गोयल ने अपने दोस्त के खिलाफ नहीं माँगी टिकट, फरीदाबाद से पक्की हुई कृष्णपाल गुर्जर की टिकट?

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नई दिल्ली/ फरीदाबाद: हरियाणा भाजपा पूरी तरह से चुनाव मैदान में कूद गई है और लोकसभा चुनावों के लिए प्रत्याशियों का पैनल बनाया जा रहा है। इसी सिलसिले में सोमवार को लोकसभा चुनाव समिति की बैठक हुई। लोकसभा चुनाव प्रभारी कलराज मिश्र की अध्यक्षता में नयी दिल्ली में केंद्रीय राज्य मंत्री एवं फरीदाबाद के सांसद कृष्णपाल गुर्जर के सरकारी आवास पर हुई बैठक में सह-प्रभारी विश्वास सारंग भी मौजूद रहे। बैठक में गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के निधन पर 2 मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।

बैठक में सीएम मनोहर लाल खट्टर, प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला, संगठन महामंत्री सुरेश भट्ट, केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, कृष्णपाल गुर्जर, राष्ट्रीय सचिव सुधा यादव, शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा, वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु, कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़, अंबाला के सांसद रतनलाल कटारिया, प्रदेश महामंत्री संदीप जोशी व महिला मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष निर्मल बैरागी भी मौजूद रहे। इसमें प्रदेश की 10 में से 8 लोकसभा सीटों पर विचार-विमर्श किया गया। गुरुग्राम और फरीदाबाद सीटों पर कोई मनन नहीं हुआ। यहाँ से राव इंद्रजीत और कृष्णपाल गुर्जर के टिकट पर मुहर लगा दी गई है। फरीदाबाद से एक बड़ी खबर ये आ रही है कि यहाँ से किसी बड़े भाजपा नेता ने टिकट की मांग नहीं की है।

कहा जा रहा था कि उद्योगमंत्री विपुल गोयल टिकट मांग सकते हैं लेकिन वो भी शायद कृष्ण से पुरानी दोस्ती निभा रहे हैं। उन्होंने भी टिकट की मांग नहीं की है। पूर्व सांसद रामचंद्र बैंदा के पुत्र दयानन्द बैंदा ने शायद टिकट की मांग की है लेकिन उनके नाम पर विचार तक नहीं किया गया और कृष्णपाल गुर्जर के नाम पर मुहर लगा दी गई। अब सिर्फ पार्टी के केंद्रीय संसदीय बोर्ड की सहमति बकाया रह गई है। पांच वर्ष पहले 2014 के चुनाव में गुर्जर ने तीन बार के भाजपा सांसद रामचंद्र बैंदा के सामने पार्टी से लोकसभा टिकट मांगा था। तब गुर्जर ने कांग्रेस के अवतार भड़ाना को 4.67 लाख मतों के अंतर से हराया। गुर्जर को दोबारा टिकट दिए जाने के फैसले को राजनीतिक रूप से उनकी मजबूती के रूप में देखा जा रहा है।

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