भूले से इंसानों की बस्ती में आकर बारहसिंघा ने गंवा दी अपनी जान

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कुरुक्षेत्र, 20 मई राकेश शर्मा: हरियाणा अब तक : कुरुक्षेत्र के बाबैन में आज उस समय सनसनी फैल गई जब बाबैन की पंचायती जमीन में जाने वाले मुख्य रास्तें के साथ बने गंदे पानी की निकासी के नाले में घायल अवस्था में जीवित बारह सिंघा हिरननुमा एक जानवर पड़ा था जिसके सिर पर कई सींग थे। अपने खेत में चारा लेने गए हरदेव ने जब इस बारहसिंघा हिरननुमा जानवर जिसकों कुछ कुत्तें नोच रहे थे देखा तो उसने तुरंत अपने भाई की मदद से इस जानवर कों कुत्तों से बचाया। हरदेव इस जानवर की जान बचानें के लिए भरसक प्रयास किए और उसे प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध करवानें के उदे्श्य से तुरंत बाबैन में रह रहे पशुपालन विभाग के कर्मचारियों को सूचना देकर मौके पर बुलाया लेकिन कर्मचारियों ने वहा आकर चिकित्सा देने से साफ मना कर दिया। घायल अवस्था में पडे इस जानवर को समय पर प्राथमिक चिकित्सा न मिलने के कारण कुछ देर बाद इस जानवर ने दम तोड़ दिया। हरदेव ने इस घटना की सूचना 100 न बर पर पुलिस कंट्रोल रुम कुरुक्षेत्र को दी जहा से पुलिस ने घटना बारे कुरुक्षेत्र के उपायुक्त कैंप कार्यालय को अवगत करवाया गया। उपायुक्त कार्यालय कुरुक्षेत्र ने सूचना मिलते ही इस बारे वन्य प्राणी विभाग के अधिकारियों को मौके पर जाकर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सूचना मिले ही बाबैन के थाना प्रभारी छोटू राम, वन्य प्राणी विभाग के सहायक निरिक्षक तेजबीर ङ्क्षसह मौके पर पहुंच गए और उन्होंने मृत पड़े इस जानवर का निरिक्षण किया।
वन्य प्राणी विभाग के सहायक निरिक्षक तेजबीर ङ्क्षसह ने कहा कि यह हिरण प्रजाति का सा बर नामक जानवर है जो अक्सर पहाड़ी जंगलों में ही पाया जाता है। उन्होंने कहा कि यह जानवर यहा कैसे पहुंचा इस बारे कुछ भी कहना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि शायद यह जानवर अपना रास्ता भटक कर मैदानी ईलाके में आ गया और आवारा कुत्तों का शिकार हो गया है। उन्होंने कहा कि इस जानवर की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए इस जानवर का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।
पशु चिकित्सालय बाबैन में हुआ पोस्टमार्टम
इस बारह सिंघा हिरननुमा जानवर का पशु चिकित्सालय बाबैन में पशु चिकित्सक डा. रोहताश सैनी की निगरानी में पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम उपरांत मृत जानवर सा बर को वन्य प्राणी विभाग के अधिकारियों को सोंप दिया गया है। पशु चिकित्सक डा. रोहताश सैनी ने बताया कि इस पशु के शरीर पर चोट के निशान है और इसकी मौत प्रारंभिक दृष्टि से लीवर की नाली पर चोट लगने से बहे खून के कारण हुई लगती है। उन्होंने कहा कि इस जानवर की मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम की पुरी रिर्पोट आने के बाद ही चल सकेगा।

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