने बैंक के आर.एम से बात करके बैंक के मैनेजर को मौके पर बुलाया और किसानों की इस समस्या का हल निकालने का प्रयास किया और कुछ देर बात तहसीलदार अमित वर्मा के प्रयास से बैक मैनेजर मौके पर पहुंचे और किसान नेताओं से बात करके उन्होंने मामले का हल निकालने के लिए एक सप्ताह का समय लिया।

क्या कहते है बैंक मैनेजर?
जब इस मामले के बारे में बैंक मैनेजर रघबीर सिह दहिया से बात की गई तो उनका कहना था कि कुछ किसान बैक का पैसा नही चुका रहे है और किसान की रिकवरी के लिए शुगर मिल की पैंमेट किसान के खाते में आई थी हम चाहते थे कि कुछ पैस लोन में की रिकवरी में लिया जाए लेकिन किसान यूनियन की सहायता लेकर बैंक की दिनचर्या में बाधा डाले और बैक को पैसे देने पर मजबूर कर दें। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर एक सप्ताह का समय किसान को दिया गया है और इस मामले को लेकर आला अधिकारीयों से बात करके इस मामले का निपटारा किया जाएगा।

क्या कहते है बाबैन तहसीलदार?
जब इस मामले को लेकर बाबैन तहसीलदार अमित वर्मा से बात की गई थी उनका कहना था कि किसान व बैंक मैनेजर से बात हो गई है और एक सप्ताह के भीतर इस मामले का निपटारा करवाने का प्रयास किया जाएगा।

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